कोरोना महामारी के दौर में बच्चा पैदा करने वाले कपल्स को ये देश देगा आर्थिक मदद

सिंगापुर कोरोना के दौरान बच्चे पैदा करने वाले कपल्स को देगा आर्थिक मदद (प्रतीकात्मक फोटो)
सिंगापुर कोरोना के दौरान बच्चे पैदा करने वाले कपल्स को देगा आर्थिक मदद (प्रतीकात्मक फोटो)

Coronavirus Update: सिंगापुर (Singapore) सरकार ने ऐलान किया है कि वे कपल्स जो महामारी के दौर में बच्चा पैदा करने की सोच रहे हैं उनके लिए विशेष आर्थिक सहायता दी जाएगी. सरकार के मुताबिक ये रकम सीधे उनके खातों में पहुंचाई जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 7, 2020, 12:56 PM IST
  • Share this:
सिंगापुर. कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के इस समय में बच्चा पैदा करने में रूचि रखने वाले अभिभावकों को सिंगापुर (Singapore) सरकार आर्थिक मदद देने जा रही है. सरकार ने एलान किया है कि ऐसे कपल्स के लिए एकमुश्त राशि का प्रबंध किया जा रहा है. देश के उप-प्रधानमंत्री हेंग स्वी कीट (Heng Swee Keat) ने कहा कि प्रोत्साहन राशि से उन लोगों को मदद मिलेगी जो वित्तीय दबाव का सामना कर रहे हैं, हमें ऐसे लोगों की चिंता है जिनसे कोरोना ने नौकरी छीन ली है.

CNN के मुताबिक हेंग स्वी कीट ने संसद में कहा कि कुछ महत्वाकांक्षी अभिभावकों ने कोरोना वायरस के कारण पेरेंट्स प्लान को स्थगित करने का मन बनाया है. उन्होंने कहा कि फीडबैक में हमारे सामने यह चीज आई है. जब वे आय को लेकर अनिश्चितता का सामना करते हैं, तो यह बात पूरी तरह से समझ में आती है. हेंग ने बताया कि पेमेंट से उन्हें अपने खर्चों में सहयोग मिलेगा लेकिन यह नहीं बताया कि कितनी धनराशि प्रोत्साहन के रूप में अभिभावकों को दी जाएगी. महामारी में बड़े पैमाने पर सफल स्वास्थ्य प्रतिक्रिया के बाद भी सिंगापुर की अर्थव्यस्था भी गहरी मंदी के गर्त में चल गई है.

सिंगापुर भी आर्थिक संकट से जूझ रहा
पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में दूसरी तिमाही में जीडीपी 12.6% कम हो गई, जो अर्थशास्त्रियों के अनुसार रिकॉर्ड पर सबसे बड़ी गिरावट है. वर्ल्ड में सबसे कम जन्म दर वाले देशों में सिंगापुर है जिसे सरकारों ने अपने-अपने समय में बदलने का असफल प्रयास किया. राष्ट्रीय सांख्यिकी रिकॉर्ड के अनुसार वहां प्रति महिला जन्म दर 1.14 फीसदी है. यह हांगकांग के समकक्ष है. विश्व बैंक के अनुसार कोरिया और यूएस के प्युर्टो की दरें ही इससे कम है. प्राकृतिक रूप से जनसंख्या के लिए एक देश में 2.1 बेबी प्रति महिला होना चाहिए. हालांकि कई विकसित देशों में यह दर कम है.





सिंगापुर ने 1980 से यह ट्रेंड बदलने का प्रयास किया है. कुछ अभियान भी चलाए गए लेकिन इसमें बदलाव नहीं आया. वित्तीय और कर इन्सेन्टिव के बाद भी इस स्थिति में परिवर्तन नहीं आया. कोरोना वायरस की स्थिति में सिंगापुर ने अच्छा काम किया. संदिग्धों को पहले ही अलग कर देश को कोरोना महामारी से बचाने में यह देश सफल रहा है. संक्रमण के मामले बढ़ने पर लॉक डाउन लगाने सहित कई कड़ी पाबंदियां सिंगापुर में देखी गई. जोन्स होपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार सिंगापुर में कोरोना वायरस के कारण महज 27 लोगों की मृत्यु हुई.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज