इमरान पर विपक्ष का आरोप, कर्ज में डूबा पाकिस्तान हुआ दुनिया में अलग-थलग, मंत्री ने कर दिया भारत का जिक्र

पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री खान के आरोपों पर शुक्रवार को निराशा जताई. (फाइल फोटो)

Pakistan and India News: पाकिस्तान में विपक्ष ने इमरान खान (Imran Khan) पर देश के दुनिया में अलग-थलग पड़ने का आरोप लगाया है. हालांकि, उल्टे ही इमरान के मंत्री ने भारत का कर दिया जिक्र.

  • Share this:
    इस्लामाबाद. भारी कर्ज और बदहाल अर्थव्यवस्था से जूझ रहे पाकिस्तान में इमरान खान (PM Imran Khan) सरकार पर विपक्ष ने हमला बोल दिया है और कहा कि देश कूटनीतिक मोर्चे पर अलग-थलग पड़ गया है. हालांकि विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Shah Mahmood Qureshi) ने देश के ‘कूटनीतिक तौर पर अलग-थलग’ पड़ जाने के विपक्ष के दावे का खंडन किया है और विदेश नीति के मुद्दों पर दोनों पक्षों (सत्तापक्ष एवं विपक्ष) के बीच सर्वसम्मति बनाने का आह्वान किया है. समाचार पत्र 'डॉन' की खबर है कि विदेश नीति पर सीनेट में बहस का समापन करते हुए कुरैशी ने सोमवार को विपक्षी सदस्यों को विदेश मामलों पर ब्रीफ करने का न्यौता दिया और उनसे इससे जुड़े मुद्दों पर सर्वसम्मति बनाने का आह्वान किया.

    विपक्ष की आलोचना पर भी लिया भारत का नाम
    अन्य देशों के साथ रिश्ते पर अलग अलग राय रखने के विरूद्ध चेताते हुए उन्होंने कहा, ‘विदेश नीति का संबंध देश के हित से होता है.’अखबार के मुताबिक कुरैशी ने विपक्ष की यह आलोचना खारिज कर दी कि देश कूटनीतिक तौर पर अलग-थलग पड़ गया है. उन्होंने कहा कि ‘भारत की इच्छा और कोशिशों के बावजूद ऐसा नहीं हुआ है.’

    भारत ने पाकिस्तान को दिखाई है सख्ती
    बता दें कि पाकिस्तान आतंकवादियों को अपनी जमीन मुहैया करा रहा है. इसके अलावा कई अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी को उसने अभी जेल भेजा है. उधर, पाकिस्तान की नापाक हरकतों का भारत के सख्त जवाब के बाद पाकिस्तान अब सहम गया है. अपने जवाब में कुरैशी ने भारत का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार उसके साथ सामान्य संबंध के लिए इच्छुक है लेकिन दूसरे पक्ष से उत्साह नहीं दिखाये जाने के कारण बात आगे नहीं बढ़ सकी.

    सदाबहार चीन के लिए ढेर सारी तारीफ
    विदेश मंत्री ने कहा कि सदाबहार मित्र चीन के साथ पाकिस्तान का संबंध और गहरा होता जा रहा है. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में सफलता का हवाला दिया जहां पाकिस्तान पिछले अक्टूबर में फिर से निर्वाचित हुआ. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद का जिक्र किया जिसका पाकिस्तान फिलहाल अध्यक्ष है. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल अफ्रीका के साथ पाकिस्तान का व्यापार सात फीसद बढ़ा है.

    हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को ‘चुनौतियों, गड्ढों और रूकावटों’ की जानकारी है और उसके पास इनसे पार पाकर आगे बढ़ने की योजना भी है. विदेश मंत्री ने कहा कि अफगान संघर्ष के विभिन्न पहलुओं पर नये बाइडन प्रशासन के साथ हमारी राय बहुत मिलती है, खासकर सैनिकों की वापसी एवं हिंसा में कमी के सिलसिले में. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान का सबंध सुधरा है और काबुल शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान के सहयोग को मानने लगा है.