होम /न्यूज /दुनिया /

PoK में आजादी के नारे हुए तेज, पूर्व PM हैदर बोले- उग्र आंदोलन ही एक मात्र रास्ता, प्रदर्शन हो रहा हिंसक

PoK में आजादी के नारे हुए तेज, पूर्व PM हैदर बोले- उग्र आंदोलन ही एक मात्र रास्ता, प्रदर्शन हो रहा हिंसक

पाकिस्तान सरकार के खिलाफ PoK में उग्र आंदोलन हो रहा है. (फोटो ANI)

पाकिस्तान सरकार के खिलाफ PoK में उग्र आंदोलन हो रहा है. (फोटो ANI)

Protest in PoK: संविधान में संशोधन के खिलाफ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चल रहे विरोध पर हालिया अपडेट में पीओके के पूर्व प्रधानमंत्री फारूक हैदर ने कहा कि संशोधन पारित करने और पीओके को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने के लिए सभी व्यवस्थाएं को अंतिम रूप दे दिया गया है. केवल उग्र आंदोलन ही इस क्षेत्र को पाकिस्तान का हिस्सा बनने से बचा सकता है. एएनआई के मुताबिक PoK की संवैधानिक स्थिति को ठीक करने के लिए 15 वें संशोधन में पाकिस्तान सरकार की योजना के खिलाफ मुजफ्फराबाद और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के अन्य शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है.

अधिक पढ़ें ...

हाइलाइट्स

लंबे समय से पाकिस्तान सरकार के खिलाफ PoK में विरोध प्रदर्शन चल रहा है.
पीओके एक स्वशासित क्षेत्र है .
पाकिस्तान सरकार के खिलाफ PoK में उग्र आंदोलन हो रहा है.

मुजफ्फराबाद. संविधान में संशोधन के खिलाफ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चल रहे विरोध पर हालिया अपडेट में पीओके के पूर्व प्रधानमंत्री फारूक हैदर ने कहा कि संशोधन पारित करने और पीओके को पाकिस्तान का हिस्सा बनाने के लिए सभी व्यवस्थाएं को अंतिम रूप दे दिया गया है. केवल उग्र आंदोलन ही इस क्षेत्र को पाकिस्तान का हिस्सा बनने से बचा सकता है. एएनआई के मुताबिक PoK की संवैधानिक स्थिति को ठीक करने के लिए 15 वें संशोधन में पाकिस्तान सरकार की योजना के खिलाफ मुजफ्फराबाद और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के अन्य शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है.

प्रदर्शनकारियों में गुस्सा भड़क गया है. जिसके बाद उन्होंने सड़कों पर टायर जलाया और हाईवे को जाम कर दिया. उन्होंने पाकिस्तान में शामिल होने के संविधान संशोधन के खिलाफ नारे लगाए और पाकिस्तान से आजादी की मांग की. पीओके एक स्वशासित क्षेत्र है जिसमें एक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और आधिकारिक ध्वज होता है. लेकिन यह इस्लामाबाद द्वारा कश्मीर मामलों के संघीय मंत्रालय और एक निर्वाचित निकाय, कश्मीर परिषद के माध्यम से नियंत्रित होता है, जिसकी अध्यक्षता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री करते हैं.

महिलाएं और बच्चे कई दिनों से लगा रहे हैं आजादी के नारे 
सरकार के संविधान संशोधन के इस कदम से क्षेत्र के सभी 10 जिलों के नागरिक आक्रोशित हैं. विरोध प्रदर्शनों ने पीओके के अन्य इलाकों रावलकोट, बाग, पुंछ, मुजफ्फराबाद और नीलम घाटी में हालात बदतर कर दिए हैं. डेली सिख के लिए लिखते हुए हरजाप सिंह ने कहा है कि 1 जुलाई से क्षेत्र में महिलाएं और बच्चे कई दिनों से सड़कों पर बैठकर आजादी के नारे लगा रहे हैं. इसके साथ ही सेना के वापसी की भी मांग कर रहे हैं.

हरजाप सिंह ने आगे कहा है कि पुंछ का इलाका कर्फ्यू जैसी स्थिति का सामना कर रहा है और कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवा आंशिक रूप से बंद है. सड़कों पर टायर जलने के कारण सभी प्रकार के वाहनों के लिए सड़कें बंद हो गई हैं और पाकिस्तान की मुख्यधारा मीडिया को इन प्रदर्शनों को कवर करने की मनाही है.

हालांकि इस संशोधन को पीओके की पहचान को कमजोर करने की साजिश करार देने वाले लोगों के लंबे प्रतिरोध ने समय के साथ पाकिस्तान सरकार की योजनाओं को विफल कर दिया है.

Tags: Pakistan, PoK, Protest

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर