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कुर्दों पर तुर्की के हमले को रोकने के लिए सीरिया की सरकार ने सेना भेजी

भाषा
Updated: October 15, 2019, 7:52 AM IST
कुर्दों पर तुर्की के हमले को रोकने के लिए सीरिया की सरकार ने सेना भेजी
तुर्की, कुर्द बलों को दूर रखने के लिए अपनी सीमा के पास एक क्षेत्र बनाना चाहता है जहां वह सीरिया के 36 लाख शरणार्थी में से कुछ को भेज सके

अमेरिका (America) का कहना है कि वह उत्तर सीरिया (North Syria) से एक हजार सैनिकों को बुलाने की योजना बना रहा है जिसमें अधिकतर थल सेना के सैनिक हैं.

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तल तमर. कुर्दों (Kurds) के खिलाफ तुर्की (Turkey) के हमले को रोकने के लिए सीरिया (Syria) की सरकार ने तुर्की की सीमा की ओर सोमवार को फौज भेजी है. यह सेना अमेरिकी सैनिकों (American Troops) का स्थान लेगी जिन्होंने सरहद पर से हटा शुरू कर दिया है. अमेरिका (America) के संरक्षण के बिना उत्तरपूर्वी सीरिया के स्वायत्त कुर्दों के पास तेजी से आगे बढ़ते तुर्की और सीरिया में उसके लिए परोक्ष रूप से काम करने वाली ताकतों को रोकने के लिए कुछ ही विकल्प बचे हैं.

तुर्की, कुर्द बलों को दूर रखने के लिए अपनी सीमा के पास एक क्षेत्र बनाना चाहता है जहां वह सीरिया के 36 लाख शरणार्थी में से कुछ को भेज सके. कुर्दों के साथ इस्लामिक स्टेट (Islamic State) के खिलाफ लड़ाई लड़ने और उन्हें मझधार में छोड़ने वाले अमेरिका और उसके साझेदारों ने तुर्की के हमले की निंदा की है लेकिन पाबंदियां लगाने की उसकी धमकियां हमला रोकने में विफल रही हैं.

ईयू ने की तुर्की की निंदा
लक्ज़मबर्ग में विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद एक संयुक्त बयान में यूरोपीय संघ (ईयू) ने कहा कि ईयू तुर्की की सैन्य कार्रवाई की निंदा करता है जिसने समूचे क्षेत्र की स्थिरता और सुरक्षा को खतरे में डाला है. संगठन ने कहा कि फ्रांस और जर्मनी समेत कुछ सदस्यों ने तुर्की को हथियारों के निर्यात रोकने का निर्णय किया है लेकिन यूरोपीय संघ के व्यापक प्रतिबंध नहीं लगाए.

मंत्रियों ने साइप्रस के तट से तेल और गैस के लिए तुर्की की ड्रिलिंग पर प्रतिबंधों के लिए कानूनी ढांचा बनाने को मंजूरी दे दी है. अमेरिका का कहना है कि वह उत्तर सीरिया से एक हजार सैनिकों को बुलाने की योजना बना रहा है जिसमें अधिकतर थल सेना के सैनिक हैं. तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने सोमवार को इसका स्वागत करते हुए इसे ‘सकारात्मक दृष्टिकोण’ बताया.

कुर्दों के शिविर से भागे आईएस से जुड़े विदेशी लोग
तुर्की के हमले से मची अव्यवस्था का फायदा उठाकर कुर्दों के शिविर से आईएस से संबंधित 800 विदेशी महिलाएं एवं बच्चे भाग गए हैं. कुर्दों ने बार बार आगह किया था कि पश्चिमी देशों के आईएस से जुड़े अपने नागरिकों को वापस लेने से इनकार करने और अमेरिकी बलों के चले जाने से आतंकवादी भाग सकते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को खत्म करना चाहते हैं.
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ट्रंप ने सोमवार को कहा कि कुर्द अमेरिका को सीरिया में उलझाए रखने के लिए आईएस से जुड़े कैदियों को छोड़ रहा हैं.

रूस निभा रहा मध्ययस्थ की भूमिका
स्थिति को देखते हुए रूस ने बिना समय गवाए कुर्दों और सीरियाई सरकार के बीच समझौता करा दिया. रूस सीरिया में पहले से ही मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. सीरिया और कुर्दों के बीच संबंधों में खटास इसलिए आ गई थी कि अल्पसंख्यकों ने अमेरिका को अपना समर्थन दे दिया था और एकतरफा तौर पर स्वशासन घोषित कर दिया था.

कुर्द प्रशासन ने रविवार देर शाम एक बयान में कहा, ‘‘ हमले को रोकने और उसका मुकाबला करने के लिए सीरियाई सरकार के साथ एक समझौता हुआ है.’’

कुर्दों ने कहा-चुनेंगे लोगों की जिंदगी
फॉरेन पॉलिसी पत्रिका में प्रकाशित एक संपादकीय में कुर्दों के मुख्य बल के प्रमुख ने लिखा है कि अगर हमें समझौता करने और अपने लोगों के जनसंहार के बीच किसी को चुनना पड़ा तो हम निश्चित रूप से अपने लोगों की जिदंगी को चुनेंगे. तल तमर शहर के लोगों ने सरकारी बलों का स्वागत किया. सीरिया के सरकारी टीवी पर दिखाया गया है कि वे राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रपति बशर अल असद की तस्वीरें लहरा रहे थे.

ब्रिटेन की निगरानी संस्था सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यमून राइट्स ने कहा कि उत्तरी प्रांत रक्का के तबका और ऐन इस्सा शहरों में सीरियाई बल तैनात किए गए हैं. निगरानी संस्था के मुताबिक, तुर्की के हमले में एसडीएफ के 128 लड़ाके और 69 आम लोगों की मौत हुई है. संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि 130,000 लोग विस्थापित हुए हैं.

तुर्की के सूत्रों ने बताया कि तुर्की की तरफ कुर्दों से लड़ने में या गोलीबारी की चपेट में आने से चार सैनिकों और 18 आम लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. यह हमला छह दिन पहले किया गया था. निगरानी संस्था ने बताया है कि हमले में तुर्की समर्थित सीरियाई बलों के 94 लड़ाके मारे गए हैं.

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First published: October 14, 2019, 11:33 PM IST
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