थाईलैंड: रानी के खिलाफ हिंसा के आरोप में दो प्रदर्शनकारी गिरफ्तार, उम्रकैद की होगी सजा!

थाईलैंड में रानी के खिलाफ हिंसा के मामल में दो प्रदर्शनकारी गिरफ्तार किए गए हैं. फोटो: AP
थाईलैंड में रानी के खिलाफ हिंसा के मामल में दो प्रदर्शनकारी गिरफ्तार किए गए हैं. फोटो: AP

THAILAND PROTEST: थाईलैंड में दो प्रदर्शनकारियों को रानी के खिलाफ हिंसा (Attack On Queen of Thailand) करने के आरोप में गिरफ्तार (Two Protestor Arrested) कर लिया गया है. इन दोनों को संभव है कि उम्र कैद (Life Imprisonment) की सजा भुगतनी पड़ सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 17, 2020, 11:55 AM IST
  • Share this:
बैंकॉक. थाईलैंड में दो प्रदर्शनकारियों को रानी के खिलाफ हिंसा (Attack On Queen of Thailand) करने के आरोप में गिरफ्तार (Two Protestor Arrested) कर लिया गया है. इन दोनों को संभव है कि उम्र कैद (Life Imprisonment) की सजा भुगतनी पड़ सकती है. बुधवार को बैंकॉक में रानी सुथिडा की मोटरगाड़ी के पीछे प्रदर्शनकारियों को चिल्लाने, नारे लगाने और थ्री फिंगर की सलामी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. थ्री फिंगर सलामी हंगम गेम्स फिल्म से प्रेरित है. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रानी की कार को पीछे से धक्का देते हुए देखा. प्रदर्शनकारियों ने ऐसा ही राजा महा वाजिरालोंगकोर्न के सबसे छोटे बेटे राजकुमार दिपांगकोर्न के साथ किया, जिन्हें पुलिस की सहायता से इनसे बचाकर निकाला गया.

सजा ए मौत भी हो सकती है

थाईलैंड के मानवाधिकार के वकील ने बताया कि बंकुएनन फ्रांसिस पाओठोंग और एकचाई हांगकांगवान पर थाईलैंड के क्रिमिनल कोड की धारा 110 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि रानी पर हमले के चलते धारा 110 के तहत दोषी पाए जाने पर उम्रकैद यानि कम से कम 16 साल की जेल होगी. अगर इस मामले में हमले के चलते अगर रानी की जिंदगी खतरे में पड़ने की बात पर विचार किया गया तो दोनों को सजा ए मौत की सजा भी दी जा सकती है. मानवाधिकार के वकील पूनसुक पूनसल्चारियान ने कहा कि दोनों प्रदर्शनकारियों को उम्मीद है कि ज्यादा से ज्यादा उम्रकैद की सजा हो सकती है. एकचाई ने पुलिस के सामने खुद आत्मसमर्पण किया.



थाईलैंड में आपातकाल की हो चुकी है घोषणा
थाईलैंड में राजतंत्र में सुधार और प्रधानमंत्री प्रयुत चान ओचा के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र पिछले तीन महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं. राजधाीन बैंकाक की सड़कों पर हजारों लोग राजा महा वजिरलांगकोर्न की सत्ता को खुले तौर पर चुनौती दे रहे हैं. थाइलैंड में राजशाही को खत्म कर लोकतंत्र की बहाल करने की मांग पिछले तीन महीने से की जा रही है. छात्रों के लगातार विरोध जारी रहने के चलते देश में शुक्रवार को आपातकाल लगाने की घोषणा कर दी गई.

ये भी पढ़ें: फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद का कार्टून दिखाने पर शिक्षक की गला रेतकर हत्या 

मैं जिंदगी में जितने लोगों से मिला, उनमें डोनाल्ड ट्रंप सर्वाधिक दोषपूर्ण व्यक्ति: जