Home /News /world /

तालिबान बोला- सरकार गठन की घोषणा जल्द, समारोह के लिए चीन-पाकिस्तान को भेजा न्योता

तालिबान बोला- सरकार गठन की घोषणा जल्द, समारोह के लिए चीन-पाकिस्तान को भेजा न्योता

तालिबान ने 15 अगस्त को काबुस पर कब्जा कर लिया था (AP)

तालिबान ने 15 अगस्त को काबुस पर कब्जा कर लिया था (AP)

Afghanistan Taliban Crisis: तालिबान का न्योता पाने वालों में तुर्की, कतर, रूस और ईरान भी शामिल हैं. ये सभी देश लगातार तालिबान का समर्थन करते आए हैं. इनमें से सिर्फ कतर को छोड़कर बाकी सभी देशों के रिश्ते अमेरिका से अच्छे नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated :

    काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan)  में तालिबान (Taliban)  बहुत जल्द सरकार का गठन करेगा. अंतरिम सरकार के मंत्रियों के नाम घोषित कर दिए गए हैं. तालिबान काबुल में सरकार गठन के लिए बड़ा समारोह करने की तैयारी कर रहा है. इस समारोह में शामिल होने के लिए तालिबान ने चीन (China) और पाकिस्तान (Pakistan) समेत छह देशों को न्योता भी भेज दिया है. तालिबान का न्योता पाने वालों में तुर्की, कतर, रूस और ईरान भी शामिल हैं.

    ये सभी देश लगातार तालिबान का समर्थन करते आए हैं. इनमें से सिर्फ कतर को छोड़कर बाकी सभी देशों के रिश्ते अमेरिका से अच्छे नहीं है. अब जब सरकार बन रही है, तो तालिबान ने इन्हें न्योता भी भेज दिया है.

    पंजशीर में पस्त हुआ NRF का हौसला! कई कमांडरों की मौत, घर पर बमबारी के बाद दूसरी जगह शिफ्ट हुए सालेह

    तालिबान ने ये न्योता तब भेजा, जब अफगानिस्तान के आखिरी प्रांत पंजशीर को कब्जे में लेने का दावा किया. तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि पंजशीर अब तालिबान लड़ाकों के नियंत्रण में है. हालांकि, नॉर्दन अलायंस ने तालिबान के दावों को खारिज किया है. नॉर्दन अलायंस का कहना है कि पंजशीर में उसके लड़ाके हर कोने में मौजूद हैं और जंग अभी जारी है.

    MUZAHID

    तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद  (AP)

    हैबतुल्लाह अखुंदजादा बन सकता है सुप्रीम लीडर
    इससे पहले कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि तालिबान का सबसे बड़ा धार्मिक नेता हैबतुल्लाह अखुंदजादा ‘इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान’ सरकार का सुप्रीम लीडर हो सकता है. जबकि तालिबान में नंबर दो की हैसियत रखने वाला मुल्ला बरादर सरकार की कमान संभाल सकता है. कुछ रिपोर्ट्स में ये भी बताया जा रहा है कि अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई को भी तालिबानी हुकूमत का हिस्सेदार बनाया जाएगा. हालांकि, जब तक तालिबान सरकार का गठन नहीं हो जाता है, ये सभी बातें कयास ही कही जा सकती हैं.

    पाकिस्तान हर कदम पर दे रहा तालिबान का साथ
    विशेषज्ञों के मुताबिक अफगानिस्‍तान पर तालिबान के कब्‍जे की पूरी रणनी‍ति आईएसआई ने बनाई. अफगानिस्तान के मौजूदा उपराष्ट्रपति और स्वघोषित राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने भी तालिबान को लेकर पाकिस्तान पर संगीन आरोप लगाए हैं. यही नहीं पाकिस्‍तानी सेना के अधिकारी भी तालिबान की मदद के लिए अफगानिस्‍तान गए. अब पंजशीर घाटी तालिबान के राह का आखिरी रोड़ा थी जिसे पाकिस्‍तानी वायुसेना ने भीषण हवाई हमले करके आतंकियों को दे दिया. पाकिस्‍तान अब हक्‍कानी नेटवर्क के जरिए अफगानिस्‍तान पर राज करना चाहता है. ऐसे में पाकिस्‍तान को तालिबानी न्‍योता मिलना तय था.

    तालिबान के पंजशीर पर कब्जे के दावे को NRF ने किया खारिज, कहा- हमारे लड़ाके हर कोने में मौजूद

    चीन ने तालिबान को किया है फंडिंग का वादा
    चीन तालिबान को मान्यता देने वाला पहला देश है. इसे तालिबान अपना ‘बैंक बैलेंस’ समझ रहा है, क्योंकि चीन ने तालिबान सरकार को फंडिंग करने का ऐलान किया है. अमेरिका ने अफगानिस्‍तान सरकार के अरबों डॉलर पर कब्‍जा कर लिया है जिससे तालिबान को पाई-पाई के लिए जूझना पड़ रहा है. ऐसे में तालिबान मदद के लिए चीन की ओर देख रहा है. इसलिए चीन को भी न्योता भेजना ही था.

    Tags: Afghanistan Crisis, Afghanistan Taliban conflict, Terrorism

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर