Home /News /world /

ओमिक्रॉन वेरिएंट से बचाव के लिए वैक्सीन को अपडेट करेंगे वैज्ञानिक? जानें कैसे होगा ये संभव

ओमिक्रॉन वेरिएंट से बचाव के लिए वैक्सीन को अपडेट करेंगे वैज्ञानिक? जानें कैसे होगा ये संभव

ओमीक्रोन स्वरूप में इसके स्पाइक प्रोटीन में परिवर्तन का एक नया पैटर्न होता है.

ओमीक्रोन स्वरूप में इसके स्पाइक प्रोटीन में परिवर्तन का एक नया पैटर्न होता है.

Coronavirus Vaccine updates: कोरोना वायरस स्पाइक प्रोटीन का उपयोग मानव कोशिकाओं की सतह पर एसीई-2 रिसेप्टर्स से जुड़ने और उन्हें संक्रमित करने के लिए करते हैं. सभी एमआरएनए कोविड-19 टीके मैसेंजर आरएनए के रूप में निर्देश देकर काम करते हैं जो कोशिकाओं को स्पाइक प्रोटीन का बिना नुकसान पहुंचाने वाला संस्करण बनाने के लिए निर्देशित करते हैं.

अधिक पढ़ें ...

    वॉशिंगटन. कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट (Coronavirus Omicron Variant) से बचाव के लिए क्या वैज्ञानिक वैक्सीन को अपडेट (Updating of Vaccine) कर सकते हैं? मूल रूप से, यह एक सवाल है कि क्या एक वायरस इतना बदल गया है कि मूल वैक्सीन द्वारा बनाई गई एंटीबॉडी अब नए परिवर्तित स्वरूप को पहचानने और रोकने में सक्षम नहीं हैं? कोरोना वायरस स्पाइक प्रोटीन का उपयोग मानव कोशिकाओं की सतह पर एसीई-2 रिसेप्टर्स से जुड़ने और उन्हें संक्रमित करने के लिए करते हैं. सभी एमआरएनए कोविड-19 टीके मैसेंजर आरएनए के रूप में निर्देश देकर काम करते हैं जो कोशिकाओं को स्पाइक प्रोटीन का बिना नुकसान पहुंचाने वाला संस्करण बनाने के लिए निर्देशित करते हैं.

    यह स्पाइक प्रोटीन तब मानव शरीर को एंटीबॉडी बनाने के लिए प्रेरित करता है. यदि कोई व्यक्ति कभी भी कोरोना वायरस के संपर्क में आता है, तो ये एंटीबॉडी कोरोना वायरस के स्पाइक प्रोटीन से जुड़ जाते हैं और इस प्रकार उस व्यक्ति की कोशिकाओं को संक्रमित करने की उसकी क्षमता में बाधा डालते हैं.

    ओमिक्रॉन स्वरूप में इसके स्पाइक प्रोटीन में परिवर्तन का एक नया पैटर्न होता है. ये परिवर्तन वर्तमान टीकों से मिली एंटीबॉडी के स्पाइक प्रोटीन को बांधने की कुछ एंटीबॉडीज की क्षमता को बाधित कर सकते हैं – लेकिन शायद सभी की नहीं . यदि ऐसा होता है, तो टीके लोगों को ओमिक्रॉन प्रकार से संक्रमित होने और उसका प्रसार करने से रोकने में कम प्रभावी हो सकते हैं.

    नया टीके कैसे अलग होगा?
    मौजूदा एमआरएनए टीके, जैसे कि मॉडर्ना या फाइजर द्वारा बनाए गए टीके , कोरोना वायरस के मूल स्वरूप से स्पाइक प्रोटीन के लिए कोड बनाते हैं. एक नए या अद्यतन टीके में, एमआरएनए निर्देशों को ओमिक्रॉन स्पाइक प्रोटीन के लिए कूट बनाना होगा. इस नए स्वरूप से मूल स्पाइक प्रोटीन के आनुवंशिक कोड की अदला-बदली करके, एक नया टीका ऐसी एंटीबॉडीज बनाएगा जो ओमिक्रॉन वायरस को अधिक प्रभावी ढंग से बांधेगा और कोशिकाओं को संक्रमित करने से रोकेगा.

    वैक्सीन ले चुके लोगों को दी जाएगी बूस्टर डोज
    जिन लोगों को पहले से ही कोविड-9 का टीका लगाया जा चुका है या जो पहले से संक्रमित हैं, उन्हें नए टीके की केवल एक अतिरिक्त खुराक की आवश्यकता होगी ताकि न केवल नए स्वरूप से बल्कि अन्य स्वरूपों से भी सुरक्षा मिल सके जो अब भी मौजूद हो सकते हैं. यदि ओमिक्रॉन, डेल्टा से अधिक खतरनाक स्वरूप के रूप में उभरता है, तो जिन लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ है, उन्हें केवल अद्यतन टीके की 2-3 खुराक प्राप्त करने की आवश्यकता होगी. यदि डेल्टा और ओमिक्रॉन दोनों मौजूद हैं, तो लोगों को वर्तमान और अद्यतन टीकों का एक मिश्रण मिलने की संभावना है.

    ये भी पढ़ेंः- अल्ट्रासाउंड के दौरान भ्रूण की पोजिशन देख रहे थे डॉक्टर्स, तभी दिखा हैरान करने वाला विचित्र नजारा

    वैज्ञानिक किसी टीके को कैसे अद्यतन करते हैं?
    एक अद्यतन एमआरएनए टीका बनाने के लिए, आपको दो अवयवों की आवश्यकता होती है: चिंता के एक नए प्रकार से स्पाइक प्रोटीन का जीनोम सीक्वेंसिंग और एक डीएनए टेम्पलेट जिसका उपयोग एमआरएनए बनाने के लिए किया जाएगा. अधिकतर जीवों में, डीएनए एमआरएनए बनाने के लिए निर्देश प्रदान करता है. चूंकि शोधकर्ताओं ने ओमिक्रॉन स्पाइक प्रोटीन के लिए आनुवंशिक कोड पहले ही प्रकाशित कर दिया है, इसलिए केवल स्पाइक प्रोटीन के लिए एक डीएनए टेम्प्लेट बनाना बाकी है जिसका उपयोग नए टीकों के एमआरएनए भाग का उत्पादन करने के लिए किया जाएगा.

    नया टीका कब तक तैयार हो सकता है?
    एक नया एमआरएनए टीका बनाने के लिए आवश्यक डीएनए टेम्प्लेट तैयार करने में केवल तीन दिन लगते हैं. फिर प्रयोगशाला में जांच के लिए एमआरएनए टीके की पर्याप्त खुराक का उत्पादन करने में लगभग एक सप्ताह और टेस्ट ट्यूब में मानव कोशिकाओं पर प्री-क्लिनिकल ​​जांच करने के लिए छह सप्ताह का समय लगेगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि एक नया टीका प्रभावी है.

    इसलिए 52 दिनों के भीतर, वैज्ञानिकों के पास एक अद्यतन एमआरएनए टीका हो सकता है जो निर्माण प्रक्रिया में शामिल करने के लिए तैयार हो और मानव क्लिनिकल परीक्षण के लिए खुराक का उत्पादन शुरू कर सके. अगर यह पता चलता है कि ओमिक्रॉन – या भविष्य का कोई स्वरूप सामने आने पर – एक नया टीका जरूरी हो जाता है, तो कंपनियां पहले ही तैयारी पूरी कर चुकी हैं और चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं.

    Tags: Corona vaccine, Corona Vaccine in India, Corona vaccine news, Corona Vaccine Update

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर