जर्मनी के वैज्ञानिकों ने बताया, कैसे कैंटीन में नमक की शीशी देने भर से ही फैला कोरोना

जर्मनी के वैज्ञानिकों ने बताया, कैसे कैंटीन में नमक की शीशी देने भर से ही फैला कोरोना
इंदौर में कोरोना के संक्रमण से अब तक 27 लोगों की मृत्यु हो गई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

गौरतलब है कि जर्मनी में कोरोना वायरस के अब तक 1.20 लाख केस सामने आ चुके हैं, जिसमें से 2600 लोगों की मौत हो चुकी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 10, 2020, 1:11 PM IST
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बर्लिन. कोरोना वायरस (Corona Virus) से बचना है तो सोशल ​​डिस्टेंस का पालन करना ही होगा. प्रधानमंत्री मोदी (Narendra Modi) ने भी इसी को ध्यान में रखते हुए 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की थी. लॉकडाउन (Lockdown) का मकसद ही लोगों को भीड़ से बचाना था. अब सवाल ये उठता है कि कोरोना वायरस की जंग में सोशल डिस्टेंसिंग ही सबसे बड़ा ह​थियार कैसे साबित हो रहा है. इसका जवाब अब जर्मन (Germany) वैज्ञानिकों ने दिया है. जर्मनी के वैज्ञानिकों ने दो लोगों के बीच कोरोना वायरस के फैलने की कड़ी का पता लगा लिया है. वैज्ञानिकों की शोध में पता चला है कि कैंटीन में जब एक कर्मचारी ने दूसरे को नमक की शीशी दी, उससे ही कोरोना ट्रांसफर हो चुका था. इस तरह वैज्ञानिकों ने इस पूरी चेन का ही पता लगा लिया.

ये पूरा मामला जर्मनी के बावरिया में म्यूनिख के पास की नगरपालिका स्टॉकडोर्फ का है. स्टॉकडोर्फ की आबादी करीब 4 हजार के करीब है. यहां रहने वाले कुछ लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई थी. इसके बाद वैज्ञानिकों ने इसकी चेन का पता लगाने का प्रयास तेज किया. जांच में पता चला कि यहां पर एक चीनी महिला वेबस्टो ग्रुप नाम की कार के पार्ट्स सप्लाई करने वाली कंपनी में आई थी. म​हिला यहां पर काफी दिन रही और उसने यहां की कैटीन में खाना भी खाया. इससे वहां पर कई लोगों को कोरोना का संक्रमण हो गया.

डॉक्टर क्लेमेंस वेंडनर ने बताया कि इस चेन को तोड़ने के लिए काफी बारीक टेस्ट करने की जरूरत थी. वेंडनर ने इस चेन का पता लगाने के लिए एक टीम बनाई. इस टीम ने ही सरकार को सुझाव दिया कि यहां पर लॉकडाउन किया जाए. इसके बाद 22 मार्च को पूरी जर्मनी में लॉकडाउन कर दिया गया.



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कैसे एक महिला से फैलता गया कोरोना
जांच में पता चला कि 27 जनवरी को वेबस्टो कंपनी के सीईओ होल्गर इंगलमैन ने अथॉरिटी को बताया था कि उनके यहां पर एक कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित है. वह शंघाई की रहने वाली है और कुछ दिन पहले ही वेबस्टो हेडक्वार्टर में एक वर्कशॉप और मीटिंग में हिस्सा लेने आई थी. जांच में पता चला कि महिला के माता-पिता वुहान में रहते हैं जो उससे मिलने कुछ दिन पहले ही वुहान से आए थे. जांच में पता चला कि मीटिंग के दौरान जिस-जिस से हाथ मिलाया था वह कोरोना संक्रमित थे. बताया जाता है शंघाई की यही महिला जर्मनी की पहली कोरोना वायरस की पहली केस थी. हालांकि कंपनी ने उसके नाम का खुलासा नहीं किया. वैज्ञानिकों ने बताया कि महिला ने मीटिंग के बाद कैंटीन में खाना खाया था. इसी दौरान उसने एक कर्मचारी से नमक मांगा. नमक देने के दौरान उस कैंटीन कर्मी को भी कोरोना हो गया.

जर्मनी में 1.20 लाख लोग कोरोना से संक्रमित
बता दें कि इसी चेन का पता लगाते हुए यहां के वैज्ञानिकों ने आखिरी संक्रमित व्यक्ति का भी पता लगा लिया. गौरतलब है कि जर्मनी में कोरोना वायरस के अब तक 1.20 लाख केस सामने आ चुके हैं, जिसमें से 2600 लोगों की मौत हो चुकी है.

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