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सड़कों पर आक्रोशित जनता, सचिवालय से सभी मंत्री गायब, पढ़ें श्रीलंका संकट के 10 अपडेट

आर्थिक संकट के मद्देनजर सरकार-विरोधी रैली आयोजित करने पर पुलिस ने मध्य प्रांत के एक विश्वविद्यालय के छात्रों पर आंसू गैस के गोल दागे. (AP)

आर्थिक संकट के मद्देनजर सरकार-विरोधी रैली आयोजित करने पर पुलिस ने मध्य प्रांत के एक विश्वविद्यालय के छात्रों पर आंसू गैस के गोल दागे. (AP)

SriLanka Economic Crisis: श्रीलंका में गहराती आर्थिक समस्या के बीच राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने शुक्रवार को आपातक ...अधिक पढ़ें

कोलंबो. श्रीलंका अब तक के सबसे बड़ा आर्थिक संकट (SriLanka Economic Crisis) का सामना कर रहा है. देश में आपातकाल (SriLanka Emergency) लागू है. इस बीच रविवार देर रात श्रीलंका सरकार की पूरी कैबिनेट ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार के सभी 36 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है और सचिवालय से गायब हैं. हालांकि, लेकिन प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे अभी पीएम पद पर बने हुए हैं.

वहीं, राष्ट्रव्यापी कर्फ्यू का उल्लंघन करने और बदहाल आर्थिक संकट के मद्देनजर सरकार-विरोधी रैली आयोजित करने पर पुलिस ने मध्य प्रांत के एक विश्वविद्यालय के छात्रों पर आंसू गैस के गोल दागे और पानी की बौछार कर उन्हें तितर-बितर करने का प्रयास किया.

आइए जानते हैं श्रीलंका में आर्थिक संकट के बीच मचे सिसासी घमासान के अबतक के 10 अपडेट…

कोलंबो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक इस्तीफा देने के बाद नमल राजपक्षे की पत्नी लिमिनी और उनके माता-पिता रविवार सुबह श्रीलंका छोड़कर चले गए. नमल राजपक्षे श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के बेटे हैं और गोटबाया के बड़े भाई हैं और श्रीलंका के युवा और खेल मंत्री थे. देर रात सबसे पहले उन्होंने इस्तीफा दिया.
राजधानी कोलंबो में रविवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने पर 650 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया था. ये लोग आर्थिक संकट के विरोध में कर्फ्यू तोड़कर सरकार के खिलाफ मार्च निकाल रहे थे.
श्रीलंका में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके बाद रविवार को देश में फेसबुक, ट्विटर, वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम सहित सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आउट ऑफ सर्विस हो गए. इंटरनेट पर निगरानी रखने वाली संस्था NetBlocks ने इसकी जानकारी दी.
दूसरी तरफ राजधानी कोलंबो में चप्पे-चप्पे पर आर्मी और पुलिस के जवान पहरा दे रहे हैं, ताकि माहौल बिगड़े नहीं. लोगों को बेवजह घरों से नहीं निकलने को कहा गया है.
फ्यूल क्राइसिस से जूझ रहे श्रीलंका की मदद के लिए भारत ने ऑयल टैंकर भेजा था, जो शनिवार को श्रीलंका पहुंच गया. अब भारत श्रीलंका को 40 हजार टन चावल की खेप भेजने की तैयारी कर रहा है. भारत 2022 में श्रीलंका को कम से कम 300,000 टन चावल भेजेगा.
कर्फ्यू के बावजूद रविवार शाम को व्यापक स्तर पर प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
देश में फ्यूल और गैस की कमी हो गई है. हालात पेट्रोल-डीजल के लिए लोगों को कई घंटों तक लाइन में लगाना पड़ रहा है. एजुकेशनल बोर्ड के पास कागज और स्याही खत्म हो गई है, जिसके बाद परीक्षा अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई हैं.
इसके साथ ही देश के 2.2 करोड़ लोगों को काफी लंबे समय तक बिजली की कटौती का सामना भी करना पड़ा.
यहां लोगों के लिए दूध सोने से भी ज्यादा महंगा हो गया है. लोगों को दो वक्त की रोटी के लिए भी कई परेशानियों से जूझना पड़ रहा है.
श्रीलंका में भारत के हाईकमिश्नर गोपाल बागले ने उन मीडिया रिपोर्ट्स पर सख्त नाराजगी जाहिर की है, जिनमें कहा गया था कि श्रीलंका में तेजी से बिगड़ते हालात के बाद भारत वहां अपने सैनिक भेज सकता है.

Tags: Sri lanka

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