चीन की संसद में आज सालाना बैठक, उठ सकता है भारत के साथ सीमा विवाद का मुद्दा

सीपीसीसी और एनपीसी सत्र के पहले बीजिंग में सुरक्षा और कोविड-19 महामारी को लेकर निगरानी भी बढ़ा दी गयी है (फोटो- ग्लोबल टाइम्स)

सीपीसीसी और एनपीसी सत्र के पहले बीजिंग में सुरक्षा और कोविड-19 महामारी को लेकर निगरानी भी बढ़ा दी गयी है (फोटो- ग्लोबल टाइम्स)

China parliament: इस साल की बैठक में 14 वीं पंचवर्षीय योजना और 2035 को ध्यान में रखते हुए दूरगामी योजनाओं को मंजूरी दी जाएगी. वैश्विक बाजार में गिरावट आने और अमेरिका के साथ चल रहे टकराव के कारण देश की अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई है

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बीजिंग. चीन में संसद की सालाना बैठक (China Parliament Annual Meeting) आज होगी. वैसे संसद सत्र बुधवार से शुरू हो गया है. कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के कारण आर्थिक चुनौतियों और ताइवान, तिब्बत, शिनजियांग और हांगकांग को लेकर अमेरिका से बढ़ते गतिरोध के बीच संसद सत्र में कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. इसके अलावा यहां भारत का भी मुद्दा उठ सकता है. पिछले करीब 10 महीने से भारत और चीन के बीच गतिरोध बना हुआ है. हालांकि, अब दोनों देशों की सेनाएं वास्तविक नियंत्रण रेखा से पीछे हटने लगी है.

सत्तारूढ़ चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के सौ साल होने के पहले और राष्ट्रपति शी चिनफिंग का दबदबा बढ़ने के बीच चीन में संसद का सत्र शुरू हुआ है. माओत्से तुंग के बाद शी (67) सबसे प्रभावशाली नेता के तौर पर उभरे हैं और राष्ट्रपति के लिए दो कार्यकाल की नीति को खत्म करने के बाद उनके लंबे समय तक सत्ता में रहने की संभावना है.

क्या है कंसलटेटिव कॉन्फ्रेंस?
हर साल मार्च में देश की संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) और परामर्शदाता निकाय चाइनीज पीपुल्स पॉलिटिकल कंसलटेटिव कॉन्फ्रेंस (सीपीपीसीसी) का पूर्ण अधिवेशन होता है, जिसमें 5,000 से ज्यादा सांसद और सलाहकार हिस्सा लेते हैं. सीपीपीसीसी का सप्ताह भर चलने वाला सत्र बृहस्पतिवार से शुरू होगा और इसमें शी तथा अन्य नेता शामिल होंगे जबकि एनपीसी की बैठक पांच मार्च से शुरू होगी. राजनीतिक सत्र बुधवार से शुरू हो गया और पार्टी के प्रवक्ताओं ने टेलीविजन के जरिए देश को संबोधित किया.
रक्षा बजट बढ़ाने पर चर्चा


इस साल की बैठक में 14 वीं पंचवर्षीय योजना और 2035 को ध्यान में रखते हुए दूरगामी योजनाओं को मंजूरी दी जाएगी. वैश्विक बाजार में गिरावट आने तथा अमेरिका के साथ चल रहे टकराव के कारण देश की अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई है. सरकारी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ के मुताबिक चीन अपने रक्षा बजट में भी सात प्रतिशत की वृद्धि करने वाला है. पिछले साल करीब 200 अरब डॉलर का रक्षा बजट का प्रावधान किया गया था.

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सीपीसीसी और एनपीसी सत्र के पहले बीजिंग में सुरक्षा और कोविड-19 महामारी को लेकर निगरानी भी बढ़ा दी गयी है. कोरोना वायरस महामारी के कारण पिछले साल मार्च के बजाए मई में दोनों सत्र का आयोजन हुआ था.
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