एस्प्रीन की आधी गोली से होगा लीवर कैंसर का रिस्क आधा- रिसर्च का दावा

एस्प्रीन की आधी गोली से होगा लीवर कैंसर का रिस्क आधा- रिसर्च का दावा
कैंसर को लेकर एक नई रिसर्च सामने आई है.

रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि जो लोग एस्प्रीन की आधी गोली रोज लेते हैं, उनमें लीवर कैंसर होने की संभावना 43 फीसदी तक कम पाई गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2020, 4:37 PM IST
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एक नए रिसर्च (Research) से पता चला है कि रोज एस्प्रीन (aspirin) की आधी गोली लेने से लीवर कैंसर (Liver Cancer) का रिस्क आधा हो जाता है. हॉवर्ड के वैज्ञानिकों की एक रिसर्च में इस बात का दावा किया जा रहा है. रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि जो लोग एस्प्रीन की आधी गोली रोज लेते हैं, उनमें लीवर कैंसर होने की संभावना 43 फीसदी तक कम पाई गई है.

इस दवा की वजह से लीवर के कारण होने वाली दूसरी मौतों में भी कमी दर्ज की गई है. मसलन- फैटी लीवर की बीमारी, जिसकी वजह से करीब 25 फीसदी मौतें होती हैं.

50 हजार लोगों पर हुए 8 साल की रिसर्च के बाद निकला नतीजा
डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक रिसर्च को न्यू इंग्लैंड जरनल ऑफ मेडिसीन में जगह मिली है. इस रिसर्च के लिए वैज्ञानिकों की टीम ने करीब 50 हजार लोगों से बात की. वैज्ञानिकों ने स्वीडेन में हेपीटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों से बात की. हेपीटाइटिस की वजह से लीवर कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है.



वैज्ञानिकों की टीम ने ऐसे मरीजों को एस्प्रीन का कम डोज़ प्रति दिन देना शुरू किया. वो आधी गोली यानी करीब 163 एमजी का डेली डोज़ मरीजों को देने लगे. इससे मरीजों के दर्द में राहत मिली.



करीब 8 साल बाद इस एक्सपेरिमेंट का नतीजा देखा गया. पता चला कि दवा खाने वाले 4 फीसदी लोगों को कैंसर ने अपनी चपेट में ले लिया था, जबकि दवा नहीं लेने वाले 8.3 फीसदी लोग कैंसर के शिकार बने थे. यानी दवा नहीं लेने वाले मरीजों की तुलना में दवा खाने वाले मरीजों में कैंसर होने की संभावना आधी निकली.खास बात ये रही कि जिन लोगों ने लंबे वक्त तक दवा ली, उन्हें उतना ही फायदा मिला.

एक्सपर्ट्स का दावा आंतों के कैंसर में भी एस्प्रीन के फायदे
अब वैज्ञानिक इसके अगले स्तर का प्रयोग कर रहे हैं. वो पता कर रहे हैं कि क्या दवा के जरिए कुछ वक्त के लिए कैंसर की बीमारी भगाई जा सकती है. इसके पहले वैज्ञानिक ये भी बता चुके हैं कि एस्प्रीन का लो डोज़ आंतों के कैंसर के रिस्क को भी कम कर देता है.

लीवर कैंसर की वजह से आजकल काफी मौतें हो रही है. ये एक ऐसा कैंसर है, जो लीवर में विकसित होता है और उसकी कोशिकाओं को नष्ट करने लगता है. इससे लीवर नॉर्मल नहीं रह जाता है. उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है. लीवर कैंसर दो तरह के होते हैं- पहला प्राथमिक लीवर कैंसर. इसमें कैंसर लीवर की कोशिकाओं में शुरू होता है. दूसरे प्रकार के कैंसर को जिगर मेटास्टेसिस या द्वितीयक लीवर कैंसर कहते हैं. इसमें कैंसर कहीं और से शुरू होकर लीवर तक पहुंच जाता है.

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