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कोरोना वेरिएंट 'ओमिक्रॉन' को 'बेअसर' कर देगी स्पुतनिक वी और स्पुतनिक लाइट वैक्सीन: रूस का दावा

कोरोना वेरिएंट 'ओमिक्रॉन' को 'बेअसर' कर देगी स्पुतनिक वी और स्पुतनिक लाइट वैक्सीन: रूस का दावा

रूस का स्पुतनिक वी कोरोना वायरस वैक्सीन. (फाइल फोटो)

रूस का स्पुतनिक वी कोरोना वायरस वैक्सीन. (फाइल फोटो)

Omicron Coronavirus Variant: वैज्ञानिकों का कहना है कि 'ओमिक्रॉन' वेरिएंट कई बार उत्परिवर्तन (Mutations) का नतीजा है. कोविड के अधिक संक्रामक स्वरूप बी.1.1.1.529 के बारे में पहली बार 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका की ओर से विश्व स्वास्थ्य संगठन को सूचित किया गया था. इसके बाद बोत्सवाना, बेल्जियम, हांगकांग, इजरायल, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क और नीदरलैंड में भी इसकी पहचान की गई है. ओमिक्रॉन को कोरोना वायरस के विभिन्न स्वरूपों में सबसे खतरनाक माना जा रहा है.

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    नई दिल्ली. रूस ने सोमवार को कहा कि उसके स्पुतनिक वी और स्पुतनिक लाइट कोविड -19 टीके वायरस के नए उत्परिवर्तित (Mutated) ‘ओमिक्रॉन’ वेरिएंट (Omicron Variant) को “बेअसर” कर देंगे क्योंकि प्रमुख दवा कंपनियां अपने इंजेक्शन का परीक्षण करने के लिए तैयारियों में जुट गई हैं. गैमेलिया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी जिसे SARS-CoV-2 के लिए जल्द-से-जल्द वैक्सीन विकसित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे अच्छी तरह से जाना जाता है, ने कहा कि वह मानता है कि स्पुतनिक वी “अन्य उत्परिवर्तन के खिलाफ सबसे अधिक असरदार” (Highest Efficacy vs Other Mutations) है.

    स्पुतनिक वी (Sputnik V) के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने रसियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड के सीईओ के. दिमित्रीव का एक बयान साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा, “गैमेलिया रिसर्च इंस्टीट्यूट का मानना ​​​​है कि स्पुतनिक वी और स्पुतनिक लाइट (Sputnik Light) ओमिक्रॉन को बेअसर कर देगा क्योंकि उसके पास अन्य उत्परिवर्तनों से लड़ने की क्षमता सबसे ज्यादा है. यदि किसी बदलाव की जरूरत नहीं है, तो हम 20 फरवरी, 2022 (एसआईसी) तक कई सौ मिलियन स्पुतनिक ओमिक्रॉन बूस्टर उपलब्ध कराएंगे.”

    ओमिक्रॉन पर डब्ल्यूएचओ ने क्या कहा
    इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि अभी यह ‘स्पष्ट नहीं है’ कि क्या केाविड-19 का नया स्वरूप ‘ओमिक्रॉन’, डेल्टा स्वरूप समेत अन्य स्वरूपों की तुलना में अधिक संक्रामक है और क्या यह अपेक्षाकृत अधिक गंभीर बीमारी का कारण है. डब्ल्यूएचओ ने कहा, “इस बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है, जो यह बताती हो कि ‘ओमिक्रॉन’ से जुड़े लक्षण अन्य स्वरूपों की तुलना में अलग हैं.” उसने कहा कि ‘ओमिक्रॉन’ स्वरूप की गंभीरता का स्तर समझने में कई दिनों से लेकर कई सप्ताह तक का समय लगेगा.

    पहली बार 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका में हुई नए वेरिएंट की पहचान
    वैज्ञानिकों का कहना है कि ‘ओमिक्रॉन’ वेरिएंट कई बार उत्परिवर्तन (Mutations) का नतीजा है. कोविड के अधिक संक्रामक स्वरूप बी.1.1.1.529 के बारे में पहली बार 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका की ओर से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को सूचित किया गया था. इसके बाद बोत्सवाना, बेल्जियम, हांगकांग, इजरायल, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क और नीदरलैंड में भी इसकी पहचान की गई है.

    WHO ने ‘ओमिक्रॉन’ को बताया ‘चिंताजनक स्वरूप’
    ओमिक्रॉन को कोरोना वायरस के विभिन्न स्वरूपों में सबसे खतरनाक माना जा रहा है. डब्ल्यूएचओ ने 26 नवंबर को इसे ‘चिंताजनक’ स्वरूप (Variant of Concern) बताते हुए ओमिक्रॉन नाम दिया. ‘चिंताजनक स्वरूप’ डब्ल्यूएचओ की कोरोना वायरस के ज्यादा खतरनाक स्वरूपों की शीर्ष श्रेणी है. कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट को भी इसी श्रेणी में रखा गया था.

    Tags: Coronavirus, Coronavirus vaccine, Omicron variant, Russia, Sputnik Light, Sputnik V Vaccine

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