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पृथ्वी पर लौटते वक्त रूसी अंतरिक्ष यान में हुआ धमाका, एस्ट्रोनॉट्स ने शेयर की तस्वीरें

इस कार्गो शिप ने अंतरिक्ष में स्पेस स्टेशन के साथ जुड़े रहकर करीब 7 महीने गुजारे. (फोटो: Twitter/@Astro_Soichi
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इस कार्गो शिप ने अंतरिक्ष में स्पेस स्टेशन के साथ जुड़े रहकर करीब 7 महीने गुजारे. (फोटो: Twitter/@Astro_Soichi )

रॉसकॉसमोस (Roscosmos) ने प्रोग्रेस MS-15 को 23 जुलाई 2020 को कजाकिस्तान के बैकोनुर कॉस्मोड्रोम से स्पेस स्टेशन के लिए लॉन्च किया था. रॉसकॉसमोस के मुताबिक, लॉन्च के तुरंत बात यह अंतरिक्ष यान रिकॉर्ड समय में अपनी जगह पर पहुंच गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 10, 2021, 1:54 PM IST
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नई दिल्ली. कार्गो मिशन (Cargo Mission) पर गया रूस का 'स्पेस ट्रक' (Russia Space Truck) पृथ्वी (Earth) पर लौटने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. रूसी स्पेस एजेंसी रॉसकॉसमोस का कार्गो शिप प्रोग्रेस MS-15 पृथ्वी के वातावरण में पहुंचने के बाद ही फट (Progress MS-15 Burned) गया. यह घटना सोमवार 8 फरवरी की बताई जा रही है. वहीं, अंतरिक्ष में मौजूद एस्ट्रोनॉट्स (Astronauts) इस घटना के गवाह बने. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए इस घटना की जानकारियां साझा की हैं.

इस घटना की जानकारी देते हुए जापान की स्पेस एजेंसी JAXA के एस्ट्रोनॉट सुइची नोगुची ने लिखा कि अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से अनडॉक होने के बाद रूसी कार्गो स्पेसक्राफ्ट प्रोग्रेस 76P MS-15 ने आग पकड़ ली और वो जल गया. नोगुची ने इस घटना की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर साझा की है. इस तस्वीर में स्पेसक्राफ्ट आग के गोले में बदलता हुआ नजर आ रहा है.

रूस के इवान वैगनर ने कार्गो शिप की पुरानी तस्वीरें साझा की हैं. (फोटो: Twitter/@ivan_mks63)




रॉसकॉसमोस ने प्रोग्रेस MS-15 को 23 जुलाई 2020 को कजाकस्तान के बैकोनुर कॉस्मोड्रोम से स्पेस स्टेशन के लिए लॉन्च किया था. रॉसकॉसमोस के मुताबिक, लॉन्च के तुरंत बात यह क्राफ्ट रिकॉर्ड टाइम में अपनी जगह पर पहुंच गया था. खास बात है कि यह एक तरह की रुटीन डिलीवरी है, जिसमें स्पेस स्टेशन तक 2.5 टन से ज्यादा सामान पहुंचाया गया था. इस तरह के कार्गो मिशन्स स्पेस स्टेशन तक उपकरणों के अलावा खाना और दूसरी चीजें पहुंचाता है.

खास बात है कि इस कार्गो शिप ने अंतरिक्ष में स्पेस स्टेशन के साथ जुड़े रहकर करीब 7 महीने गुजारे. वहीं, बीते सोमवार को इसे MS-15 से अलग किया गया था. इसके बाद यह स्टेशन से दूर पहुंचा और पृथ्वी के वातावरण में आकर जल गया. हालांकि, यह सब पहले से ही तय था. रूसी मिशन कंट्रोल सेंटर के जानकार ने बताया कि इस कार्गो शिप के टुकड़े दक्षिणी प्रशांत महासागर में गिरे हैं. खास बात है कि जिस इलाके में ये टुकड़े गिरे हैं, वहां ज्यादा ट्रैफिक नहीं होता है.
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