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ऑस्ट्रेलिया में 10,000 ऊंटों को मारी जाएगी गोली, वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप

News18Hindi
Updated: January 8, 2020, 12:31 PM IST
ऑस्ट्रेलिया में 10,000 ऊंटों को मारी जाएगी गोली, वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप
ऑस्ट्रेलिया में 10,000 ऊंटों को मारी जाएगी गोली

दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के अनंगु पीतजंतजतारा यनकुनितज्जतजरा लैंड्स (Anangu Pitjantjatjara Yankunytjatjara lands) के आदिवासी नेता ने पानी की कमी से जूझ रहे 10 हजार जंगली ऊंटों को मारने का आदेश जारी कर दिया है.

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  • Last Updated: January 8, 2020, 12:31 PM IST
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कैनबरा. ऑस्ट्रेलिया (Australia) के न्यू साउथ वेल्स (New South Wales) के जंगलों में लगी आग (Fire) अब बहुत ही खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है. पिछले साल सितंबर से लगी इस आग की चपेट में आने से न केवल दर्जनों लोग मारे जा चुके हैं, बल्कि करीब 50 करोड़ जानवरों और पक्षियों की मौत हो चुकी है. हालात ऐसे हो चुके हैं कि जंगली जानवर पानी की तलाश में शहर की तरफ भागने लगे हैं. यही कारण है कि अब दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के अनंगु पीतजंतजतारा यनकुनितज्जतजरा लैंड्स (Anangu Pitjantjatjara Yankunytjatjara lands,  APY) के आदिवासियों के नेता ने पानी की कमी से जूझ रहे 10 हजार जंगली ऊंटों को मारने का आदेश जारी कर दिया है. खबर है कि दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में हेलीकॉप्टर से कुछ प्रोफेशनल शूटर 10,000 से ज्यादा जंगली ऊंटों को मार गिराएंगे.

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के लोगों की शिकायत थी कि जंगल में आग लगने के कारण जंगली जानवर पानी के लिए उनके घरों में घुस रहे हैं. स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद आदिवासी नेताओं ने 10 हजार ऊंटों को मारने का फैसला किया है. इसी के साथ नेताओं ने चिंता जताई है कि ये ऊंट एक साल में एक टन कार्बन डाईऑक्साइड के बराबर मीथेन का उत्सर्जन करते हैं, जिसके कारण ग्लोबल वार्मिंग पर असर दिखाई दे रहा है.

APY के कार्यकारी बोर्ड के सदस्य मारिया बेकर के मुताबिक जंगल में आग लगने के कारण जानवर अब घरों में घुसने लगे हैं. ऊंट घरों में लगे एयरकंडीशनरों के जरिए पानी पीने की कोशिश कर रहे हैं. राष्ट्रीय कीट ऊंट प्रबंधन ने दावा किया है कि जंगली ऊंट की आबादी हर नौ साल में दोगुनी हो जाती है. ऊंटों को पानी की काफी जरूरत होती है जिसे पूरा करना नामुमकिन है. ऊंटों की स्थिति को देखते हुए 10 हजार ऊटों को मारने का फैसला किया गया है.

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वैज्ञानिकों का इस मामले में है अलग तर्क
कार्बन खेती के विशेषज्ञ रेगेनोको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम मूर ने कहा कि ये जानवर हर साल एक टन कार्बन डाईऑक्साइड के बराबर मिथेन का उत्सर्जन कर रहे हैं. यह सड़कों पर चलने वाली 4 लाख कारों के बराबर है. ऐसे में जंगली ऊंटों को मार देना ही सही है.

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First published: January 8, 2020, 11:33 AM IST
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