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कम नहीं हो रहीं गुप्ता बंधुओं की मुश्किलें, अब अमेरिका, ब्रिटेन और सऊदी में रखा पैसा जब्त करेंगे अधिकारी

भाषा
Updated: October 21, 2019, 1:45 PM IST
कम नहीं हो रहीं गुप्ता बंधुओं की मुश्किलें, अब अमेरिका, ब्रिटेन और सऊदी में रखा पैसा जब्त करेंगे अधिकारी
गुप्ता बंधुओं पर पूर्व दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति जुमा से नजदीकी का लाभ उठाने का भी आरोप है.

साल 1994 में गुप्ता ब्रदर्स (Gupta Brothes) ने 1.4 मिलियन रेंड से जो कंपनी करेक्ट मार्केटिंग शुरू की थी. वो महज तीन साल में 97 मिलियन रेंड की कंपनी में बदल गई.

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जोहानिसबर्ग. दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के अधिकारियों ने भारतीय मूल के गुप्ता बंधुओं (Gupta Brothers)के अरबों रेंड (दक्षिण अफ्रीकी मुद्रा) की धनराशि को जप्त करने के प्रयास नए सिरे से शुरू कर दिए हैं. बताया जाता है कि गुप्ता बंधुओं ने यह पैसा कथित तौर पर सरकारी विभागों की मिलीभगत से गैरकानूनी सौदों से कमाया और फिर देश से गैर कानूनी ढंग से बाहर भेजा था.

संडे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसेट फोरफीटर यूनिट (एएफयू) ने अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सहायता प्राप्त करने का जिक्र किया है. इससे पहले अमेरिकी वित्त विभाग ने गुप्ता बंधुओं अजय, अतुल और राजेश और उनके सहयोगी सलीम एस्सा पर पिछले हफ्ते पाबंदियां लगाई थी.

अमेरिकी (America) वित्त विभाग ने कहा कि गुप्ता परिवार एक भ्रष्ट नेटवर्क के सदस्य हैं और उन्होंने सरकारी ठेकों, रिश्वत और अन्य भ्रष्ट गतिविधियों के जरिए अधिक भुगतान लिया और उसका इस्तेमाल राजनीतिक भुगतानों के लिए और सरकारी गतिविधियों को प्रभावित करने के लिए किया गया. गुप्ता परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का रहने वाला है.

गुप्ता परिवार ने पूर्व राष्ट्रपति से नजदीकी का फायदा उठाया!

दक्षिण अफ्रीका में बीते दो दशक में उसने आईटी, मीडिया और खनन उद्योगों के जरिये काफी पैसा कमाया. आरोप है कि कमाई के लिए गुप्ता परिवार ने पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा (jacob zuma)से नजदीकी का कथित तौर पर फायदा उठाया.

जुमा खुद भी भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं. गुप्ता भाई दुबई भाग चुके हैं और अब कर्जदाताओं को भुगतान के लिए दक्षिण अफ्रीका में उनकी संपत्तियों की नीलामी की जा सकती है. लेकिन एएफयू की नजर उस पैसे पर है जो गुप्ता बंधुओं ने अमेरिका, ब्रिटेन और यूएई भेजा.

सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि एएफयू गैरकानूनी ढंग से अमेरिका भेजे गए पैसे को वापस पाने की दिशा में काम कर रहा है और इसमें अमेरिकी अधिकारी सहयोग कर रहे हैं. एएफयू ब्रिटेन (Britain) की कानून प्रवर्तक एजेंसियों की मदद भी ले रहा है.
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First published: October 21, 2019, 1:32 PM IST
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