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संग्रहालय में रखे जानवरों के साथ भी होता है लिंगभेद


Updated: October 23, 2019, 10:39 AM IST
संग्रहालय में रखे जानवरों के साथ भी होता है लिंगभेद
लंदन के नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम में रखा भालू. (चित्र- नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम, लंदन)

लंदन (London), वाशिंगटन (Washington), शिकागो (Chicago), न्यू यॉर्क (New York) और फ्रेंच नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री (French National Museum of Natural History) में रखे जानवरों के बीच लिंगभेद पाया गया है.

  • Last Updated: October 23, 2019, 10:39 AM IST
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लंदन. महिलाओं के साथ लिंगभेद (Gender Bias) की खबरें आम हैं. पुरुषों के साथ बराबरी के अधिकार के लिए महिला अधिकार कार्यकर्ता (Women Rights) सदियों से संघर्ष कर रहीं हैं. इन आंदोलनों के असर से कहीं-कहीं सकारात्मक बदलाव भी हुए हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंसानों की तरह जानवरों में भी लिंगभेद किया जा रहा है. एक शोध से जो निष्कर्ष निकले हैं वो इसी तरफ इशारा कर रहे हैं. दुनिया के कुछ बड़े नेचुरल हिस्ट्री म्युजियम (Natural History Museum) पर जानवरों के साथ भी लिंगभेद करने के आरोप लगे हैं.

शोधकर्ताओं ने दुनिया के पांच बड़े प्राकृतिक इतिहास के संग्रहालयों में सर्वेक्षण में मादा और नरों के अनुपात में बराबरी नहीं पाई गई. लंदन (London), वाशिंगटन (Washington), शिकागो (Chicago), न्यू यॉर्क (New York) और फ्रेंच नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री (French National Museum of Natural History) में रखे जानवरों के बीच लिंगभेद पाया गया है.

शोध के दौरान इन संग्रहालयों में बीस लाख से अधिक जानवरों का सर्वे किया गया. चौकाने वाली बात यह है कि फूड चेन (Food Chain) में सबसे ऊपर माने जाने वाले शेर और चीता मादाएं भी लिंगभेद का शिकार हुई हैं. पक्षियों में यह अनुपात नर के पक्ष में 40 के मुकाबले 60 फीसदी का है.

Natural History Museum, London
लंदन का नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम. (चित्र- नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम, लंदन)


शोधकर्ताओं ने इसे चिंता का विषय इसलिए माना है क्योंकि ऐसे संग्रहालय जानवरों पर शोध के लिए संदर्भ का प्रमुख स्रोत होते हैं. यहां लिंगानुपात सही न होने से भविष्य में होने वाले शोध के निष्कर्ष पर असर पड़ सकता है. सही मात्रा में सैंपलिंग विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए सबसे अहम है.

स्तनधारी जानवरों में लिंगानुपान नर के पक्ष में 52 फीसदी है. जिन जावनरों का नमूना भविष्य के संदर्भों क लिए संग्रहालय में रखा गया है उनमें लिंगानुपात और भी निराशाजनक पाया गया.

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लंदन के नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम में रखा शुतुरमुर्ग. (चित्र- नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम, लंदन)

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पक्षियों में केवल 27 फीसदी और स्तनधारियों में 39 फीसदी मादाओं का नमूना ही संग्रहित किया गया है.

लिंगानुपात नें इस अंतर का कारण संभवतः मोर के पंख और शेर के अयाल को माना जा रहा है. इन दोनों ही मामलों में नर के प्रति संग्रहालय आने वाले लोगों का आकर्षण अधिक माना गया.

जिन संग्रहालयों में यह सर्वे किया गया उनमें 1751 से लेकर 2018 तक के संग्रहित किए गए जानवरों का नमूना लिया गया है. इतने लंबे अंतराल के बावजूद जानवरों के प्रति लिंगभेद में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला.

Lion
लंदन के नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम में रखा शेर. (चित्र- नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम, लंदन)


शोध में शामिल नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम की डॉ. नताली कूपर ने बताया कि संग्रहालय वाले विशालकाय भालू या फिर प्रभावशाली सींघ वाले जानवरों को तवज्जो देते हैं. लिंगभेद की बड़ी वजह यही हो सकती है.

लिंगभेद के प्रति दुनियाभर में आई जागरुकता से भी संग्रहकर्ताओं की सोच में कोई बदलाव नहीं आया. हालही में संग्रहित किए गए नमूनों में भी लिंगभेद पाया गया.

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First published: October 23, 2019, 10:39 AM IST
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