लेबनान के राष्ट्रपति बोले- बेरूत विस्फोट मामले की जांच बेहद जटिल, लगेगा समय

लेबनान के राष्ट्रपति बोले- बेरूत विस्फोट मामले की जांच बेहद जटिल, लगेगा समय
फाइल फोटो.

बेरूत विस्फोट मामले (Beirut Blast) में ईरान (Iran) के विदेश मंत्री ने आरोप लगाया है कि पश्चिमी देश पिछले सप्ताह बेरूत में हुए भीषण विस्फोट के बाद मौके का फायदा उठाने और लेबनान की नीतियों में दखल देने की ताक में हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 16, 2020, 8:00 PM IST
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बेरूत. लेबनान (Lebanon) के राष्ट्रपति माइकल औन ने कहा है कि बेरूत (Berut) में हुए भयावह विस्फोटों की जांच 'बहुत जटिल' है और यह जल्द समाप्त नहीं होगी. इस्तीफे की उठती मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए औन ने फ्रांसीसी टेलीविजन स्टेशन बीएफएमटीवी से कहा कि पद छोड़ना असंभव होगा क्योंकि इससे सत्ता में निर्वात की स्थिति बन जाएगी. चार अगस्त को विस्फोट होने के बाद से किसी विदेशी मीडिया को यह उनका पहला साक्षात्कार है जिसका प्रसारण शनिवार (15 अगस्त) देर रात को किया गया. बेरूत के बंदरगाह में रखे करीब 3,000 टन अमोनियम नाइट्रेट में आग लगने का कारण अभी तक पता नहीं चला है. जो दस्तावेज सामने आए हैं, उनसे पता चलता है कि औन समेत देश के शीर्ष नेताओं और सुरक्षा अधिकारियों को सालों से रखे रसायन के बारे में पता था. विस्फोट में 180 लोग मारे गए और 6,000 से अधिक लोग घायल हो गए. कम से कम 30 लोग अब भी लापता हैं.

औन ने कहा कि जांच तीन हिस्सों में बंटी हुई है. पहले हिस्से का मकसद बंदरगाह के आसपास की परिस्थितियों का पता लगाना, दूसरे चरण का मकसद रसायन कहां से आया, यह पता लगाना और तीसरे भाग में इसे संभालने तथा इसकी सुरक्षा के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाना है. औन ने कहा, ''हमने जल्द से जल्द निष्कर्ष पर पहुंचने का संकल्प लिया था, लेकिन हमें पता चला कि विषय बहुत पेचीदा है और समय लगेगा." दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री ने आरोप लगाया है कि पश्चिमी देश पिछले सप्ताह बेरूत में हुए भीषण विस्फोट के बाद मौके का फायदा उठाने और लेबनान की नीतियों में दखल देने की ताक में हैं. लेबनान की राजधानी बेरूत में चार अगस्त को हुए विस्फोट में शहर के बड़े हिस्से को नुकसान पहुंचा.

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सरकार ने दिया इस्तीफा
बेरूत के दौरे पर आए ईरान के विदेश मंत्री जावेद जरीफ का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब अमेरिका के एक उपमंत्री और फ्रांस के रक्षा मंत्री भी यहां आए हैं. दबाव के बाद लेबनान की सरकार ने इस सप्ताह इस्तीफा दे दिया था. अब तक इस पर औपचारिक सहमति नहीं बनी है कि प्रधानमंत्री के रूप में हसन दियाब का स्थान कौन लेगा. किसी भी उम्मीदवार का नाम सामने नहीं आया है.
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