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अशरफ गनी के देश छोड़ने की पूरी कहानी, जानिए 4 हेलीकॉप्टर में कैसे अफगानिस्तान से भागे UAE

अशरफ गनी के देश छोड़ने की पूरी कहानी, जानिए 4 हेलीकॉप्टर में कैसे अफगानिस्तान से भागे UAE

काबुल पर तालिबान के कब्जा करते ही अशरफ गनी देश छोड़कर भाग गए थे. (फाइल फोटो)

काबुल पर तालिबान के कब्जा करते ही अशरफ गनी देश छोड़कर भाग गए थे. (फाइल फोटो)

Ashraf Ghani Leave Afghanistan: ताजिकिस्तान से जवाब नहीं मिलने के बाद हेलीकॉप्टर को उज़्बेकिस्तान में बिना इजाजत लैंड किया गया, जहां से फिर विमान को UAE ले जाया गया.

नई दिल्ली. 15 अगस्त को काबुल समेत पूरे अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान का कब्ज़ा हो गया था और देर शाम ख़बर आई कि अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़ कर चले गए हैं, जिसके बाद राष्ट्रपति भवन पर भी तालिबान का कब्ज़ा हो गया था और अब अफ़ग़ानिस्तान में 20 साल बाद एक बाद फिर तालिबान सरकार की वापसी हो गयी है.

करीब 45 दिनों बाद अब अशरफ गनी के देश छोड़ने की पूरी कहानी सामने आ गयी है. अफ़ग़ानिस्तान के एक अख़बार 8am ने अशरफ गनी के एक करीबी से बात करके उनके देश छोड़ने की पूरी कहानी बयां की है. यह कहानी 15 अगस्त की सुबह 8 बजे से अगले 40 घंटों का पूरा ब्यौरा देती है.

15 अगस्त: काबुल पर तालिबान के कब्ज़े का दिन

हर रोज सुबह 9:00 बजे अफगानिस्तान के राष्ट्रपति भवन में एक बैठक होती है जिसमें अफगानिस्तान के राष्ट्रपति, उनके NSA हमदुल्ला मोहिब और अन्य अधिकारी शामिल होते हैं. 15 अगस्त की सुबह भी यह बैठक हुई जिसमें यह तय किया गया कि एक इमरजेंसी कैबिनेट बैठक को जल्द-से-जल्द बुलाया जाए ताकि काबुल में हालात और लोगों की घबराहट को दूर करने के लिए चर्चा की जा सके.

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लेकिन पता चला कि 50% कैबिनेट के सदस्य अफगानिस्तान में मौजूद नहीं है या तो वह किसी अन्य प्रांत में है या विदेश में मौजूद थे, जिसके चलते यह कैबिनेट बैठक नहीं हो पाई. वहीं उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह भी पंजशीर के पहले से तय दौरे पर गए हुए थे.

कैबिनेट बैठक रद्द होने के बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी ने तय किया कि वो रक्षा मंत्रालय के हेड क्वार्टर जाएंगे, जिसके लिए राष्ट्रपति के सुरक्षा में लगी प्रेसिडेंट प्रोटेक्टिव सर्विस के जवान रक्षा मंत्रालय में तैनात किए गए, लेकिन यह जानकारी मिलने पर कि अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री बिस्मिल्लाह मोहम्मदी और सेनाध्यक्ष हैबातुल्ला अलीज़ाई रक्षा मंत्रालय में मौजूद नहीं थे इसलिए अशरफ गनी ने अपना रक्षा मंत्रालय जाने का कार्यक्रम टाल दिया.

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अफगानिस्तान के हालात को देखते हुए राष्ट्रपति गनी के सलाहकार सलाम रहीमी ने दोहा में तालिबान के प्रतिनिधियों से संपर्क साधा, साथ ही अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारी ज़लमे ख़लीलज़ाद के करीबियों से भी संपर्क किया और उनसे आग्रह किया कि तालिबान को काबुल में आने की अनुमति न दी जाए. इस बात पर सहमति बनी कि काबुल में बड़ी आबादी के चलते किसी भी हरकत से बहुत नुकसान हो सकता है. लौटने पर रहीमी ने इस बात की जानकारी दी कि तालिबान काबुल में दाखिल नहीं होगा.

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कुछ हथियारबंद लोगों के काबुल में दाखिल होने पर तालिबान ने दावा किया कि उनके लोग नहीं हैं, बल्कि उनके नाम पर कुछ लोग लूटपाट के इरादे से काबुल में घुसे थे. इस बातचीत के बाद तालिबान की तरफ से भी बयान जारी किया गया कि वह जबरन काबुल में नहीं दाखिल होंगे. इस बात से संतुष्ट कि तालिबान काबुल में दाखिल नहीं होगा, आत्मविश्वास से भरे एक अधिकारी मतीन बेग NSA मोहिब के पास आकर बैठे और जेब से मोबाइल निकाल कर ट्वीट किया कि ‘काबुल सुरक्षित है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं.’

दोपहर को राष्ट्रपति भवन के पास चली गोलियां

दोपहर के लंच के समय राष्ट्रपति भवन के करीब गोलियों की आवाज सुनाई दी जिससे कर्मचारियों में अफरा-तफरी और घबराहट का माहौल पैदा हो गया. तभी राष्ट्रपति भवन के अधिकारियों को हेलीकॉप्टर की तरफ तुरंत पहुंचने को कहा गया. अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति की सेवा में 4 हेलीकॉप्टर हमेशा तैनात रहते हैं. एक अधिकारी ने इस अखबार से कहा कि उन्हें पहले लगा यह हेलीकॉप्टर उन्हें रक्षा मंत्रालय लेकर जाएगा जहां पर राष्ट्रपति का इंतजार हो रहा था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, बल्कि हेलीकॉप्टर अफगानिस्तान के उत्तर की तरफ उड़ान भरने लगा.

