जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या से जर्मनी स्तब्ध, नक्सलवाद के खिलाफ उठाएंगे कड़े कदम: स्टीफन सीबर्ट

जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या से जर्मनी स्तब्ध, नक्सलवाद के खिलाफ उठाएंगे कड़े कदम: स्टीफन सीबर्ट
जर्मनी सरकार के प्रवक्ता स्टीफन सीबर्ट (फाइल फोटो)

स्टीफन सीबर्ट (Steffen Seibert) उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि जर्मनी में भी नस्लवाद है. हर एक समाज, जिसमें हमारा देश भी शामिल है सभी को इस नक्सलवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने की जरूरत है.

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बर्लिन. जर्मनी सरकार के प्रवक्ता स्टीफन सीबर्ट (Steffen Seibert) ने बुधवार को कहा कि जर्मन सरकार, एक निहत्थे अमेरिकी अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड (George Floyd) की मौत से स्तब्ध है. उन्होंने बुधवार को कहा कि नक्सलवाद को खत्म करने के लिये अमेरिका को अन्य देशों की तरह कदम उठाना चाहिए. प्रवक्ता स्टीफन सीबर्ट ने कहा, 'जॉर्ज फ्लॉयड की मौत से जर्मनी और पूरी दुनिया में शोक है. इससे संघीय सरकार (जर्मनी की) को भी झटका लगा है. यह एक भयावह मौत है.'

स्टीफन सीबर्ट उन्होंने कहा, 'मुझे यकीन है कि जर्मनी में भी नस्लवाद है. हर एक समाज, जिसमें हमारा देश भी शामिल है सभी को इस नक्सलवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने की जरूरत है.

क्या है मामला
वाशिंगटन के मिनियापोलिस में जॉर्ज फ्लॉयड को एक दुकान में नकली बिल का इस्तेमाल करने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था. पुलिस के मुताबिक, जॉर्ज पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने 20 डॉलर (करीब 1500 रुपये) के फर्जी नोट के जरिए एक दुकान से खरीदारी की कोशिश की. इसके बाद एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पुलिस अधिकारी को घुटने से आठ मिनट तक जॉर्ज फ्लॉयड की गर्दन दबाते हुए देखा गया. वीडियो में जॉर्ज कहते हुए सुना जा सकता है कि मैं सांस नहीं ले सकता (आई कांट ब्रीद). बाद में फ्लॉयड की चोटों के कारण मौत हो गई.
25 मई के बाद शुरू हुए प्रदर्शन


जॉर्ज फ्लॉयड के परिवार ने अपने स्तर से कराए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट जारी कर दी है. पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर माइकल बेडेन और एलेशिया विल्सन के अनुसार गर्दन और पीठ पर दबाव के कारण फ्लॉयड की मौत दम घुटने से हुई. फ्लॉयड के वकील बेन क्रंप ने बताया कि पुलिस अधिकारी द्वारा घुटने से फ्लॉयड की गर्दन को दबाए रखने से दिमाग में रक्त का प्रवाह नहीं हो पाया. पीठ पर बोझ से उसे सांस लेने में कठिनाई हुई. अधिकारी के काफी देर तक गले दबाये जाने के कारण जॉर्ज को दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई. पुलिस का कहना था कि जॉर्ज ने गिरफ्तारी का शारीरिक रूप से विरोध किया, इसके बाद बल प्रयोग किया गया. फ्लॉयड की मौत की खबर जंगल की आग की तरह फैल गई और मिनियापोलिस में 25 मई के बाद प्रदर्शन शुरू हो गए. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पुलिस वालों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उन पर हत्या का केस दर्ज होना चाहिए.

डेरेक चाउविन गिरफ्तार
मामले में श्वेत अधिकारी डेरेक चाउविन को गिरफ्तार कर लिया गया और उन पर शुक्रवार को थर्ड डिग्री हत्या और मानव वध का आरोप लगाया गया. यदि वह हत्या के दोषी ठहराए जाते हैं, तो उन्हें 35 साल से अधिक जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है. मामले में चाउविन के साथ घटनास्थल पर मौजूद तीन अन्य अधिकारियों को भी बर्खास्त कर दिया गया. बाकी तीन अफसरों का हत्‍या का आरोप नहीं लगाया गया है.

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