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तालिबान के चुंगल से डेढ़ साल बाद आजाद हुए तीन भारतीय इंजीनियर- रिपोर्ट

News18Hindi
Updated: October 7, 2019, 11:45 AM IST
तालिबान के चुंगल से डेढ़ साल बाद आजाद हुए तीन भारतीय इंजीनियर- रिपोर्ट
प्रमुख नेता शेख अब्दुल रहमान और मौलवी अब्दुल राशिद सहित कई तालिबानियों को मुक्त किया गया है.

अफगानिस्तान (Afghanistan) में काम करने वाले तीन भारतीय इंजीनियरों को 2018 में तालिबान द्वारा अपहरण कर लिया था. तालिबान ने कहा है कि वह अपने 11 महत्वपूर्ण नेताओं की रिहाई के बदले में भारतीय बंधकों को छोड़ने के लिए राजी हुआ है.

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  • Last Updated: October 7, 2019, 11:45 AM IST
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इस्लामाबाद. अफगानिस्तान (Afghanistan) में बंधक 3 भारतीय इंजीनियरों (3 Indian Engineers) को तालिबान (Taliban) ने अमेरिका से वार्ता के बाद रिहा कर दिया है. इस्लामाबाद में अमेरिकी प्रतिनिधि जलमी खलीलजाद और तालिबान के बीच हुई वार्ता के बाद यह सुखद परिणाम सामने आया है. वहीं अमेरिका ने भी इस रिहाई के बदले 11 तालिबानी नेताओं को रिहा किया है. जिसमें दो प्रमुख तालिबानी नेता शेख अब्दुल रहमान और मौलवी अब्दुल राशिद शामिल हैं.

गौरतलब है कि अफगानिस्तान के एक पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 3 भारतीयों का तालिबान द्वारा 2018 में अपहरण कर लिया गया था. अमेरिका सेना ने 11 तालिबानी बंदियों को बगराम एयरबेस से रिहा किया है. रिहा किए गए कैदियों में दोनों प्रमुख तालिबानी नेता शामिल हैं, जिन्होंने 2001 में तालिबान शासन के दौरान कुनार और निमरोज प्रदेश के गवर्नर के रूप में काम किया है.

तालिबान प्रतिनिधिमंडल


बंधकों की अदला-बदली रविवार को हुई

वहीं एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने तालिबानी सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि बंधकों की यह अदला-बदली रविवार को की गई. लेकिन इसको किस जगह अंजाम दिया गया, इसकी जानकारी उन्होंने नहीं दी. समाचारपत्र ने आरएफई/आरएल की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि तालिबान के सदस्यों ने नाम उजागर ना करने की शर्त पर यह जानकारी दी और मामले को संवेदनशील बताया.

उन्होंने इस संबंध में कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया कि आतंकवादी समूह ने किसके साथ बंदियों की अदला-बदली की और क्या रिहा किए गए तालिबान के सदस्यों को अफगानिस्तान में अफगान अधिकारियों या अमेरिकी सेना ने बंधक बना रखा था या नहीं.

तालिबान ने रिहा किए गए सदस्यों का स्वागत किया. 

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तालिबान के सदस्यों ने फोटो और फुटेज मुहैया कराई जिसमें उन्होंने दावा किया कि रिहा किए गए सदस्यों का स्वागत किया गया. अफगान या भारतीय अधिकारियों ने तत्काल इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है. उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान के उत्तरी बघलान प्रांत स्थित एक ऊर्जा संयंत्र में काम करने वाले भारतीय इंजीनियरों का मई 2018 में अपहरण कर लिया गया था. उनके अपहरण की किसी समूह ने कोई जिम्मेदारी नहीं ली थी.

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First published: October 7, 2019, 10:28 AM IST
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