अपना शहर चुनें

States

कनाडा में हुई सुपर30 के संस्थापक आनंद कुमार के कामों की तारीफ

सुपर थर्टी के फाउंडर आनंद कुमार  (फाइल फोटो)
सुपर थर्टी के फाउंडर आनंद कुमार (फाइल फोटो)

बिहार के शिक्षक आनंद कुमार अपने कार्यों के कारण भारत में तो प्रसिद्ध थे ही, अब उन्‍हें कनाडा में एक बार फिर सराहा गया है. वंचित बच्‍चों को कोचिंग देकर भारत के सर्वोच्‍च शिक्षा संस्‍थानों तक पहुंचाने की हर मुश्किल आसान करने वाले आनंद कुमार पर बॉलीवुड में फिल्‍म भी बन चुकी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 23, 2021, 10:09 PM IST
  • Share this:
ओटावा. कनाडा के एक सांसद ने वंचित बच्चों के लिए सुपर30 के संस्थापक एवं शिक्षक आनंद कुमार के ‘‘प्रेरक कार्य’’ की शिक्षा के एक सफल मॉडल के तौर पर प्रशंसा की है. ब्रिटिश कोलंबिया में मैपल रिज और पिट मीडोज के सांसद मार्क डाल्टन ने संघीय जिले में शिक्षा परियोजनाओं का ब्योरा देते हुए कहा, ‘‘सुपर30 के प्रेरक कार्य समाज के वंचित वर्ग के छात्रों की भारत के प्रमुख संस्थानों तक पहुंचने में सभी बाधाओं को दूर करने में मदद कर रहे हैं.’’

डाल्टन ने कहा कि मैपल रिज के निवासी बीजू मैथ्यू ने कुमार पर एक किताब लिखी है जो बिहार में जन्मे गणितज्ञ हैं और यह शिक्षाविदों के लिए बहुत प्रेरणादायक है. सुपर30, एक अत्यधिक प्रशंसित शैक्षिक कार्यक्रम है जिसकी स्थापना कुमार ने की है. सुपर30 बिना किसी शुल्क के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान प्रवेश परीक्षा के लिए हर साल 30 वंचित छात्रों को प्रशिक्षित करता है. कुमार को इससे पहले 2012 में कनाडा में एक प्रांत स्तरीय समारोह में सम्मानित किया गया था. तत्कालीन उन्नत शिक्षा मंत्री, ब्रिटिश

कोलंबिया सरकार, नाओमी यामामोटो ने कुमार को एक ‘प्रतिभाशाली’ शिक्षक करार दिया था.

अमेरिका में भी सराहे जा चुके हैं आनंद


गरीब बच्चों को ‘सुपर 30’ कोचिंग के जरिए इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने वाले लोकप्रिय गणित शिक्षक आनंद कुमार को अमेरिका में भी सराहा जा चुका है. उन्‍हें अमेरिकी अप्रवासी भारतीय लोगों के एक संगठन ने न्यूयॉर्क में आमंत्रित भी किया था.  फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन (एफआईए) ने  2020 में बड़े पैमाने पर अमेरिका में  भारतीय  गणतंत्र दिवस का उत्‍सव आयोजन  किया  था. अप्रवासी भारतीयों के इस पुराने संगठन के 50 साल भी पूरे हो रहे थे. एफआईए के अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया था कि एफएआई 2020 में 50 साल का हो रहा है और हमने काफी विचार के बाद आनंद कुमार के नाम पर सहमति बनाई. क्योंकि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा काम किया है. उनका काम पूरी दुनिया में चर्चा का विषय है जिस पर प्रत्येक भारतीय को गर्व है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज