भारत ने श्रीलंका में भारतीय मूल के लोगों के लिए बनाए 404 घर सौंपे

भारत ने श्रीलंका के चाय बागान क्षेत्र में भारतीय मूल के लोगों के लिए 35 करोड़ अमेरिकी डॉलर की लागत की परियोजना के तहत पहली कड़ी में बने घरों को रविवार को सौंप दिया. इनमें से अधिकतर तमिल हैं.

भाषा
Updated: August 12, 2018, 9:15 PM IST
भारत ने श्रीलंका में भारतीय मूल के लोगों के लिए बनाए 404 घर सौंपे
भारत ने श्रीलंका में भारतीय मूल के लोगों के लिए बनाए 404 घर सौंपे (image credit: Twitter@PMOIndia)
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Updated: August 12, 2018, 9:15 PM IST
भारत ने श्रीलंका के चाय बागान क्षेत्र में भारतीय मूल के लोगों के लिए 35 करोड़ अमेरिकी डॉलर की लागत की परियोजना के तहत पहली कड़ी में बने घरों को रविवार को सौंप दिया. इनमें से अधिकतर तमिल हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नुवारा इलिया शहर के दुनसिनाने एस्टेट में घर सौंपने के लिए आयोजित विशेष कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए शिरकत की. ये घर भारतीय आवास योजना के तहत बनाए गए हैं. भारत की ओर से किसी भी देश में ये सबसे बड़ी घर परियोजना है.

मोदी ने कहा कि हमने हमेशा से शांत, सुरक्षित और समृद्ध श्रीलंका का सपना देखा है जहां सब की प्रगति और विकास की आकंक्षाएं पूरी हों. तकरीबन 404 घरों को भारतीय मूल के लोगों को सौंपा गया है जिनमें अधिकतर तमिल हैं.

यहां भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि ज़मीन की मिल्कियत समेत नए घरों को श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे, भारत के उच्चायुक्त तरंजीत सिंह संधू, मंत्री पलानी दिगम्बरम, नवीन दिस्सनायक और ज्ञानथा करुणतिलेका ने सौंपे.

भारतीय मिशन ने ट्वीट किया, 'खराब मौसम और बारिश के बावजूद 1500 से ज्यादा लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया.' मोदी ने कहा कि भारत अपनी नेबरहुड फर्स्ट नीति में श्रीलंका को एक विशेष स्थान पर बनाए रखेगा.

मोदी ने कहा कि 60,000 में से अब तक करीब 4700 घर बन गए हैं. इन घरों को बनाने के लिए दिए गए 35 करोड़ अमेरिकी डॉलर का अनुदान किसी भी देश में भारत द्वारा दिए गए सबसे बड़े अनुदान में से एक है.

उन्होंने कहा, 'श्रीलंका हमारे लिए विशेष है और ये खास बना रहेगा.' लाभार्थियों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, 'आपकी जड़ें भारतीय हैं.' वो श्रीलंका में बड़े हुए हैं. आपने न सिर्फ दो देशों को जोड़ा है बल्कि दिलों को छुआ है और दो महान राष्ट्रों के हाथों को मज़बूत किया है.

भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज हम नए भविष्य का निर्माण कर रहे हैं. भारत और श्रीलंका की दोस्ती नई ऊंचाई पर पहुंची है.'

मोदी ने कहा, 'हम अतिरिक्त 10,000 घरों के निर्माण के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर कर रहे हैं जिस पर 12 अरब श्रीलंकाई रुपए की लागत आएगी.' उन्होंने कहा कि नए 10,000 घरों के निर्माण के लिए भूमि की पहचान कर ली गई है.

भारतीय मिशन ने ट्विटर पर कहा, 'जनता उन्मुख विकास सहायता जारी रखते हुए अतिरिक्त 10,000 घरों को बनाने के लिए लैटर ऑफ एक्सचेंज पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे बागान क्षेत्रों में भारत की अनुदान प्रतिबद्धता बढ़कर 14000 घर हो जाएगी.'

विक्रमसिंघे ने घरों के निर्माण समेत विकास परियोजनाओं में श्रीलंका के साथ साझेदारी की प्रशंसा की. उन्होंने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करता हूं. उन्होंने पिछले साल जो वादा किया था वो पूरा किया.'

विक्रमसिंघे ने भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक संपर्क को याद करते हुए मोदी के रविवार को दिए गए इस सुझाव का स्वागत किया कि कोलंबो और वाराणसी के बीच सीधा वायु संपर्क स्थापित किया जाए जिससे श्रीलंका के श्रद्धालुओं को सुविधा हो.

कोलंबो और वारणासी के बीच एयर इंडिया की उड़ान अगस्त 2017 में शुरू हुई थी. श्रीलंका में रहने वाले भारतीय मूल के तमिल अधिकतर चाय और रबड़ बागानों में काम करते हैं और उनके पास उचित घरों का अभाव है.
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