श्रीलंका ईस्टर बम धमाकों की जांच कर सकती है NIA, कुछ दिन पहले ही बदले हैं नियम

घटनाक्रम से जुड़े गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि श्रीलंका में हुए धमाकों की घटना, एनआईए द्वारा विदेशों में जांच किया जाने वाला पहला मामला बनने जा रहा है.

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Updated: July 28, 2019, 9:40 PM IST
श्रीलंका ईस्टर बम धमाकों की जांच कर सकती है NIA, कुछ दिन पहले ही बदले हैं नियम
श्रीलंका में हुए धमाकों की घटना, एनआईए द्वारा विदेशों में जांच किया जाने वाला पहला मामला बनने जा रहा है (File Photo)
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Updated: July 28, 2019, 9:40 PM IST
संसद के राष्ट्रीय अन्वेषण अधिकरण संशोधन विधेयक को मंजूरी दिए जाने के बाद श्रीलंका के ईस्टर बम विस्फोट का मामला संभवत: ऐसा पहला मामला होगा जिसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी.

इसी साल 21 अप्रैल को श्रीलंका में नौ आत्मघाती हमलावरों ने सिलसिलेवार बम विस्फोटों को अंजाम दिया था. इस हमले में 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी, जबकि सैकड़ों लोग घायल हो गए थे.

संसद ने विदेशों में आतंकवादी घटनाओं में भारतीय नागरिकों के प्रभावित होने की स्थिति में ‘एनआईए’ को मामला दर्ज कर अन्य देशों में जाकर जांच करने का अधिकार देने वाले एक महत्वपूर्ण विधेयक ‘राष्ट्रीय अन्वेषण अधिकरण संशोधन विधेयक 2019’ को 17 जुलाई को अपनी मंजूरी दे दी थी और कानून मंत्रालय ने 25 जुलाई को इस संबंध में अधिसूचना जारी की थी.

पहली बार विदेशों में जांच कर सकती है एनआईए

घटनाक्रम से जुड़े गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि श्रीलंका में हुए धमाकों की घटना, एनआईए द्वारा विदेशों में जांच किया जाने वाला पहला मामला बनने जा रहा है.

एनआईए के दो सदस्यीय दल ने मई में श्रीलंका का दौरा किया था और वहां अधिकारियों से उन दावों के बारे में चर्चा की थी. जिनमें कहा गया था कि आतंकवादी संगठन आईएसआईएस से जुड़े कुछ आतंकवादियों ने कश्मीर समेत भारत की यात्रा की थी.

संशोधन के बाद कई कदम उठा पाएगी एनआईए
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अधिकारी ने बताया कि हालांकि, अभी तक एनआईए अपने अधिकार क्षेत्र में नहीं होने के कारण कोई भी मामला दर्ज नहीं कर पाई है. लेकिन संशोधित कानून के साथ, एजेंसी अब मामले की जांच कर सकती है. संशोधित अधिनियम एनआईए को भारतीय नागरिकों और विदेशों में भारतीय हितों को निशाना बनाकर किये गये आतंकवादी हमलों की जांच करने का अधिकार देता है.

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चर्च में धमाकों के बाद घटनास्थल की तस्वीर (तस्वीर साभार- PTI)


ईस्टर हमलों से पहले भारत ने द्वीपीय देश को सतर्क किया था कि आईएसआईएस के आतंकवादी वहां हमला करने की साजिश रच रहे है.

क्या बदले हैं नियम
बता दें मौजूदा संशोधन के बाद गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून की अनुसूची चार में संशोधन से एनआईए उस व्यक्ति को आतंकवादी घोषित कर पाएगी जिसके आतंक से संबंध होने का शक हो. साल 2008 में हुए 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के बाद साल 2009 में एनआईए का गठन किया गया था. इस हमले में 166 लोग मारे गए थे.

सूत्रों ने कहा कि साल 2017 से केंद्रीय गृह मंत्रालय दो कानूनों पर विचार कर रहा है ताकि नई चुनौतियों से निपटने के लिए एनआईए को और शक्ति मिल सके. प्रस्ताव के बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों ने पीटीआई को बताया था कि संशोधन एनआईए को साइबर अपराध और मानव तस्करी के मामलों की जांच करने की भी इजाजत देगा.

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First published: July 28, 2019, 5:35 PM IST
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