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वैज्ञानिकों ने खोजा 14 करोड़ साल पहले समुद्र में डूबा महाद्वीप 'ग्रेटर एड्रिया'

News18Hindi
Updated: October 4, 2019, 6:11 PM IST
वैज्ञानिकों ने खोजा 14 करोड़ साल पहले समुद्र में डूबा महाद्वीप 'ग्रेटर एड्रिया'
र साल बड़ी संख्या में लोग इस महाद्वीप पर छुट्‌टी मनाने आते हैं, लेकिन उन्‍हें यह पता ही नहींं था कि यह ग्रेटर एड्रिया है.

गोंडवाना रिसर्च जनरल (Gondwana Research Journal) में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रेटर एड्रिया (Greater Adria) उत्‍तरी अफ्रीका (North Africa) से अलग होकर भूमध्‍य सागर (Mediterranean Sea) में खो गया था. यह महाद्वीप ग्रीनलैंड (Greenland) के बराबर बड़ा है.

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  • Last Updated: October 4, 2019, 6:11 PM IST
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वॉशिंगटन. वैज्ञानिकों को खोज करते-करते एक ऐसी चीज हाथ लग गई है, जिससे वे ही नहीं पूरी दुनिया चौंक गई है. दरअसल, शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि उन्‍होंने 14 करोड़ साल पहले उत्‍तरी अफ्रीका (North Africa) से टूटकर अलग हुए और भूमध्‍य सागर (Mediterranean Sea) में डूब गए महाद्वीप (Continent) को खोज निकाला है. गोंडवाना रिसर्च जर्नल में (Gondwana Research Journal) इस महीने छपी रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रीनलैंड (Greenland) के आकार के इस महाद्वीप का नाम ग्रेटर एड्रिया (Greater Adria) है. यहां यह स्‍पष्‍ट कर दें कि ग्रेटर एड्रिया खोजा जा रहा शहर अटलांटिस नहीं है.

हर साल लोग इसी महाद्वीप पर छुट्टी मनाने आते हैं
उट्रेख्त विश्वविद्यालय में प्रोफेसर डेव वान हिंसबर्गेन ने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में लोग इस महाद्वीप पर छुट्‌टी मनाने आते हैं, लेकिन उन्‍हें यह पता ही नहींं था कि यह ग्रेटर एड्रिया है. जांच में हमने पाया कि यहां की अधिकांश पर्वत श्रृंखलाएं एकल महाद्वीप से पैदा हुई थीं. ये पर्वत श्रृंखलाएं 20 करोड़ साल पहले उत्तरी अफ्रीका से अलग हुई थीं. इस महाद्वीप पर एक मात्र बचा हुआ भाग एक पट्टी है, जो इटली के ट्यूरिन शहर से होते हुए एड्रियाटिक सागर तक जाती है. इस क्षेत्र को भूवैज्ञानिक एड्रिया कहते आए हैं. इसलिए शोधकर्ताओं ने इस महाद्वीप को ग्रेटर एड्रिया नाम दिया है.

ग्रेटर एड्रिया में चट्टानों से धीरे-धीरे बनीं पर्वत श्रृंखलाएं

भूमध्यसागरीय क्षेत्र में भूवैज्ञानिकों की प्लेट टेक्टोनिक्स को लेकर अलग समझ है. प्लेट टेक्टोनिक्स वह सिद्धांत है, जिससे पता चलता है कि महासागरों, महाद्वीपों और पृथ्वी के अन्य हिस्सों का निर्माण कैसे होता है. शोधकर्ताओं के मुताबिक, ग्रेटर एड्रिया का अधिकांश भाग पानी के अंदर था. साथ ही उथले समुद्र, प्रवाल भित्तियों और तलछटों से ढंका हुआ था. इन तलछटों की चट्टानें बनीं. धीरे-धीरे ये चट्टानें पर्वत श्रृंखला में तब्‍दील हो गईं. इनसे ही आल्प्स, एपिनेन्स, बाल्कन, ग्रीस और तुर्की के पर्वतों का निर्माण हुआ.

पहले भी शोधकर्ता कर चुके हैं महाद्वीप खोजने के दावे
शोधकर्ताओं ने इससे पहले जनवरी, 2017 में सुपरकॉन्टिनेंट गोंडवाना से अलग हुए एक महाद्वीप की खोज की घोषणा की थी. वहीं, इसी महीने दूसरे शोधकर्ताओं ने दक्षिण प्रशांत महासागर में ड्रिलिंग कर जीलैंडिया के खोए महाद्वीप का पता लगाने का दावा किया था.
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First published: October 4, 2019, 6:11 PM IST
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