अपना शहर चुनें

States

दक्षिण अफ्रीका ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन पर लगाई रोक, नए स्ट्रेन पर नहीं दिख रहा असर

ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की ये वैक्सीन सिर्फ 10 फीसदी असरदार है (फोटो- AP)
ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की ये वैक्सीन सिर्फ 10 फीसदी असरदार है (फोटो- AP)

Covid-19 Vaccine: दक्षिण अफ्रीका में नए वैरिएंट को B.1.351 का नाम दिया है. ये काफी तेजी से फैल रहा है. ये नया वैरिएंट अमेरिका के तीन राज्यों के अलावा 30 और देशों में मिला है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 8, 2021, 11:29 AM IST
  • Share this:
प्रिटोरिया. दक्षिण अफ्रीका (South Africa) ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका (Oxford-AstraZeneca) की कोरोना वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) के इस्तेमाल पर फिलहाल रोक लगा दी है. वहां रिसर्च कर रहे वैज्ञानिकों ने कहा है कि ये वैक्सीन कोरोना के नए स्ट्रेन के खिलाफ ज्यादा प्रभावी नहीं दिख रही है. बता दें कि पिछले साल नवंबर महीने में दक्षिण अफ्रीका में कोरोना के नए स्ट्रेन मिले थे. कोरोना की वक्सीन बनाने वाली लगभग सारी कंपनियों ने पहले दावा किया था कि नए और पुराने दोनों स्ट्रेन के खिलाफ उनका टीका कारगर है. लेकिन अब उनकी उम्मीदों को झटका लगा है.

दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री ज्वेली मखिजे ने कहा है कि वैक्सीन के रोल आउट पर फिलहाल रोक लगा दी गई है. वहां के डॉक्टर फिलहाल डेटा का फिर से अध्ययन कर रहे है. पिछले हफ्ते ही यहां वैक्सीन की 10 लाख डोज पहुंची थी. पहले फेज में वहां के हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन की डोज दी जानी थी. लेकिन वैक्सीन की शुरुआत कब होगी इसको लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है.

सिर्फ 10 फीसदी असरदार है वैक्सीन
रविवार को वैक्सीन के डेटा पेश किए गए. इसके मुताबिक पिछले साल नवंबर में कोरोना का स्ट्रेन दक्षिण अफ्रीका में दिखा था. इसके बाद से जिस किसी को भी ट्रायल के तहत वैक्सीन की डोज़ दी गई उन पर इस वैक्सीन का कोई खास असर नहीं दिखा. वैक्सीन लगने के बाद भी 19 लोगों में कोरोना के नए स्ट्रेन का असर दिखा जबकि 20 लोगों को वैक्सीन लगाई गई थी. इसका मतलब ये हुआ कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की ये वैक्सीन सिर्फ 10 फीसदी असरदार है. वैक्सीन के एक एक्सपर्ट ने कहा कि ये बेहद दुखद है.
ये भी पढ़ें:- धमाके में पति की मौत, पत्नी ने Video कॉल पर देखा दाह संस्कार, गोद में था बच्चा



परेशान कर रहा है नया स्ट्रेन
फ्रेड हचिंसन कैंसर रिसर्च सेंटर के एक वायरोलॉजिस्ट लैरी कोरी ने कहा, 'वैक्सीन स्पष्ट रूप से हल्की और मध्यम बीमारी के लिए इस वैरिएंट के खिलाफ काम नहीं करता है.' दक्षिण अफ्रीका में नए वैरिएंट को B.1.351 का नाम दिया है. ये काफी तेजी से फैल रहा है. ये नया वैरिएंट अमेरिका के तीन राज्यों के अलावा 30 और देशों में मिले हैं. ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन नवंबर के महीने में काफी असरदार दिख रही थी. लेकिन नए वैरिएंट के आने के बाद इसके नतीजे बेहद खराब आने लगे.

बाक़ी वैक्सीन का हाल
उधर जॉनसन एंड जॉनसन और नोवावैक्स ने भी बताया है कि उनकी वैक्सीन नए स्ट्रेन के खिलाफ असरदार नहीं हैं. इसी तरह मॉडर्ना नए वेरियंट के लिए बूस्टर शॉट तैयार कर रही है जबकि Pfizer-BioNTech की वैक्सीन भी कम असरदार मिली है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज