उ. कोरिया में पोर्न फिल्म देखना किशोर को पड़ा भारी, परिवार समेत निकाला देश से बाहर

उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन (फाइल फोटो)

उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन (फाइल फोटो)

उत्‍तर कोर‍िया (North Korea) के सनकी तानाशाह क‍िम जोंग उन (Kim Jong Un) ने पॉर्न फ‍िल्‍म देखने पर एक क‍िशोर और उसके परिवार को देश से बाहर कर दिया है. क‍िम‍ जोंग उन ने बच्‍चे के स्‍कूल के प्र‍िस‍िंपल को भी लेबर कैंप में भेज द‍िया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 22, 2021, 12:07 PM IST
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प्‍योंगयांग. उत्‍तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन (Kim Jong Un) ने पॉर्न फिल्‍मों के खिलाफ अपनी जंग को तेज कर दिया है. सनकी तानाशाह किम जोंग उन ने एक उत्‍तर कोरियाई किशोर के पॉर्न फिल्‍म (Porn film) देखने पर उसके पूरे परिवार को देश से निकाल दिया है. रेडियो फ्री एशिया ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि किम जोंग ने पिछले साल पॉर्न फिल्‍मों के ख‍िलाफ अपना अभियान शुरू किया था. उत्‍तर कोरिया की सत्‍तारूढ़ वर्कर्स पार्टी हाई स्‍कूल के अंदर लड़के और लड़कियों के पॉर्न देखने के खिलाफ अभियान चला रही है.

उत्‍तर कोरिया पर नजर रखने वाली वेबसाइट एनके न्‍यूज के मुताबिक किम जोंग उन ने पॉर्न देखने वालों को ऐसी सजा देने का आदेश दिया है जो दूसरों के लिए सबक हो. एक सूत्र ने कहा कि इसी आदेश के तहत नॉर्थ प्‍योगान प्रांत में देर रात पॉर्न वीडियो देखने वाले एक किशोर को उसके घर से पकड़ा गया. यह किशोर अपने माता-पिता के नहीं रहने पर पॉर्न फिल्‍म देख रहा था. इसी बीच किम जोंग उन का विशेष दस्‍ता वहां पहुंच गया. इस दस्‍ते का निर्माण लोगों को 'पथभ्रष्‍ट' होने से रोकने के लिए किया गया है. इस किशोर और उसके पैरंट्स को सजा के रूप में अब उत्‍तर कोरिया के दूरस्‍थ इलाके में भेज दिया गया है. सूत्र ने कहा कि आने वाले समय में ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई और तेज होने जा रही है क्‍योंकि अभी यह कानून पूरी तरह से लागू नहीं हुआ है.

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सूत्र ने कहा कि गैर समाजवादी विचार एक तरह से ट्यूमर के समान है जो एकता में बाधा डालता है. उत्‍तर कोरिया ने पॉर्न फिल्‍मों पर लगाम लगाने के लिए एक बेहद कड़ा कानून बनाया है. इसके तहत ऐसे दोषियों को 5 से लेकर 15 साल तक सजा के रूप में जबरन काम कराया जा सकता है. यही नहीं ऐसी सामग्री का आयात करने वाले लोगों को लेबर कैंप में आजीवन कारावास से लेकर मौत की सजा दी जा सकती है. यही नहीं बच्‍चे के स्‍कूल के प्रिसिंपल को भी जबरन काम करने के लिए लेबर कैंप में भेज दिया गया है.
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