श्रीलंका सीरियल ब्लास्टः दस साल बाद फिर हरे हुए आतंकवाद के घाव...

दस साल पहले लिट्टे के खात्मे के बाद श्रीलंका में काफी शांति थी. सुरक्षाबल अपने बैरकों में वापस चले गए थे. पुलिस सामान्य तौर पर कानून व्यवस्था बनाए रख रही थी.

News18.com
Updated: April 21, 2019, 3:59 PM IST
श्रीलंका सीरियल ब्लास्टः दस साल बाद फिर हरे हुए आतंकवाद के घाव...
सेंट एंटोनी चर्च के सामने हमले में हताहत हुए किसी व्यक्ति का जूता
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Updated: April 21, 2019, 3:59 PM IST
रविवार का दिन था शशि दनातुंगे अपनी बीवी का बर्थडे मनाने के लिए बाहर जाने वाले थे. ट्रांसपोर्ट एंड सिविल एविएशन मंत्री और पूर्व क्रिकेटर अर्जुन रणतुंगा ने भी फोन करके उनकी पत्नी को बधाई दी थी. तभी उन्हें खबर मिली कि कोलंबों के एक फाइव स्टार होटल में ब्लास्ट हो गया है. इसके अलावा उत्तरी भाग नेगोंबो और बट्टिकलोआ में भी ब्लास्ट हुआ है.

श्रीलंका में बम धमाके से जुड़े तमाम ताजा जानकारी यहां पढ़ें



शशि श्रीलंका की सिविल एविएशन अथॉरिटी में वाइस चेयरमैन हैं. उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि ऐसा होगा. 10 साल पहले लिट्टे के खात्मे के बाद श्रीलंका में काफी शांति थी. सुरक्षाबल अपने बैरकों में वापस चले गए थे. पुलिस सामान्य तौर पर कानून व्यवस्था बनाए रख रही थी.

शशि के घर से ही थोड़ी दूर पर रहने वाले वेंकटेश राव अपने घर से बाहर जाने के लिए तैयार हो रहे थे कि तभी ब्लास्ट की खबर उन्हें मिली. वह कुछ साल पहले ही भारत से श्रीलंका चले गए थे. उन्हें लग रहा था कि श्रीलंका काफी शांत देश है. हालांकि, इस घटना के बाद अब उनका नज़रिया बिल्कुल बदल चुका है. उनका कहना है कि कोई भी देश आतंकवादी घटनाओं से अछूता नहीं है.

श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर रोशन महानामा अपने गार्डेन में थे जब उन्होंने बम ब्लास्ट की खबर सुनी. न्यूज 18 से बात करते हुए उन्होंने कहा पिछले दस सालों से हमें शांति की आदत पड़ गई थी, लेकिन आज की घटना दिल दहलाने वाली है. हमें नहीं पता कि अब हम कहां जाएंगे.

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इस घटना के बाद श्रीलंका के लगभग हर नागरिक की यही कहानी है. करीब 2 करोड़ 20 लाख की जनसंख्या वाले इस देश ने कभी सोचा भी नहीं था कि लिट्टे के खात्मे के बाद श्रीलंका फिर से आतंकवाद की चपेट में आएगा. अब लोग यहां काफी डरे और घबराए हुए हैं.चूंकि अभी तक किसी भी आतंकवादी संगठन ने इसकी ज़िम्मेदारी नहीं ली है इसलिए कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. श्रीलंका सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि वह मामले की पूरी जांच करवाएंगे ताकि सच सामने आ सके. उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता घायलों की देखभाल करना और लोगों की मदद करना है. जांच जारी है और जैसे ही यह पूरी हो जाएगी आतंकवादियों को पकड़ लिया जाएगा.

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