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कंगाली से बचने के लिए सोना बेच रहा ये देश, भारत भी कर चुका है ऐसा

कंगाली से बचने के लिए सोना बेच रहा ये देश, भारत भी कर चुका है ऐसा

 श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के पास 2021 की शुरुआत में 6.69 टन सोने का भंडार था. इसके बाद अब लगभग 3.6 टन सोना बेचा गया है.

श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के पास 2021 की शुरुआत में 6.69 टन सोने का भंडार था. इसके बाद अब लगभग 3.6 टन सोना बेचा गया है.

Sri Lanka Economic Crisis: श्रीलंका के केंद्रीय बैंक ने चीन से करेंसी स्वैप के बाद साल के अंत में ही ने अपने गोल्ड रिजर्व को बढ़ाया था. एक रिपोर्ट के मुताबिक अनुमान है कि श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के पास 2021 की शुरुआत में 6.69 टन सोने का भंडार था. इसके बाद अब लगभग 3.6 टन सोना बेचा गया है. इसके चलते इस देश के पास 3.0 से 3.1 टन सोना ही रह गया.

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    कोलंबो. भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका (Sri Lanka Economic Crisis) ने दिवालिया (Bankruptcy) होने से बचने के लिए सोना बेचना शुरू कर दिया है. ऐसा करके यह देश अपनी अर्थव्यवस्था को सहारा देने की कोशिश कर रहा है. श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के मुताबिक उसने खत्म होते विदेशी मुद्रा के भंडार को बचाने के लिए अपने गोल्ड रिजर्व (Gold Reserve) का एक हिस्सा बेच दिया है. श्रीलंका के प्रमुख अर्थशास्त्री और सेंट्रल बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर डॉ. डब्ल्यू. ए विजेवर्धने ने कहा है कि केंद्रीय बैंक का गोल्ड रिजर्व कम हुआ है.

    डॉ. डब्ल्यू. ए विजेवर्धने ने ट्वीट में लिखा है कि सेंट्रल बैंक का गोल्ड रिजर्व 38.2 करोड़ डॉलर से घटकर 17.5 करोड़ डॉलर का रह गया है. वहीं, श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के गवर्नर निवार्ड कैब्राल ने भी कहा कि देश ने अपने सोने के भंडार के एक हिस्से को लिक्विड फॉरेन एसेट्स को बढ़ाने के लिए बेच दिया है.

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    श्रीलंका के केंद्रीय बैंक ने चीन से करेंसी स्वैप के बाद साल के अंत में ही ने अपने गोल्ड रिजर्व को बढ़ाया था. एक रिपोर्ट के मुताबिक अनुमान है कि श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के पास 2021 की शुरुआत में 6.69 टन सोने का भंडार था. इसके बाद अब लगभग 3.6 टन सोना बेचा गया है. इसके चलते इस देश के पास 3.0 से 3.1 टन सोना ही रह गया.

    श्रीलंका के केंद्रीय बैंक ने  2020 में भी सोना बेचा था. श्रीलंका के पास पहले  19.6 टन सोने का भंडार था, जिसमें से 12.3 टन सोना बेचा गया. इससे पहले इस देश ने  2015, 2018 और 2019 में भी सोना बेचा था.

    भारत ने कब किया था ऐसा?
    बता दें कि भारत ने भी 1991 में उदारीकरण से पहले देश की खराब अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए 2 बार सोना गिरवी रखा था. यह नौबत तब आई जब यशवंत सिन्हा वित्त मंत्री थे और चंद्रशेखर प्रधानमंत्री थे. उस दौर में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भारत की रेटिंग गिरा दी थी. इस वजह से भारत के इंटरनेशनल मार्केट में दिवालिया होने का खतरा मंडरा गया था.

    ऐसे में अंतिम विकल्प के रूप में सोना गिरवी रखने का फैसला किया गया था. इसके चलते 20 हजार किलो सोने को चुपके से मई 1991 में स्विट्जरलैंड के यूबीएस बैंक में गिरवी रखा गया. इनके बदले में भारत को 20 करोड़ डॉलर मिले.

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    इसके बाद 21 जून 1991 को पीवी नरसिम्हा राव की सरकार आई जिसमें वित्त मंत्री मनमोहन सिंह को बनाया गया. नई सरकार के पास भी दिवालिया हो रहे देश को बचाने की चुनौती थी. ऐसे में एक बार फिर सरकार ने सोना गिरवी रखा. हालांकि, बाद में जब आर्थिक स्थिति सुधरी तो उसी साल सोना वापस खरीद लिया गया.

    Tags: Economic crisis, Economic Reform, Sri lanka, Sri Lanka Tour

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