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अफगानिस्तान को मानवीय सहायता देगा अमेरिका, तालिबान को नहीं मिलेगी मान्यता

अफगानिस्तान को मानवीय सहायता देगा अमेरिका, तालिबान को नहीं मिलेगी मान्यता

अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया कि वार्ता तालिबान को मान्यता देने की पहली कड़ी नहीं है, जो 15 अगस्त से सत्ता में आया है. (AP)

अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया कि वार्ता तालिबान को मान्यता देने की पहली कड़ी नहीं है, जो 15 अगस्त से सत्ता में आया है. (AP)

तालिबान (Taliban)ने सोमवार को यह जानकारी दी. अमेरिकी सैनिकों के अगस्त में अफगानिस्तान (Afghanistan) से हटने के बाद अमेरिका (US) और तालिबान के बीच दोहा में हुई पहली सीधी बातचीत के बाद यह बयान आया है.

    काबुल. अफगानिस्तान (Afghanistan)पर तालिबानी हमले (Taliban)और कब्जे के बाद ये देश आर्थिक आपदा के कगार पर पहुंच चुका है. भुखमरी और बेरोजगारी चरमसीमा पर है. ऐसे में ऐन वक्त पर साथ छोड़ने वाला अमेरिका (US) ही अब अफगानिस्तान को मानवीय सहायता मुहैया कराने पर सहमत हो गया है. हालांकि, अमेरिका ने तालिबान शासकों को राजनीतिक मान्यता देने से इनकार कर दिया है.

    तालिबान ने सोमवार को यह जानकारी दी. अमेरिकी सैनिकों के अगस्त में देश से हटने के बाद अमेरिका और तालिबान के बीच दोहा में हुई पहली सीधी बातचीत के बाद यह बयान आया है.

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    अमेरिकी बयान में कहा गया, ‘दोनों पक्षों ने अफगानिस्तान के लोगों को सीधे तौर पर ठोस मानवीय सहायता उपलब्ध कराने पर चर्चा की.’ तालिबान ने कहा कि वार्ता कतर के दोहा में हुई जो ‘अच्छी रही.’ अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया कि वार्ता तालिबान को मान्यता देने की पहली कड़ी नहीं है, जो 15 अगस्त से सत्ता में आया है. विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने वार्ता को ‘ठोस और पेशेवर’ करार दिया.

    अमेरिका को तालिबान का आश्वासन
    विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि अमेरिकी पक्ष ने इस बात को दोहराया कि तालिबान के शब्दों पर नहीं बल्कि उसके कार्यों के माध्यम से उसका आकलन किया जाएगा. तालिबान के राजनीतिक प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने भी ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा कि संगठन के विदेश मंत्री ने वार्ता के दौरान अमेरिका को आश्वासन दिया कि चरमपंथियों द्वारा दूसरे देशों के खिलाफ हमला करने के लिए अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

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    दूसरी ओर, अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जोड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि 20 साल के गृहयुद्ध ने देश को तबाह कर दिया है. तालिबान सरकार अंतरराष्ट्रीय मंजूरी हासिल करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान को अलग-थलग करने और प्रतिबंध लगाने से बड़े पैमाने पर मानवीय संकट पैदा होगा. (एजेंसी इनपुट के साथ)

    Tags: Afghanistan Crisis, Afghanistan Taliban conflict, Afghanistan Terrorism, China and pakistan

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