अशरफ गनी के करीबियों को अफ़ग़ानिस्तान से बाहर ले जाने के लिए 13 लोगों की टिकट एमिरेट्स फ्लाइट में बुक की गई थी, लेकिन काबुल एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी के माहौल के चलते एमिरेट्स की उड़ान लैंड नहीं कर पाई. यह उड़ान काबुल से दुबई जाने वाली थी. इन 13 लोगों में अशरफ गनी की पत्नी रूला गनी, NSA मोहिब और उनके रिश्तेदार शामिल थे.

राष्ट्रपति भवन के करीब 4 हेलीकॉप्टरों में अशरफ गनी के परिवार, उनके बॉडीगार्ड और वरिष्ठ अधिकारी बैठना शुरू हुए. एक अधिकारी ने इस अखबार को बताया कि उन्हें लग रहा था कि यह चारों हेलीकॉप्टर काबुल एयरपोर्ट तक जाएंगे और वहां से दूसरे विमान से दुबई तक का सफर पूरा होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

हेलीकॉप्टर में चढ़ने के लिए हुई मारामारी

हेलीकॉप्टर के पास मौजूद NSA मोहिब और प्रेसिडेंट प्रोटेक्टिव सर्विस के कमांडर काहिर कूची हेलीकॉप्टर के पास एक गाड़ी की तरफ भागे और अशरफ गनी के मेंशन की तरफ रवाना हुए. 7 मिनट के अंदर वह गाड़ी एयरपोर्ट पर लौटी और उस वक़्त उसमें अशरफ गनी मौजूद थे. जैसे ही अशरफ गनी ने हेलीकॉप्टर में प्रवेश किया, उनके पीछे कई गार्ड भी हेलीकॉप्टर में घुसने की कोशिश करने लगे.

एक चश्मदीद ने कहा हेलीकॉप्टर में घुसने की होड़ में राष्ट्रपति के गार्ड आपस में भिड़ गए और एक-दूसरे पर घूंसों-लातों से हमला किया. हेलीकॉप्टर में जगह न होने की वजह से 30 में से केवल 15 बॉडीगार्ड ही हेलीकॉप्टर में प्रवेश कर पाए.

उड़ान के बाद भी मंज़िल तय नहीं थी

एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस अखबार को बताया हेलीकॉप्टर में बैठने के बाद जब टेक्निकल स्टाफ से पूछा गया कि यह हेलीकॉप्टर कहां जा रहा है, तो उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के एयरस्पेस को अमेरिका कंट्रोल करता है और अमेरिका से बिना तालमेल के उन्होंने उड़ान भरी है इसलिए वह नहीं जानते कि हेलीकॉप्टर कहां जाएंगे. उड़ान के चंद मिनटों के अंदर ही टेक्निकल स्टाफ ने कहा कि विमान में वज़न के चलते उड़ान में परेशानी हो रही है जिसके बाद राष्ट्रपति के सुरक्षाकर्मियों ने अपने बुलेट प्रूफ जैकेट और कुछ हथियार हेलीकॉप्टर से बाहर फेंक दिए, जो हिंदुकुश की पहाड़ियों में जा गिरे.

उड़ान के दौरान ताजिकिस्तान से संपर्क किया गया ताकि हेलीकॉप्टर को ताजिकिस्तान ले जाया जा सके, लेकिन ताजिक से कोई जवाब नहीं मिला जिसके बाद यह तय किया गया कि उज़्बेकिस्तान से मदद मांगी जाएगी. लेकिन उज़्बेकिस्तान से संपर्क ना होने के चलते यह तय किया गया कि बिना अनुमति के ही उज़्बेकिस्तान के तेरमेज़ एयरपोर्ट पर लैंड किया जाएगा, क्योंकि हेलीकॉप्टर में ईंधन की कमी हो रही थी. उसके बाद चारों हेलीकॉप्टर उज्बेकिस्तान की सीमा में लैंड कर गए, जिसमें 54 यात्री शामिल थे.

उज़्बेकिस्तान से UAE का किया रुख

उज़्बेकिस्तान में लैंड करने के बाद करीब 300 उज़्बेक सुरक्षा कर्मियों ने चारों हेलीकॉप्टर को घेर लिया. तभी एक काली गाड़ी में एक व्यक्ति वहां पहुंचा जिसने उज़्बेक कमांडर से बात करने के बाद अशरफ गनी के हेलीकॉप्टर का रुख किया. इसके बाद अशरफ गनी और उनके परिवार और एक अधिकारी उस गाड़ी से वहां से चले गए. लेकिन करीब-करीब 50 लोग एयरपोर्ट पर ही 31 घंटों तक रहे.

31 घंटों के बाद सोमवार रात एक सफेद रंग का विमान उसी एयरपोर्ट पर लैंड हुआ. तभी अशरफ गनी, उनकी पत्नी और NSA उसी कार से एयरपोर्ट पर पहुंचे और उस विमान में प्रवेश किया. उनके प्रवेश के बाद ही बाकी 50 लोगों को विमान में जाने की अनुमति मिली. उस विमान में 60 लोगों के बैठने की जगह थी. उड़ान भरने के करीब 3:30 घंटे बाद विमान अबू धाबी में लैंड हुआ. लैंड होने के बाद यूएई के अधिकारियों ने अशरफ गनी का एयरपोर्ट पर स्वागत किया और उनको अपने साथ एक पांच सितारा होटल में ले गए. आज भी अशरफ गनी अबु धाबी में पनाह में हैं.

Tags: Afghanistan, Ashraf Ghani, Taliban

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