मानव बम के तौर पर इस्तेमाल के लिए बड़े पैमाने पर बच्चों की भर्ती कर रहा तालिबान

ज्यादा से ज्यादा बच्चों की भर्ती के लिए तालिबान घर-घर जाकर लोगों से उनके बच्चों को मांग रहा है.

ज्यादा से ज्यादा बच्चों की भर्ती के लिए तालिबान घर-घर जाकर लोगों से उनके बच्चों को मांग रहा है.

बच्चों के इस्तेमाल के पीछे तालिबान की सोच न सिर्फ टारगेट के करीब जाने की है बल्कि बच्चों को ह्यूमन शील्ड के तौर पर इस्तेमाल कर अफगान फोर्सेज का मनोबल तोड़ने की है.

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नई दिल्ली. तालिबान (Taliban) मानव बम और ह्यूमन शील्ड के तौर पर इस्तेमाल के लिए बड़े पैमाने पर बच्चों की भर्ती कर रहा है. इसके लिए पिछले कुछ महीनों में 1000 से ज्यादा बच्चों की भर्ती की जा चुकी है. तालिबान अफ़ग़ान फोर्सेज (Afghan Forces) के खिलाफ बच्चों के इस्तेमाल की खतरनाक साज़िश रच रहा है. बच्चों के इस्तेमाल के पीछे तालिबान की सोच न सिर्फ टारगेट के करीब जाने की है बल्कि बच्चों को ह्यूमन शील्ड के तौर पर इस्तेमाल कर अफगान फोर्सेज का मनोबल तोड़ने की है. टारगेट के करीब एक बच्चे को जाता देख कोई उस पर शक नहीं करेगा और ह्यूमन शील्ड के तौर पर एक बच्चे को देख अफ़ग़ान फोर्सेज हथियारों का इस्तेमाल करने से झिझकेंगे. इसी का फायदा तालिबान उठाना चाहता है. ज्यादा से ज्यादा बच्चों की भर्ती के लिए तालिबान घर-घर जाकर लोगों से उनके बच्चों को मांग रहा है.

11-सितंबर तक अमेरिकी फोर्सेज के पूरी तरह हटने के बाद अफगानिस्तान में उथल पुथल और कॉन्फ्लिक्ट के एक नए दौर की आशंका जताई जा रही है. तालिबान अफगानिस्तान के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर चुका है, वो तेज़ी से अफगान सेना के कब्जे वाले इलाकों की ओर बढ़ रहा है. इन्हीं इलाकों को अपने हक़ में करने के लिए वो बच्चों का इस्तेमाल करने की खतरनाक साज़िश रच रहा है. जून के महीने में अफ़ग़ान सुरक्षा बलों को बड़ा नुकसान पहुंचाने और उनका मनोबल तोड़ने के लिए तालिबान सालों से बड़े हमले को अंजाम देता रहा है. इसे Spring offensive के नाम से भी जाना जाता है.

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पाकिस्तान चल रहा दोहरी चाल
इधर पाकिस्तान भी दोहरी चाल चल रहा है. अफगानिस्तान में भारत का बड़ा निवेश है .पाकिस्तान तालिबान को भारत के खिलाफ भड़का रहा है ताकि तालिबान भारतीय हितों को नुकसान पहुंचा सके. इसके पीछे पाक का एक मक़सद ये भी है कि अगर तालिबान भारतीय हितों को नुकसान पहुंचाने में व्यस्त रहेगा तो वो अफ़ग़ान पाकिस्तान इलाके और वहां से थोड़ी ही दूर चीन के शिनजियांग इलाके में चीनी हितों को टॉरगेट नहीं कर पाएगा.

तालिबान शिनजियांग के वीगर मुसलमानों के चीनी दमन के खिलाफ है. अगर तालिबान अफगानिस्तान में भारत के बनाए इन्फ्रास्ट्रक्चर को तबाह करता है तो पाक चीन से कहेगा कि तालिबान ने इसे बर्बाद किया है. तालिबान का भारतीय ठिकानों और हितों पर हमला करना चीन के हितों को सुरक्षित रखने की पाकिस्तान तालिबान की संयुक्त रणनीति का हिस्सा है और इस तरह पाकिस्तान तालिबान को वीगर मुसलमानों को मदद करने से रोक रहा है.

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इससे चीन पाकिस्तान रिश्तों में और मज़बूती आएगी. ऐसे में आने वाले दिन अफगानिस्तान में भारतीय हितों के लिए मुश्किल भरे हो सकते हैं.

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