पाकिस्तान में तालिबान से अलग हुए आंतकियों की वापसी, दोबारा जुड़े संगठन से

पाकिस्तान में तालिबान से अलग हुए आंतकियों की वापसी, दोबारा जुड़े संगठन से
प्रतीकात्मक तस्वीर.

तालिबान (Taliban) के प्रवक्ता ने बताया कि तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान से अलग हुआ एक आतंकवादी गुट (Terrorist Group) फिर से इस आतंकी संगठन से जुड़ गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 17, 2020, 9:44 PM IST
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पेशावर. पाकिस्तान तालिबान से अलग हुआ एक आतंकवादी गुट फिर से इस आतंकी संगठन से जुड़ गया है. तालिबान (Taliban) के प्रवक्ता मोहम्मद खुरासानी ने एक बयान में कहा कि अलग हुए गुट के शीर्ष नेताओं और लड़ाकों का हाल में एक कार्यक्रम में स्वागत किया गया. पाकिस्तान (Pakistan) तालिबान को तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान या टीटीपी भी कहा जाता है. यह आतंकी संगठन अफगान तालिबान से अलग है. इससे अलग हुआ गुट बाद में खुद दो गुटों में बंट गया था.

गौरतलब है कि हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि पाकिस्तान के करीब 6,000-6,500 आतंकवादी पड़ोसी अफगानिस्तान में सक्रिय हैं जिनमें से अधिकतर का संबंध 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' से है और वे दोनों देश के लिए खतरा हैं.' आईएसआईएस, अल-कायदा और संबंद्ध व्यक्तियों एवं संस्थाओं से संबंधित विश्लेषणात्मक सहायता एवं प्रतिबंध निगरानी टीम' की 26वीं रिपोर्ट में कहा गया कि 'भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा' (एक्यूआईएस) तालिबान के तहत अफगानिस्तान के निमरूज, हेलमंद और कंधार प्रांतों से काम करता है. इसमें कहा गया, 'खबरों के मुताबिक संगठन में बांग्लादेश, भारत, म्यामां और पाकिस्तान से 150 से 200 के बीच सदस्य हैं. एक्यूआईएस का मौजूदा सरगना ओसामा महमूद है. जिसने मारे गए आसिम उमर की जगह ली है.'

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जवाबी कार्रवाई की साजिश
रिपोर्ट के अनुसार, 'खबरें हैं कि एक्यूआईएस अपने पूर्व सरगना की मौत का बदला लेने के लिए क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई की साजिश रच रहा है.' रिपोर्ट में कहा गया कि 'अफगानिस्तान में मौजूद सबसे बड़े आतंकवादी संगठन', तहरीक-ए-तालिबान पाकेस्तान (टीटीपी) ने पाकिस्तान में कई हाई प्रोफाइल हमलों की जिम्मेदारी ली है और जमात-उल-अहरार और लश्कर-ए-इस्लाम द्वारा किए गए अन्य हमलों में मदद की है. इसमें कहा गया कि टीटीपी के कई पूर्व आतंकवादी इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड द लैवेंट खुरासान (आईएसआईएल-के) में शामिल हो गए हैं और सदस्य राष्ट्रों को आशंका है कि संगठन और इसके विभिन्न छोटे-मोटे समूह आईएसआईएल-के के साथ खुद को संबद्ध कर लेंगे. रिपोर्ट में कहा गया, 'अफगानिस्तान में कुल पाकिस्तानी विदेशी आतंकवादी लड़ाकों की संख्या करीब 6,000 से 6,500 के बीच है, जिनमें से ज्यादातर का संबंध टीटीपी के साथ है और यह दोनों देशों के लिए खतरा पैदा करता है.'
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