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श्रीलंका की मदद में भारत की राह पर चल पड़ा चीन, लेकिन मिली नाकामी

चीन ने आर्थिक संकट से गुजर रहे श्रीलंका को मदद करने का आश्वासन दिया है. (एपी फाइल फोटो)

चीन ने आर्थिक संकट से गुजर रहे श्रीलंका को मदद करने का आश्वासन दिया है. (एपी फाइल फोटो)

Sri Lanka Crisis: चीन ने पिछले सप्ताह श्रीलंका के वित्त मंत्रालय को एक पत्र भेजा था, जिसमें खराब आर्थिक संकट के बीच द्व ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. कर्ज में डूबे श्रीलंका (Sri Lanka Crisis) की मदद के लिए भारत की राह पर चीन भी चल पड़ा है. चीन ने बेलआउट पैकेज को जारी करने के लिए आईएमएफ को वित्तीय आश्वासन दिया है. भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के श्रीलंका दौरे के बाद चीन (China) ने यह कदम उठाया है. द संडे मॉर्निंग की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने पिछले सप्ताह श्रीलंका के वित्त मंत्रालय को एक पत्र भेजा था, जिसमें खराब आर्थिक संकट के बीच द्वीप राष्ट्र द्वारा चलाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) कार्यक्रम के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया था.

चीन ने श्रीलंका को मदद का दिया आश्वासन
रिपोर्ट में कहा गया है कि श्रीलंका सरकार उम्मीद कर रही थी कि चीनी सरकार भारत की तरह ऋण पुनर्गठन कार्यक्रम पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देगी. हालांकि, चीन ने श्रीलंका के वित्त मंत्रालय को एक पत्र भेजा है, जिसमें कहा गया है कि वह आईएमएफ कार्यक्रम का समर्थन करेगा. सूत्र ने द संडे मॉर्निंग को बताया, “हालांकि, हम बातचीत जारी रखेंगे और सर्वश्रेष्ठ की उम्मीद करेंगे.”  विशेष रूप से, श्रीलंका देश के सबसे खराब आर्थिक संकट से राहत के लिए आईएमएफ बेलआउट का इंतजार कर रहा है.

श्रीलंका दौरे पर एस जयशंकर ने दोहराई नेबरहुड फर्स्ट नीति
इस सप्ताह की शुरुआत में, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रेखांकित किया कि पिछले साल भारत की ओर से 4 बिलियन अमरीकी डॉलर की वित्तीय सहायता ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तौर पर थी. दो दिवसीय यात्रा पर बीते गुरुवार को श्रीलंका पहुंचे एस जयशंकर ने श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे सहित अन्य शीर्ष नेताओं से मुलाकात की थी. एस जयशंकर ने भारत की तरफ से लागू आवासीय परियोजना के तहत गाले, कैंडी और नुवारा इलिया जिले में 300 तैयार घरों को सौंपा.

जब भी श्रीलंका को मदद की जरूरत होगी भारता हमेशा आगे आएगा- एस जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत कई प्रमुख क्षेत्रों में श्रीलंका की अर्थव्यवस्था में अधिक से अधिक निवेश को प्रोत्साहित करेगा. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब श्रीलंका को जरूरत महसूस होगी तो भारत अतिरिक्त कदम उठाने के लिए तैयार है. जयशंकर ने श्रीलंका की ऊर्जा सुरक्षा चुनौतियों के समाधान के संदर्भ में नवीकरणीय ऊर्जा ढांचे पर सैद्धांतिक समझौते का स्वागत किया.

Tags: China, Sri lanka

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