अमेरिका की इस जगह में दी गई थी हाथी को फांसी, वजह जानकर रह जाएंगे दंग

फाइल फोटो.

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आज से करीब 105 साल पहले अमेरिका (America) में एक हाथी (Elephant) को सरेआम फांसी पर लटका दिया गया था. हाथी की फांसी की सजा को अमेरिका में बड़ी संख्या में लोगों ने समर्थन किया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 21, 2021, 10:34 AM IST
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टेनेसी. दुनियाभर के तमाम देशों में आज भी मौत (Death) की सजा दी जाती है, लेकिन कई देशों ने बहुत पहले ही किसी को मौत की सजा देना बंद कर दिया. बता दें कि किसी जघन्य अपराध के लिए ही अपराधी को मौत की सजा देने का प्रावधान है. आपने अब तक तमाम लोगों को फांसी की सजा देने के बारे में तो सुना होगा, लेकिन किसी जानवर को फांसी की सजा दी गई हो ऐसा आज तक नहीं सुना होगा. आज हम आपके एक ऐसी ही कहानी बताने जा रहे हैं जिसमें एक जानवर को हाथी (Elephant) की सजा सुनाई गई थी और वह जानवर एक हाथी था. दरअसल, आज से करीब 105 साल पहले अमेरिका में एक हाथी को सरेआम फांसी पर लटका दिया गया था. हाथी की फांसी की सजा को अमेरिका में बड़ी संख्या में लोगों ने समर्थन किया था.

दरअसल, 13 सितंबर 1916 को अमेरिका के टेनेसी राज्य में मैरी नाम के एक हाथी को फांसी दी गई थी. इस दौरान दो हजार लोग मौजूद थे. हाथी को फांसी देने की सजा के पीछे बहुत अजीब कहानी है. दरअसल, चार्ली स्पार्क नाम का एक शख्स टेनेसी में 'स्पार्क्स वर्ल्ड फेमस शो' नाम का एक सर्कस चलाता था. उस सर्कस में कई जानवर थे, जिसमें मैरी नाम का एक एशियाई हाथी भी था. उसका वजन करीब पांच टन था. बताया जाता है कि मैरी उस सर्कस का मुख्य आकर्षण था. कहा जाता है कि एक दिन मैरी के महावत ने किसी वजह से सर्कस छोड़ दिया. उसके बाद सर्कस के मालिक ने उसकी जगह पर एक दूसरे महावत को रख लिया.नए म

हावत को हाथी मैरी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी. साथ ही मैरी ने भी महावत के साथ ज्यादा समय नहीं बिताया था. इसलिए मैरी को कंट्रोल करने में महावत को परेशानी होने लगी. लेकिन इसी बीच एक दिन सर्कस के प्रमोशन के लिए शहर में परेड का आयोजन किया गया, जिसमें मैरी समेत सभी जानवर और सर्कस के सभी कलाकार शामिल हुए. इस दौरान शहर के बीचों-बीच परेड निकाली गई. इस दौरान रास्ते में मैरी को कुछ खाने की चीज दिखी, जिसके लिए वह तेजी से आगे बढ़ने लगा.

उसके बाद नए महावत ने मैरी को रोकने की काफी कोशिश की, लेकिन वह नहीं रूका. इस दौरान महावत ने उसके कान के पीछे भाला मारा, जिससे हाथी तिलमिला उठा और गुस्से में उसे नीचे पटक दिया. उसके बाद मैरी ने उसके ऊपर अपना पैर रख दिया, जिससे महावत की मौत हो गई. यह घटना देख कर लोग इधर-उधर भागने लगे. वहीं कुछ लोगों ने हाथी को मार डालने के नारे लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. हालांकि उस समय तो यह मामला शांत हो गया, लेकिन अगले दिन के अखबारों में इस घटना को प्रमुखता से छापा गया, जिसके बाद घटना पूरे शहर में तेजी से फैल गई.
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शहर के लोग सर्कस के मालिक चार्ली स्पार्क से हाथी मैरी को मृत्युदंड देने की मांग करने लगे. साथ ही उन्होंने धमकी भी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वो शहर में फिर कभी सर्कस नहीं होने देंगे. कई लोगों ने कई तरह से हाथी को मारने की बात कही. किसी ने ट्रेन से कुचलवा कर मारने को कहा तो किसी ने हाथी को करंट देकर मारने की बात कही. आखिर में लोगों की जिद के आगे चार्ली स्पार्क को झुकना पड़ा और उन्होंने मैरी को मृत्युदंड देने का फैसला किया. इसके लिए उन्होंने 100 टन का वजन उठाने वाली एक क्रेन मंगवाई और 13 सितंबर 1916 को क्रेन की मदद से हाथी को हजारों लोगों के बीच फांसी पर लटका दिया गया.
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