दक्षिण अफ्रीका : छात्रों ने घर पर बनाया एयरक्राफ्ट, फिर केपटाउन से यात्रा कर मिस्र पहुंचे

चार सीटर एयरक्राफ्ट को 20 युवाओं की टीम ने बनाया है. 12 हजार किलोमीटर का सफर तय करने में युवाओं को तीन हफ्ते का समय लगा.

News18Hindi
Updated: July 14, 2019, 8:43 AM IST
दक्षिण अफ्रीका : छात्रों ने घर पर बनाया एयरक्राफ्ट, फिर केपटाउन से यात्रा कर मिस्र पहुंचे
छात्रों ने घर पर बनाया एयरक्राफ्ट, फिर केपटाउन से यात्रा कर मिस्र पहुंचे
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Updated: July 14, 2019, 8:43 AM IST
दुनियाभर में हर दिन इनोवेशन होते रहते हैं. ऐसा ही एक अविष्कार दक्षिण अफ्रीका में युवाओं के एक ग्रुप ने भी कर दिखाया है. युवाओं के इस ग्रुप ने घर में बने एयरक्राफ्ट से केपटाउन से मिस्र के काहिरा तक की उड़ान भरी. चार सीटर एयरक्राफ्ट को 20 युवाओं की टीम ने बनाया है. 12 हजार किलोमीटर का सफर तय करने में युवाओं को तीन हफ्ते का समय लगा. इस दौरान उन्होंने मलावी, जंजीबार, इथियोपिया, नामीबिया, तंजानिया और युगांडा में स्टॉपेज लिया.

विमान की मुख्य पायलट 17 साल की मेगन वर्नर थीं. उन्होंने कहा कि काहिरा में जब मैंने अपना विमान उतारा तो मुझे सबसे अधिक गर्व हुआ. एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक पहुंचने का सफर यादगार था. इस प्रोजेक्ट के अविष्कार से मैं अफ्रीका के लोगों को बताना चाहती हूं कि अगर आप ठान लें तो सबकुछ संभव है.



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युवाओं ने एयरक्राफ्ट को तीन हफ्तों में तैयार किया है. इसके लिए उन्होंने हजारों पुर्जों को पहले इकट्ठा किया और उसके बाद उसे असेंबल किया. इसके पुर्जे दक्षिण अफ्रीकी कंपनी एयरप्लेन फैक्ट्री से लिए गए थे. मेगन के पिता डेस वर्नर जो कि खुद एक कमर्शियल पायलट हैं, उन्होंने बताया कि एक स्लिंग-4 (बेसिक एयरक्राफ्ट) बनाने में एक अच्छी टीम को 3000 घंटे तक लग जाते हैं.

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मुश्किल भरा था सफर
मेगन ने बताया कि केपटाउन से मिस्र के काहिरा तक का सफर तय करने में काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा है. मेगन ने बताया कि यात्रा के दौरान जब उनका एयरक्राफ्ट इथियोपिया पहुंचा तो उन्हें वहां पर ईधन तक नहीं मिला. इसी तरह जब विमान सूडान के ऊपर से गुजर रहा था तब हमें वहां पर चल रहे गृहयुद्ध का डर लग रहा था. इसके बावजूद हमने सफर पूरा किया.
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