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कोरोनावायरस: चीन में फंसे नागरिकों को नहीं लाएगा पाकिस्तान, लोगों ने कहा- शर्म करो इमरान

News18Hindi
Updated: February 2, 2020, 4:30 PM IST
कोरोनावायरस: चीन में फंसे नागरिकों को नहीं लाएगा पाकिस्तान, लोगों ने कहा- शर्म करो इमरान
पाकिस्‍तान के लोगों ने कोरोनावायरस को लेकर इमरान खान को जलील किया है.

पाकिस्तान (Pakistan) ने चीन (China) जाने वाली सारी फ्लाइट को रद्द कर दिया है. ऐसे में वहां फंसे किसी को भी निकलने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है.

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  • Last Updated: February 2, 2020, 4:30 PM IST
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इस्लामाबाद. चीन में कोरोनावायरस (coronavirus) से अब तक 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. हर दिन मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है. इस बीच, भारत ने वुहान में फंसे अपने 647 नागरिकों को स्पेशल फ्लाइट भेज कर वापस बुला लिया है. लेकिन पाकिस्तान के हज़ारों छात्र अब भी वहां फंसे हैं. लोग सरकार से बाहर निकालने के लिए मदद मांग रहे हैं. लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने इन्हें वापस लाने से मना कर दिया है. लिहाजा सोशल मीडिया पर लोग इमरान खान की आलोचना कर रहे हैं.

सरकार की दलील है कि वहां चीन की तरफ से उनके नागरिकों को अच्छी मेडिकल सुविधाएं मिल रही है. पाकिस्तान में इनके परिवारवाले सरकार पर उन्हें वापस लाने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन सरकार सुनने के लिए तैयार नहीं है. सरकार का कहना है कि उन्हें वहां से लाना खतरे से खाली नहीं है.



वुहान में फंसे एक पाकिस्तानी स्टूडेंट ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि वो लोग घंटों तक खुद को रूम में बंद करके रखते हैं.


पाकिस्‍तानी राष्‍ट्रपति हुए ट्रोल
वहीं पाकिस्तान के राष्ट्रपति डॉक्टर आरिफ अल्वी छात्रों को अजीब सलाह देने पर ट्रोल हो गए. डॉक्टर आरिफ अल्वी ने कहा था कि अगर कहीं प्लेग फैलता है तो जो लोग जहां हैं उन्हें वहीं रहना चाहिए. उन्होंने अपने ट्वीट में प्रोफेट मोहम्मद के दिशा-निर्देशों का हवाला दिया था.



कोरोना वायरस की जांच के लिए केवल एक स्वैब नमूना ही पर्याप्त: WHO
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डबल्यूएचओ) ने कोरोना वायरस को लेकर नए निर्देश जारी करते हुए कहा है कि इसकी जांच के लिये दो नहीं बल्कि केवल एक ही स्वैब नमूना काफी है. महाराष्ट्र के एक वरिष्ठ स्वास्थ अधिकारी ने रविवार को यह बात कही. अधिकारी ने कहा कि डबल्यूएचओ के निर्देशों से नमूनों की तेजी से जांच सुनिश्चित होगी. इनसे कोरोना वायरस से निपटने में भी तेजी आएगी.

महाराष्ट्र के रोग निगरानी अधिकारी डॉक्टर प्रदीप आवते ने पीटीआई-भाषा को बताया, 'हमें डबल्यूएचओ की ओर से नये निर्देश मिले हैं, जिसमें सुझाव दिया गया है कि नोवेल कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिये केवल एक स्वैब नमूना ही काफी है. हम अभी तक जांच के लिये प्रत्येक रोगी के दो नमूने पुणे के राष्ट्रीय विषाणु-विज्ञान संस्थान (एनआईवी) को भेज रहे थे.'

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First published: February 2, 2020, 3:38 PM IST
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