बैंकॉक: आसियान से इतर शिंजो आबे और मून ने की 'फ्रेंडली' वार्ता, दोनों देशों के बीच 1 साल से था तकरार

जापान और दक्षिण कोरिया के बीच बंधुआ मजदूरों का इस्तेमाल करने को लेकर विवाद है
जापान और दक्षिण कोरिया के बीच बंधुआ मजदूरों का इस्तेमाल करने को लेकर विवाद है

दक्षिण कोरियाई (South Koria) राष्ट्रपति की प्रवक्ता को मिन जंग ने बताया कि मून जे इन (Moon Jae In) और शिंजो आबे (Shinzo Abe) ने बैंकॉक में आसियान और तीन क्षेत्रीय देशों के सम्मेलन से इतर 11 मिनट की बेहद दोस्ताना और गंभीर बातचीत हुई.

  • Share this:
बैंकॉक. दक्षिण कोरिया (South Koria) के राष्ट्रपति मून जे इन (Moon Jae In) और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे (Shinzo Abe) ने एक साल से भी अधिक समय के बाद सोमवार को वार्ता की. दोनों ही देश अमेरिका (America) के सहयोगी हैं और दोनों के सामने परमाणु हथियार सम्पन्न उत्तर कोरिया और ‘लगातार उग्र’ होते जा रहे चीन का खतरा है.

सियोल और तोक्यो के बीच द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान द्वारा बंधुआ मजदूरों का इस्तेमाल करने को लेकर विवाद है और दोनों देशों के संबंध बेहद तल्ख चल रहे हैं.

सम्मेलन से इतर 11 मिनट हुई बातचीत
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की प्रवक्ता को मिन जंग ने बताया कि मून और आबे ने बैंकॉक में आसियान और तीन क्षेत्रीय देशों के सम्मेलन से इतर 11 मिनट की बेहद दोस्ताना और गंभीर बातचीत हुई. हालांकि उन्होंने किसी ठोस निष्कर्ष के कोई संकेत नहीं दिए.
उन्होंने कहा, ‘दोनों नेताओं का यह मानना था कोरिया और जापान के संबंध महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने इस सिद्धांत की पुष्टि की कि द्विपक्षीय मुद्दों का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए.’



दोनों देशों के बीच चल रही थी तल्खी
दक्षिण कोरिया की अदालतों ने बेहद पुराने मुद्दों से जुड़े मामलों में हाल के कुछ महीनों में जापान की कंपनियों के खिलाफ कई आदेश दिए हैं. जुलाई में जापान ने दक्षिण कोरियाई कंपनियों द्वारा निर्मित कुछ उत्पादों पर निर्यात नियंत्रण सख्त कर दिए थे. दोनों देशों ने एकदूसरे पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज