H-1B वीजा धारकों के जीवनसाथियों ने ट्रंप प्रशासन पर दर्ज किया केस

याचिका में कहा गया है कि H-4 वीजा के विस्तार में हो रही देरी के कारण उनके परिवारों के वित्त पोषण पर असर पड़ा है और उनके काम देने वालों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है.

News18Hindi
Updated: June 9, 2019, 12:55 PM IST
H-1B वीजा धारकों के जीवनसाथियों ने ट्रंप प्रशासन पर दर्ज किया केस
डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)
News18Hindi
Updated: June 9, 2019, 12:55 PM IST
चार H-1B वीजाधारकों के जीवनसाथियों ने H-4 वीजा विस्तार और वर्क अथॉराइजेशन एप्लिकेशन के रिन्यूवल में हो रही अनुचित देरी के लिए ट्रंप प्रशासन पर मुकदमा दर्ज किया है.

अमेरिकी जिला अदालत में 6 जून को दायर एक याचिका में कहा गया है कि देरी के कारण याचिकाकर्तओं की नौकरी जाने का खतरा है. यहीं नहीं उनके मेडिकल इंश्योरेंस और ड्राइविंग लाइसेंस पर भी खतरा मंडरा रहा है.



याचिका में कहा गया है कि H-4 वीजा के विस्तार में हो रही देरी के कारण उनके परिवारों के वित्त पोषण पर असर पड़ा है और उनके काम देने वालों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है.

क्या है H-4 वीजा

H-4 वीजा H-1B वीजा धारकों के जीवन साथियों को मिलता है. H-4 एक आश्रित वीजा है जिसकी अवधि प्रिंसपल वीजा धारक को दी गई अवधि के साथ ही समाप्त होती है. बता दें कि H-4 वीजाधरक को नौकरी अथवा स्व-रोजगार का अधिकार नहीं होता है.

हालांकि ग्रीन कार्ड धारक के जीवनसाथ रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज (EAD) प्राप्त कर सकते हैं, जो काम करने का परमिट है. EAD जीवनसाथी को एक सामाजिक सुरक्षा नंबर प्राप्त करने में सक्षम बनाता है. इसके जरिए बैंक में खाता खोला जा सकता है और ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त किया जा सकता है.

ये भी पढ़ें: अमेरिका-चीन की लड़ाई से भारत में लाखों लोगों की नौकरियों पर मंडरा रहा है खतरा
Loading...

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पाससब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...