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अफगानिस्तान में तालिबान का खूनी खेल, अलग-अलग हमलों में सरकारी अधिकारियों को बनाया निशाना

भाषा
Updated: October 13, 2019, 2:42 PM IST
अफगानिस्तान में तालिबान का खूनी खेल, अलग-अलग हमलों में सरकारी अधिकारियों को बनाया निशाना
अफगानिस्तान में तालिबान ने सरकारी अधिकारियों को कई जगहों पर निशाना बनाया

अफगानिस्तान ( Afghanistan) की राजधानी काबुल (Kabul) में तालिबानी आतंकवादियों का हमला अमेरिका के साथ शांति वार्ता समाप्त होने के बाद से लगातार जारी हैं.

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काबुल. अफगानिस्तान ( Afghanistan) की राजधानी काबुल (Kabul) में तालिबानी आतंकवादियों (aliban terrorists) ने एक सरकारी अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी. गवर्नर के प्रवक्ता मोहीबुल्ला शरीफजई ने बताया कि बंदूकधारियों ने पूर्वी मैदान वरदक प्रांत के जगहातु जिला प्रमुख राज़ मोहम्मद की हत्या कर दी. उन्होंने बताया कि मोहम्मद को शनिवार को काबुल में निशाना बनाया गया था. वहीं तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है.

इस बीच उत्तरी परवान प्रांत के पुलिस प्रमुख मोहफोज वलीजादा ने भी बताया कि चराकर में कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने प्रांतीय अपीलीय अदालत के एक अभियोजक की गोली मारकर हत्या कर दी. उन्होंने बताया कि शनिवार को हुए हमले की जांच जारी है.

तालिबान ने अफगानिस्तान के अलग-अलग स्थानों पर सरकारी अधिकारियों पर हमला करके हत्या की.


उत्तरी बल्ख प्रांत में एक मौलवी की गोली मारकर हत्या

उत्तरी बल्ख प्रांत के पुलिस प्रवक्ता आदिल शाह आदिल ने बताया कि अज्ञात बंदूकधारियों ने सरकार समर्थक एक स्थानीय मौलवी की गोली मारकर हत्या कर दी. हालांकि परवान और बल्ख में हुए हमले की किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन दोनों प्रांतों में तालिबान सक्रिय है.

गौरतलब है कि अमेरिका ने हालिया तालिबानी हमले के मद्देनजर उनसे चल रही शांति वार्ता को भंग कर दिया है. जिसके बाद से अफगानिस्तान में तालिबान का हमला लगातार जारी है. बता दें कि विगत महीने राजधानी काबुल में तालिबान ने एक जबरदस्त आत्मघाती विस्फोट से हमला किया था. तालिबान के इस हमले में पांच लोगों की मौत हो गई थी. यह विस्फोट शस दरक इलाके में हुआ था. जहां काफी सुरक्षा व्यवस्था रहती है.

अमेरिका से शांति वार्ता खत्म होने के बाद तालिबान के हमले लगातार जारी
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बता दें कि हमले वाले इलाके में खुफिया एजेंसी राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशालय (एनडीएस) के दफ्तर समेत कई अहम इमारते स्थित हैं. यह पूरा इलाका ग्रीन जोन के निकट होने के कारण भारी सुरक्षा व्यवस्था रहती है.  तालिबान के सितंबर के आत्मघाती हमले में एक अमेरिकी सैनिक भी मारा गया था.

सितंबर में तालिबान के एक आत्मघाती हमले में पांच लोग मारे गए.


हालांकि अमेरिका द्वारा वार्ता से पीछे हटने के बावदूत तालिबान के प्रतिनिधियों से अमेरिकी प्रतिनिधि के बीच वार्ता चुपचाप चल रही है.  हाल ही में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में तालिबान प्रतिनिधि और अमेरिकी वार्ताकार के बीच एक वार्ता संपन्न हुई है. जिसके परिणाम स्वरूप 2018 में तालिबान द्वारा बंधक बनाए गए तीन भारतीय इंजीनियरों को छोड़ा गया है.

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First published: October 13, 2019, 2:37 PM IST
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