सिंगापुर का ये चीनी जासूस फंसाता था अमेरिकी नागरिकों को, कबूला जुर्म

सिंगापुर का ये चीनी जासूस फंसाता था अमेरिकी नागरिकों को, कबूला जुर्म
सिंगापुर कe नागरिक जुन वेई येओ उर्फ डिक्सन येओ (फाइल फोटो)

FBI वाशिंगटन फील्ड ऑफिस के सहायक निदेशक प्रभारी टिमोथी आर स्लेटर ने कहा कि येओ ने स्वीकार किया कि उन्होंने न केवल चीनी खुफिया विभाग को अहम जानकारियां दी, बल्कि उसने अमेरिका (America) में भी इस काम के लिए लोगों को जानबूझकर भर्ती किया.

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वाशिंगटन. अमेरिका के न्याय मंत्रालय ने कहा कि सिंगापुर (Singapore) के एक नागरिक ने चीन का जासूस होने का जुर्म स्वीकार कर लिया है. सिंगापुर के नागरिक जुन वेई येओ उर्फ डिक्सन येओ ने अमेरिका (America) के भीतर विदेशी ताकत का अवैध एजेंट होने के जुर्म को स्वीकार करने वाली याचिका दाखिल की. न्याय मंत्रालय की राष्ट्रीय सुरक्षा इकाई के लिए अमेरिका के सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन सी डेमर्स ने कहा कि चीनी सरकार ऐसे अमेरिकियों से संवेदनशील जानकारी जुटाने के लिए छल कपट का जाल बुनती है जिन पर किसी तरह का संदेह नहीं होता.

डेमर्स ने कहा, 'येओ भी एसी ही एक योजना के केन्द्र में था और करियर नेटवर्किंग साइट और फर्जी कंसल्टिंग साइट के जरिए ऐसे अमेरिकी नागरिकों को फंसाता था जो चीन की सरकार के काम आ सकते हों. यह अमेरिकी समाज के खुलेपन का फायदा उठाने के चीन की सरकार के उत्पीड़न का एक और उदाहरण है.' कोलंबिया के कार्यवाहक अमेरिकी अटॉर्नी माइकल आर शेरविन ने कहा कि जुर्म कबूलने की याचिका उन तारीकों को रेखांकित करती है जिनका इस्तेमाल चीनी सरकार संवेदनशील सरकारी सूचनाओं तक पहुंच रखने वाले अमेरिकियों को अपना शिकार बनाने के लिए लगातार कर रही है. इनमें इंटरनेट और चीन के बाहर के नागरिकों का इस्तेमाल करना शामिल है और ये ऐसे अमेरिकों का इस्तेमाल करते हैं जो कभी अमेरिका से बाहर नहीं जाते.

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साल 2015 से शुरू किया काम
एफबीआई वाशिंगटन फील्ड ऑफिस के सहायक निदेशक प्रभारी टिमोथी आर स्लेटर ने कहा कि येओ ने स्वीकार किया कि उन्होंने न केवल चीनी खुफिया विभाग को अहम जानकारियां दी, बल्कि उसने अमेरिका में भी इस काम के लिए लोगों को जानबूझकर भर्ती किया. याचिका के अनुसार येओ ने 2015 में चीनी खुफिया अधिकारी के साथ काम करना शुरू किया और पहले इनका निशाना एशिया के देश थे, बाद में इन्होंने अमेरिका पर ध्यान केन्द्रित किया.
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