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डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से 'कयामत की घड़ी' के करीब पहुंची दुनिया

डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से 'कयामत की घड़ी' के करीब पहुंची दुनिया

‘डूम्सडे क्लॉक’ एक सांकेतिक घड़ी है जो बताती है कि मानव सभ्यता धरती को तबाह करने के कितने करीब पहुंच चुकी है. इस घड़ी में अंतिम बार वर्ष 2015 में बदलाव कर इसे मध्यरात्रि से पांच से तीन मिनट करीब पहुंचा दिया गया था.

‘डूम्सडे क्लॉक’ एक सांकेतिक घड़ी है जो बताती है कि मानव सभ्यता धरती को तबाह करने के कितने करीब पहुंच चुकी है. इस घड़ी में अंतिम बार वर्ष 2015 में बदलाव कर इसे मध्यरात्रि से पांच से तीन मिनट करीब पहुंचा दिया गया था.

‘डूम्सडे क्लॉक’ एक सांकेतिक घड़ी है जो बताती है कि मानव सभ्यता धरती को तबाह करने के कितने करीब पहुंच चुकी है. इस घड़ी में अंतिम बार वर्ष 2015 में बदलाव कर इसे मध्यरात्रि से पांच से तीन मिनट करीब पहुंचा दिया गया था.

    परमाणु हथियारों और जलवायु परिवर्तन पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों ने दुनिया को कयामत की घड़ी के और नजदीक ला दिया है. उनकी बातों ने दुनिया को ज्यादा असुरक्षित कर दिया है.

    बुलेटिन ऑफ एटॉमिक साइंटिस्ट्स ने अपनी सांकेतिक ‘डूम्सडे क्लॉक’ (कयामत की घड़ी) को 30 सेकेंड आगे बढ़ाकर मध्यरात्रि के करीब करते हुए यह चेतावनी दी.

    ‘डूम्सडे क्लॉक’ एक सांकेतिक घड़ी है जो बताती है कि मानव सभ्यता धरती को तबाह करने के कितने करीब पहुंच चुकी है. इस घड़ी में अंतिम बार वर्ष 2015 में बदलाव कर इसे मध्यरात्रि से पांच से तीन मिनट करीब पहुंचा दिया गया था.

    ट्रंप ने जलवायु परिवर्तन के बारे में विवादास्पद टिप्पणियां की थी. किसी समय इसे फर्जी बताया था और कहा था कि इसके बारे में वह विचार करेंगे.

    ट्रंप के विवादित बयानों के अलावा भी हैं कई कारण

    वैज्ञानिकों और बुद्धिजीवियों का समूह जिसमें 15 लोग नोबेल पुरस्कार विजेता हैं, की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया है कि दुनियाभर में बढ़ता कट्टर राष्ट्रवाद, परमाणु हथियारों और जलवायु के मुद्दे पर राष्ट्रपति ट्रंप की टिप्पणी, वैश्विक सुरक्षा का अंधकारमय परिदृश्य जिसमें लगातार आधुनिक होती तकनीक रंग भर रही है और वैज्ञानिक विशेषज्ञता के प्रति बढ़ते अनादर के बीच इस घड़ी में बदलाव कर इसे मध्यरात्रि से ढाई मिनट पहले सेट किया गया.’’

    बुलेटिन बोर्ड ऑफ स्पांसर्स के अध्यक्ष लॉरेंस क्रॉस ने वॉशिंगटन स्थित नेशनल प्रेस क्लब में कहा, ‘‘यहां मौजूद किसी भी व्यक्ति के जीवनकाल में डूम्सडे क्लॉक को मध्यरात्रि के इतने करीब नहीं किया गया. पिछली बार 63 वर्ष पहले इसे वर्ष 1953 में करीब लाया गया था. तब सोवियत संघ ने पहले हाइड्रोजन बम का विस्फोट किया था.’’

    कब हुई थी डूम्सडे क्लॉक की स्थापना

    डूम्सडे क्लॉक की स्थापना वर्ष 1947 में हुई थी. तब से इसमें 19 बार बदलाव किया जा चुका है. वर्ष 1952 में इसे मध्यरात्रि से दो मिनट पहले किया गया था और वर्ष 1991 में मध्यरात्रि से 17 मिनट पहले कर दिया गया था.

    Tags: Donald Trump

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