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SriLanka Crisis: श्रीलंका में इमरजेंसी के बीच आधी रात पूरी कैबिनेट ने दिया इस्तीफा, अब क्या होगा?

सरकार के सभी 36 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे अभी पीएम पद पर बने हुए हैं.

सरकार के सभी 36 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे अभी पीएम पद पर बने हुए हैं.

SriLanka Economic Crisis: श्रीलंका अपने इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. पिछले कई सप्ताह से देश की ज ...अधिक पढ़ें

कोलंबो. श्रीलंका अब तक के सबसे बड़े आर्थिक संकट (Sri Lanka Economic Crisis) का सामना कर रहा है. देश में आपातकाल लागू है. इस बीच रविवार देर रात श्रीलंका सरकार  ((Sri Lanka Government) की पूरी कैबिनेट ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है. देश के शिक्षा मंत्री और सदन के नेता दिनेश गुणवर्धने ने बताया कि कैबिनेट ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) और पीएम महिंदा राजपक्षे (Mahinda Rajapaksa) को छोड़कर सभी 26 मंत्रियों ने श्रीलंका के पीएम को इस्तीफा सौंप दिया. हालांकि, उन्होंने कैबिनेट के इस सामूहिक इस्तीफे का कोई कारण नहीं बताया है. आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका को इस समस्या से उबारने के लिए सर्वदलीय कार्यवाहक सरकार के गठन की मांग जोर पकड़ने लगी है.

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श्रीलंका अपने इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. पिछले कई सप्ताह से देश की जनता को ईंधन और रसोई गैस के लिए लंबी कतारों में खड़े होने के साथ-साथ आवश्यक वस्तुओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है. राष्ट्रपति गोटाबायो राजपक्षे ने शुक्रवार की देर रात एक विशेष गज़ट अधिसूचना जारी करके श्रीलंका में एक अप्रैल से तत्काल प्रभाव से आपातकाल लगा दिया था. सरकार ने शनिवार शाम छह बजे से सोमवार तड़के छह बजे तक के लिए राष्ट्रव्यापी कर्फ्यू की घोषणा की है.

पीएम के बेटे नमल राजपक्षे ने सबसे पहले इस्तीफा दिया

कैबिनेट के इस्तीफे के पहले देश के खेल मंत्री और पीएम राजपक्षे के बेटे नमल राजपक्षे के अपने सभी विभागों से इस्तीफा दिया था. इसके करीब एक घंटे बाद अन्य मंत्रियों ने अपने इस्तीफे दिए. कैबिनेट के इस्तीफे का पत्र अभी पीएम के पास, जो राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे को सौंपा जाएगा. बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में नई कैबिनेट का गठन किया जाएगा.

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विपक्षी सांसद हर्षा डी सिल्वा ने कहा, ‘‘हम श्रीलंका में लोकतंत्र की रक्षा करेंगे.’’ विपक्षी सांसदों ने कोलंबो के इंडिपेंडेंस स्क्वायर की ओर मार्च करते हुए नारे लगाए और तख्तियां दिखाईं, जिन पर लिखा था : ‘‘दमन बंद करो’’ और ‘‘गोटा घर जाओ’’. पुलिस अधिकारियों ने स्क्वायर तक जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड्स लगा दिए. यह स्क्वायर 1948 में श्रीलंका की आजादी की याद में बनाया गया था.

प्रदर्शन करने पर 650 से ज्यादा गिरफ्तार

इससे पहले राजधानी कोलंबो में रविवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने पर 650 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया था. ये लोग आर्थिक संकट के विरोध में कर्फ्यू तोड़कर सरकार के खिलाफ मार्च निकाल रहे थे.

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सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाया गया प्रतिबंध

श्रीलंका में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके बाद रविवार को देश में फेसबुक, ट्विटर, वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम सहित सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आउट ऑफ सर्विस हो गए. इंटरनेट पर निगरानी रखने वाली संस्था NetBlocks ने इसकी जानकारी दी. दूसरी तरफ राजधानी कोलंबो में चप्पे-चप्पे पर आर्मी और पुलिस के जवान पहरा दे रहे हैं, ताकि माहौल बिगड़े नहीं.

भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

आर्थिक संकट से जूझ रही श्रीलंका को भारत मदद पहुंचा रहा है. फ्यूल क्राइसिस से जूझ रहे श्रीलंका की मदद के लिए भारत ने ऑयल टैंकर भेजा था, जो शनिवार को श्रीलंका पहुंच गया. अब भारत श्रीलंका को 40 हजार टन चावल की खेप भेजने की तैयारी कर रहा है. भारत 2022 में श्रीलंका को कम से कम 300,000 टन चावल भेजेगा. इससे श्रीलंका में आपूर्ति बढ़ेगी, जिससे देश में कीमतें कम हो सकती हैं. (एजेंसी इनपुट के साथ)

Tags: Srilanka

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