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अफगानिस्तान के इस इलाके में घुसने से कांपता है तालिबान, ISIS-K का है कब्जा

अफगानिस्तान के इस इलाके में घुसने से कांपता है तालिबान, ISIS-K का है कब्जा

खुरासान अफगानिस्तान का ऐतिहासिक एरिया है, जिसमें अफगानिस्तान और ईरान के हिस्से शामिल थे.

खुरासान अफगानिस्तान का ऐतिहासिक एरिया है, जिसमें अफगानिस्तान और ईरान के हिस्से शामिल थे.

ISIS-K stronghold in Afghanistan: आईएसकेपी आतंकी संगठन आईएसआईएस की एक शाखा है, जिसे आईएसकेपी यानी इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासान प्रॉविन्स के नाम से जाना जाता है. इस मॉड्यूल का बेस पाकिस्तान-अफगान सीमा के अलावा उत्तर-पूर्वी ईरान, दक्षिणी तुर्कमेनिस्तान और उत्तरी अफगानिस्तान में स्थित है. पहली बार 2014 के आख‍िर में पूर्वी अफगानिस्तान में यह सामने आया और अत्यधिक क्रूरता द‍िखाई थी.

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    काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan Crisis) पर तालिबान ने अगस्त में कब्जा कर लिया था. उसके बाद से एक दूसरे आतंकी संगठन ने अफगानिस्तान में अपनी आतंकी गतिविधियां तेज कर दी हैं. बेशक तालिबान (Taliban Rule in Afghanistan) ने सत्ता कब्जा ली हो, मगर अभी ऐसे कुछ इलाके हैं जहां तालिबान नहीं जाना चाहता है. इन्हीं इलाकों में से एक है- नंगरहार प्रांत (Nangarhar province). यह इलाका इस्लामिक स्टेट ऑफ खोरासन (ISIS-K) का गढ़ माना जाता है. नंगरहार प्रांत का चपरहार जिला लंबे वक्त तक इस्लामिक स्टेट ऑफ खोरासन के कब्जे में है. यहां तालिबान के लड़ाके घुसने की जुर्रत नहीं कर पाते.
    न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट बताती है कि तालिबान के शासन में आने के बाद से यहां 20 से अधिक लाशें मिल चुकी हैं. अभी दो दिन पहले भी एक शख्स की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. यह हत्या किसने की है, यह साफ नहीं है. स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में 45 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

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    2014 से ही है इस्लामिक स्टेट का वर्चस्व
    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस्लामिक स्टेट इस क्षेत्र में 2014 से ही मौजूद है. तालिबान शासन के दौरान भी सिर्फ दिन के वक्त तालिबान से जुड़े लोग दिखते हैं और रात के वक्त अपने ठिकाने पर पहुंच जाते हैं. लोगों का कहना है कि पिछली सरकार के दिनों में भी ऐसा ही हाल था. लोगों का यह भी कहना है कि इस्लामिक स्टेट के आतंकी मुख्य सड़क से दूर रहते हैं. वह तब ही अपने घरों से बाहर निकलते हैं जब उन्हें किसी को निशाना बनाना होता है.

    चपरहार के तालिबान गवर्नर ऐनुदीन ने भी माना है कि इलाके में इस्लामिक स्टेट से जुड़े कुछ आतंकवादी हैं. हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि वे कहीं छिपे हो सकते हैं, लेकिन तालिबान ने कब्जा कर लिया है, और हमरा पूरी तरह से नियंत्रण है.

    क्‍या है आईएस का खुरासान मॉड्यूल?
    आईएसकेपी आतंकी संगठन आईएसआईएस की एक शाखा है, जिसे आईएसकेपी यानी इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासान प्रॉविन्स के नाम से जाना जाता है. इस मॉड्यूल का बेस पाकिस्तान-अफगान सीमा के अलावा उत्तर-पूर्वी ईरान, दक्षिणी तुर्कमेनिस्तान और उत्तरी अफगानिस्तान में स्थित है. पहली बार 2014 के आख‍िर में पूर्वी अफगानिस्तान में यह सामने आया और अत्यधिक क्रूरता द‍िखाई थी. दरअसल, खुरासान अफगानिस्तान का ऐतिहासिक एरिया है, जिसमें अफगानिस्तान और ईरान के हिस्से शामिल थे. आईएस खुरासान में तालिबान छोड़ने वाले और विदेशी लड़ाके, दोनों शामिल हैं. इस संगठन को बेहद क्रूर माना जाता है.

    भारत में भी ISKP की पैठ
    आईएसकेपी आतंकी संगठन की अफगानिस्तान के अलावा जम्मू-कश्मीर में भी पैठ है. बीते साल यूपी में लखनऊ, कानपुर समेत कुछ शहरों और केरल से इस आतंकी संगठन से जुड़े संद‍िग्‍ध गिरफ्तार किए गए थे.

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    भारत के ल‍िए क‍ितना खतरा?
    मध्य प्रदेश में ट्रेन ब्‍लास्‍ट की कोश‍िश और यूपी की राजधानी लखनऊ में हुए एक एनकाउंटर के बाद आतंकी संगठन आईएसआईएस के खुरासान मॉड्यूल का नाम अचानक चर्चा में आया था. इस आतंकी संगठन की जम्‍मू-कश्‍मीर में गहरी पैठ बताई जाती है. यह आतंकी संगठन लगातार भारत में गजवा-ए-हिंद एजेंडे के तहत युवाओं को आतंकी बनाने की कोश‍िश में लगा है.

    Tags: Afghanistan Crisis, Afghanistan Taliban conflict, Pakistan

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