राजपक्षे नहीं जुटा पाए बहुमत तो राष्ट्रपति ने भंग की संसद, 5 जनवरी को होगा मध्यावधि चुनाव

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति और नवनियुक्त प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे संसद में बहुमत के जादुई आंकड़े 113 से अब भी दूर हैं. इसकी सूचना मिलने के कुछ घंटे के अंदर मौजूदा राष्ट्रपति सिरिसेना ने संसद भंग होने का ऐलान किया है.

News18Hindi
Updated: November 10, 2018, 8:09 AM IST
राजपक्षे नहीं जुटा पाए बहुमत तो राष्ट्रपति ने भंग की संसद, 5 जनवरी को होगा मध्यावधि चुनाव
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति और नवनियुक्त प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे की फाइल फोटो
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Updated: November 10, 2018, 8:09 AM IST
श्रीलंका में एक बार फिर से सियासी संकट गहरा गया है. प्रधानमंत्री पद को लेकर दो हफ्ते से चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने शुक्रवार को संसद भंग कर 5 जनवरी को चुनाव कराने का ऐलान किया.

एक मंत्री के मुताबिक, जब उनकी पार्टी ने इस बात की आधिकारिक घोषणा कर दी कि उनके पास पीएम पद के लिए पर्याप्त संख्याबल नहीं है, तो राष्ट्रपति ने ये कदम उठाया. राजनीतिक गतिरोध की वजह से श्रीलंका में अब तय वक्त से दो साल पहले ही चुनाव कराने पड़ेंगे.

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श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति और नवनियुक्त प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे संसद में बहुमत के जादुई आंकड़े 113 से अब भी दूर हैं. इसकी सूचना मिलने के कुछ घंटे के अंदर मौजूदा राष्ट्रपति सिरिसेना ने संसद भंग होने का ऐलान किया है.

श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने उस आधिकारिक दस्तावेज पर साइन भी कर दिए हैं, जिसके तहत 225 सदस्यीय असेंबली भंग हो गई. राष्ट्रपति का ये आदेश शनिवार आधी रात से लागू हो जाएगा. मंत्री ने अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि श्रीलंका में संभवतः जनवरी में चुनाव हो सकते हैं.

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प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को बर्खास्त कर राजपक्षे को नया प्रधानमंत्री नियुक्त करने के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना के कदम के बाद से श्रीलंका में संवैधानिक संकट जारी है. 'यूनाइटेड पीपुल्स फ्रीडम एलायंस‘ (यूपीएफए) के प्रवक्ता केहेलिया रम्बुकवेला ने राजपक्षे का समर्थन करने वाले सांसदों की कुल संख्या जाहिर किए बिना मीडिया से कहा, ‘अभी हमें 105 से 106 सांसदों का समर्थन हासिल है.’
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बता दें कि श्रीलंका की 225 सदस्यीय संसद में बहुमत के लिए 113 सदस्यों का आंकड़ा जरूरी होता है. सिरिसेना ने पहले एक जनसभा में दावा किया था कि उन्हें 225 सदस्यीय सदन में 113 सांसदों का समर्थन हासिल है. (भाषा इनपुट के साथ)
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