चीनी आक्रामकता के खिलाफ भारत के लिए अमेरिका में बढ़ रहा है दोनों दलों का समर्थन

चीनी आक्रामकता के खिलाफ भारत के लिए अमेरिका में बढ़ रहा है दोनों दलों का समर्थन
अमेरिकी सांसदों ने चीनी आक्रामकता की निंदा की है जबकि भारतीय रुख की तारीफ. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

लद्दाख में चीन द्वारा हाल में दिखाई गई सैन्य आक्रामकता (Chinese Agression at India Border) के खिलाफ भारत को अमेरिकी कांग्रेस (American Congress) के द्विदलीय सदस्यों का जबरदस्त समर्थन मिला है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 1, 2020, 10:11 AM IST
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वाशिंगटन. लद्दाख में चीन द्वारा हाल में दिखाई गई सैन्य आक्रामकता (Chinese Agression at India Border) के खिलाफ भारत को अमेरिकी कांग्रेस (American Congress) के द्विदलीय सदस्यों का जबरदस्त समर्थन मिला है. भारत और चीन की सेनाओं के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के कई इलाकों में पांच मई के बाद से गतिरोध चल रहा है. हालात तब बिगड़ गए जब 15 जून को गलवान घाटी में झड़पों में भारतीय सेना के 20 कर्मी शहीद हो गए और चीन के भी कई सैनिक मारे गए.

अमेरिकी सांसदों ने चीन के रवैये की निंदा की

पिछले कुछ हफ्तों में प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों के कई सांसदों ने भारतीय क्षेत्रों को हथियाने की चीन की कोशिशों के खिलाफ भारत के सख्त रुख की तारीफ की है. डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ सांसदों में से एक फ्रैंक पैलोन ने प्रतिनिधि सभा में भारत के लद्दाख क्षेत्र में चीन की आक्रामकता की निंदा करते हुए कहा कि मैं चीन से अपनी सैन्य आक्रामकता खत्म करने की अपील करता हूं। यह संघर्ष शांतिपूर्ण माध्यमों से ही हल होना चाहिए.



'चीन ने 5,000 सैनिकों का भारतीय सीमा पर किया था जमावड़ा'
भारत-अमेरिका संबंधों का मजबूती से समर्थन करने वाले पैलोन 1988 से अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य हैं. ऐसे समय में जब वाशिंगटन डीसी में राजनीतिक विभाजन बढ़ गया है तब दोनों पार्टियों के प्रभावशाली सांसद चीन के खिलाफ भारत के रुख का समर्थन कर रहे हैं. पैलोन ने दावा किया कि झड़पों से कुछ महीने पहले चीन की सेना ने कथित तौर पर सीमा पर 5,000 सैनिकों का जमावड़ा किया और इसका स्पष्ट रूप से मतलब बल और आक्रामकता से सीमा का पुन: निर्धारण करना है.

भारतीय राजदूत को अमेरिकी सांसदों ने पत्र लिखा

चीन के खिलाफ भारत को समर्थन ट्वीट के जरिए, जन भाषणों, सदन के पटल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू को पत्र लिखकर किया गया. कई सांसदों ने चीन के खिलाफ अपना आक्रोश जताने के लिए संधू को फोन भी किया.

सीनेटर भारतीय सैनिकों के शहीद होने पर जताई संवेदनाएं

एक दिन पहले कोलोराडो से रिपब्लिकन सीनेटर कोरी गार्डनर ने संधू को फोन कर एलएसी में भारतीय सैनिकों के शहीद होने पर अपनी संवेदनाएं जताई. गार्डनर ने कहा कि अमेरिका और भारत के संबंध व्यापक, गहरे और प्रगति पर हैं. हमने यह चर्चा की कि हमारे राष्ट्रों के बीच क्षेत्र में साझा चुनौतियों तथा आक्रामकता का मुकाबला करने और हिंद-प्रशांत में नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग कितना महत्वपूर्ण है.

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कोलोराडो से रिपब्लिकन सीनेटर गार्डनर पूर्वी एशिया, प्रशांत और अंतरराष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीति पर सीनेट की विदेश मामलों की उपसमिति के अध्यक्ष भी हैं. सीनेटर रिक स्कॉट ने हफ्तों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर चीनी आक्रामकता के खिलाफ उनकी लड़ाई की तारीफ की थी.
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