द. कोरिया के राष्ट्रपति मून ने बाइडन से की सिफारिश, कहा- उ. कोरिया से वार्ता आगे बढ़ाएं

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने बाइडन से उत्तर कोरिया से वार्ता बढ़ाने की बात की. फोटो: AFP

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने बाइडन से उत्तर कोरिया से वार्ता बढ़ाने की बात की. फोटो: AFP

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन (Moon Jae-in) ने अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) से नार्थ कोरिया के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि जिस तरह राष्ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) ने उत्तरी कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन (Kim Jong Un) के साथ बातचीत का एक रास्ता बनाया था जो बाइडन को भी वही रुख अख्तियार करना चाहिए.

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  • Last Updated: January 18, 2021, 1:12 PM IST
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सिओल. दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन (South Korean President Moon Jae-in) ने अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन (U.S. President-elect Joe Biden ) से नार्थ कोरिया के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने का अनुरोध किया है. उन्होंने सोमवार को कहा कि जिस तरह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने उत्तरी कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन (Kim Jong Un) के साथ बातचीत का एक रास्ता बनाया था जो बाइडन को भी वही रुख अख्तियार करना चाहिए. हाल ही में किम जोंग उन ने देश में परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाने और सैन्य क्षमता को बेहतर बनाने की बात की थी. इसके साथ ही अमेरिका के साथ अपने संबंधों को बेहतर बनाने पर किन जोंग ने अमेरिका को अपनी नीति बदलने की बात भी कही थी.

20 जनवरी को शपथ ग्रहण करेंगे बाइडन

यह माना जा रहा है कि किम का यह बयान नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन पर दबाव बनाने के मकसद से दिया गया था. अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों से राहत के बदले उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को खत्म करने के उद्देश्य से हो रही बातचीत में लंबे समय से जारी गतिरोध के बीच जो बाइडन 20 जनवरी को शपथ ग्रहण करने जा रहे हैं. ऐसे में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति अमेरिका और उत्तरी कोरिया के बीच मध्यस्थ बनने की पेशकश की थी. मून जे-इन ने कहा कि बाइडन की विदेश नीति प्राथमिकता के रूप में उत्तरी कोरिया को आगे रखने के लिए अवसर की तलाश कर रहे हैं ताकि वे उस समझौते का पालन करें जिसे ट्रंप और किम जोंग ने सिंगापुर में अपने पहले शिखर सम्मेलन में साथ मिलकर तय किया था.

अमेरिका और उत्तरी कोरिया के बीच कई बार हुई बातचीत
ट्रंप और किम जोंग ने नए संबंधों को स्थापित करने और उस संयुक्त बयान में कोरियाई प्रायद्वीप को पूर्ण रूप से परमाणु मुक्त करने की दिशा में काम करने की प्रतिज्ञा ली थी लेकिन फरवरी 2019 में वियतनाम के हनोई में हुई उनकी दूसरी शिखर बैठक और आगामी कार्य-स्तरीय वार्ता विफल हो गई थी. इसके बाद में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह वार्ता उत्तर कोरिया द्वारा सभी प्रतिबंधों को समाप्त करने के अनुरोध के कारण विफल हुई जिसके जवाब में उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग-हो ने कहा कि देश ने 2016 और 2017 के बीच उत्तर कोरिया पर लगाए गए पांच संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों के आंशिक रूप से उठाने की मांग की थी.

किम जोंग ने परमाणु क्षमता बढ़ाने की है घोषणा

मून ने पिछले सप्ताह किम जोंग द्वारा सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के दुर्लभ सम्मेलन में परमाणु क्षमता बढ़ाने की बात का हवाला देते हुए कहा कि इस प्रतिज्ञा ने शांति समझौते के लिए बातचीत फिर से शुरू करने की आवश्यकता को केंद्र में ला दिया है. मून ने दक्षिण कोरिया-अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास के मुद्दे पर एक अंतर-कोरियाई सैन्य पैनल को दुबारा शुरू कर चर्चा की जा सकती है. उत्तरी कोरिया इस सैन्य अभ्यास की युद्ध का पूर्वाभ्यास कह कर निंदा करता आया है.



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मून ने जापान के साथ राजनयिक समाधान के लिए भी आह्वान किया जिसके अंतर्गत जबरन काम कराये जाने से पीड़ित श्रमिकों को मुआवजा देने के लिए जापानी कॉरपोरेट परिसंपत्तियों की योजनाबद्ध बिक्री को रोकने की बात कही गई. उन्होंने कहा कि यह द्विपक्षीय संबंधों के लिए "अवांछनीय" होगा.
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