राहत! सूडान में महिलाओं के खतने पर बैन, गैर-मुस्लिम पी सकेंगे शराब

राहत! सूडान में महिलाओं के खतने पर बैन, गैर-मुस्लिम पी सकेंगे शराब
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नए कानून के अनुसार अब गैर-मुस्लिमों (Non-Muslim) को प्राइवेट में शराब पीने की इजाजत होगी. लेकिन मुस्लिमों पर अभी भी इसका प्रतिबंध लगा रहेगा.

  • Share this:
खार्तूम. सूडान में कट्टर इस्लामिक शासन अब खत्म हो चुका है. अप्रैल माह में महिलाओं के खतने (Female Genital Mutilation) को अपराध करार देने के बाद अब इसे कानून बना लिया गया है, इतना ही नहीं सरकार इसके साथ दूसरे नए कानून भी लाई है. इन नए कानूनों में गैर-मुस्लिमों (Non-Muslim) को शराब पीने का अधिकार, इस्लाम त्यागने का अधिकार, महिलाओं को बिना पुरुष रिश्तेदारों के सफर करने का अधिकार भी अब मिल गए हैं. इस बारे में बताते हुए देश के न्याय मंत्री नसरुद्दीन अब्दुलबरी ने कहा कि ऐसे सभी कानून खत्म कर दिए गए हैं जिनसे मानवाधिकार का उल्लंघन होता है.

बता दें, सूडान में करीब 30 साल तक कट्टर इस्लामिक शासन रह चुका है. पिछले साल बड़े आंदोलन के बाद उमर अल-बशीर के शासन को उखाड़ फेंका गया. अब वहां की अंतरिम सरकार देश को प्रगतिशील बनाने की राह पर चल पड़ी है. अप्रैल के महीने में महिलाओं के खतने को अपराध करार देने के बाद इसे लेकर कानून बना लिया गया है. इसके साथ ही सरकार दूसरे नए कानून भी लाई है, जिनमें गैर-मुस्लिमों को शराब पीने का अधिकार, इस्लाम त्यागने का अधिकार, महिलाओं को बिना पुरुष रिश्तेदारों के सफर करने का अधिकार दिए गए हैं. इनके बारे में जानकारी देते हुए देश के न्याय मंत्री नसरुद्दीन अब्दुलबरी ने कहा कि ऐसे सभी कानूनों को खत्म किया जा रहा है जिनसे मानवाधिकार उल्लंघन होता है.

ये भी पढ़ें: US को पड़ा चीन के खिलाफ बोलना भारी, कपड़े के टैग की इस तस्वीर पर मचा बवाल



खतना तिए जाने पर सजा
देश में अब महिलाओं के खतने को अपराध करार दिया गया है और अब इसका कानून तैयार कर लिया है. अब खतना किए जाने पर तीन साल की सजा और जुर्माना हो सकता है. इतना ही नहीं जो इस प्रकिया को अंजाम देगा उसके खिलाफ भी ऐक्शन लिया जाएगा. नए कानून के अनुसार अब गैर-मुस्लिमों को प्राइवेट में शराब पीने की इजाजत होगी. लेकिन मुस्लिमों पर अभी भी इसका प्रतिबंध लगा रहेगा. वहीं, अगर कोई गैर-मुस्लिम किसी मुस्लिम के साथ शराब पीता पकड़ा गया तो उसे सजा होगी.

इस्लाम त्यागने का अधिकार
नए कानून के अनुसार, अब इस्लाम त्यागने पर मौत की सजा नहीं होगी. इतना ही नहीं, अब सार्वजनिक रूप से सजा देने के चलन को खत्म कर दिया गया है. इसके अलावा महिलाओं को बिना किसी पुरुष रिश्तेदार के सफर करने की इजाजत भी दे दी गई है. वहीं, नवंबर में महिलाओं को सार्वजनिक तौर पर कैसे पहनना-ओढ़ना है और व्यवहार करना है, यह तय करने वाले कानून को हटा दिया गया था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading