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वैज्ञानिकों ने खोजीं 70 दवाएं, जो कोरोना वायरस के रोगियों के इलाज में हो सकती हैं कारगर

News18Hindi
Updated: March 23, 2020, 4:12 PM IST
वैज्ञानिकों ने खोजीं 70 दवाएं, जो कोरोना वायरस के रोगियों के इलाज में हो सकती हैं कारगर
रिसर्चरों ने कोरोना वायरस के इलाज के लिए 69 दवाओं और मिश्रणों की एक लिस्ट बनाई है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

इनमें से कुछ दवाओं (Medicines) का पहले से ही दूसरे रोगों के उपचार में इस्तेमाल किया जा रहा है. अब उनकी मदद कोरोना वायरस (Coronavirus) के इलाज में भी ली जा सकती है. डॉक्टरों का मानना है कि ऐसा करना किसी नई एंटी-वायरल दवा (Anti-viral drug) को नए सिरे से बनाने से ज्यादा कारगर होगा.

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  • Last Updated: March 23, 2020, 4:12 PM IST
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रिसर्चरों (Researchers) की एक टीम ने रविवार की रात बताया है कि करीब 70 दवाओं और प्रायोगिक मिश्रण (drugs and experimental compounds) कोरोना वायरस (Coronavirus) के इलाज में कारगर हो सकते हैं. इनमें से कुछ का इस्तेमाल पहले से ही दूसरे रोगों के उपचार के लिए किया जा रहा है. अब उनका इस्तेमाल COVID-19 के इलाज में भी किया जा सकता है. डॉक्टरों का मानना है कि यह तरीका कोरोना वायरस के इलाज के लिए बिल्कुल नए सिरे से किसी दवा की खोज करने के मुकाबले ज्यादा कारगर होगा.

bioRxiv नाम की वेबसाइट पर दवाओं की यह लिस्ट प्रकाशित की गई है. रिसर्चरों (Researchers) ने इस पेपर को एक जर्नल (Journal) में प्रकाशित होने के लिए भेजा है. इस लिस्ट को बनाने के लिए रिसर्चरों ने कोरोना वायरस (जिसे सार्स-CoV-2 नाम से भी जाना जाता है) के एक असामान्य जीन का अध्ययन किया.

फेफड़े की कोशिकाओं में उनकी आनुवांशिक बनावट लेकर दाखिल होता है कोरोना
फेफड़े की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने के लिए कोरोना वायरस को इनमें अपने जीन दाखिल करने पड़ते हैं, ऐसा यह कोशिका की अपनी आनुवांशिक बनावट (genetic machinery) को अपनाकर करता है. जिसके बाद कोशिका बड़ी संख्या में वायरल प्रोटीन का निर्माण करने लगती हैं, जिसका इस्तेमाल लाखों की संख्या में नए वायरस पैदा करने में होता है.



लेकिन यह प्रक्रिया तभी जारी रह सकती है जब ऐसे सभी वायरल प्रोटीन (Viral Protein), आवश्यक मानव प्रोटीन को रोक पाने में सक्षम रहें.

वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के 29 में से 26 जीन का लगाया पता
एक नई स्टडी में, वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के 29 जीन में से 26 का पता लगा लिया है, जो सीधे वायरल प्रोटीन का उत्पादन करते हैं. इसके अलावा रिसर्चरों ने 332 ऐसे मानवीय प्रोटीन (human proteins) का पता भी लगा है, जिन्हें कोरोना वायरस शिकार बनाता है.

कुछ वायरल प्रोटीन, केवल एक मानवीय प्रोटीन को शिकार बनाते समझ आते हैं. जबकि दूसरे वायरल प्रोटीन एक दर्जन मानव कोशिकीय प्रोटीन (human cellular proteins) को शिकार बना पाने में सक्षम होते हैं.

पेरिस की लैब ने कोरोना वायरस पर शुरू किया 22 मिश्रणों का परीक्षण
रिसर्चरों ने एक ऐसी दवा भी ईजाद कर ली है जो उस कोशिका की रक्षा कर सकती है, जिसे कोरोना वायरस शिकार बनाता है और जिसके जरिए वह फेफड़ों को प्रभावित करता है. इसके अलावा टीम ने इस लिस्ट में 24 ऐसी दवाओं को भी शामिल किया है, जिन्हें खाद्य एवं औषधि विभाग ने इससे बेहद अलग रोगों जैसे- कैंसर (Cancer), पार्किंसन्स डिजीज और हाइपरटेंशन आदि रोगों के लिए अप्रूव किया है.

इस रिसर्च के अलावा पेरिस में एक अलग रिसर्च में रिसर्चरों ने इस लिस्ट में मौजूद 22 अन्य मिश्रणों (Other  compounds) की टेस्टिंग जिंदा कोरोना वायरस (जिन्हें लैब ने खुद ही पैदा किया) पर रविवार की रात से ही शुरू कर दी है. हालांकि फिलहाल उन्हें नतीजों का इंतजार है.

सबसे पहले न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित यह पूरा लेख अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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First published: March 23, 2020, 4:01 PM IST
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