म्यांमार: बढ़ सकती हैं आंग सान सू ची की मुश्किलें, भष्ट्राचार के लगे नए आरोप

म्यांमार की अपदस्थ नेता आंग सान सू की (फाइल फोटो)

म्यांमार की अपदस्थ नेता आंग सान सू की (फाइल फोटो)

Myanmar: म्यांमार में सेना ने 1 फरवरी को तख्तापलट किया और देश की शीर्ष नेता आंग सान सू ची समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था. कहा जा रहा है कि सेना ने एक साल के लिए देश का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 10, 2021, 10:26 AM IST
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यांगून. म्यांमार की अपदस्थ नेता आंग सान सू ची (Aung San Suu Kyi) की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. एक बार फिर से उन पर भष्ट्राचार के नए आरोप लगाए गए हैं. म्यांमार की सरकारी टीवी चैनल ग्लोबल न्यू लाइट के मुताबिक आंग सान सू ची के अलावा दो और सरकारी अधिकारी के खिलाफ एंटी करप्शन कमिशन की टीम जांच की कर रही है. बता दें कि सू ची को तख्तापलट के बाद 1 फरवरी को हिरासत में लिया गया था.

भ्रष्टाचार विरोधी आयोग के हवाले से कहा गया है कि आंग सान सू ची ने जमीन के इस्तेमाल का दुरुपयोग किया. ये जमीन धर्मार्थ दाव खिन की फाउंडेशन की थी. आरोप है कि उन्होंने पैसे और सोना लिए. खबरों के मुताबिक सू ची और दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ बुधवार को पुलिस थानों में फाइलें खोली गईं.

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बता दें कि म्यांमार में सेना ने 1 फरवरी को तख्तापलट किया और देश की शीर्ष नेता आंग सान सू ची समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था. कहा जा रहा है कि सेना ने एक साल के लिए देश का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया है.


आंग सान सू ची के खिलाफ इन दिनों कई आरोप लगाए गए हैं. इनमें दो मामले कोविड-19 के मद्देनजर वर्ष 2020 के चुनाव प्रचार के दौरान प्राकृतिक आपदा प्रबंधन कानून का उल्लंघन करने के हैं. इसके अलावा उन पर गैर कानूनी तरीके से वाकी-टॉकी का आयात अपने अंगरक्षकों के लिए करने, बिना लाइसेंस रेडियो का इस्तेमाल करने और ऐसी सूचना फैलाने के आरोप है जिनकी वजह से लोगों में तनाव पैदा हो सकता था. सू की के खिलाफ सबसे गंभीर आरोप औपनिवेशिक कालीन गोपनीयता कानून को भंग करने का है जिसमें उन्हें 14 साल कैद हो सकती है लेकिन इस मामले की सुनवाई दूसरी अदालत कर रही है.

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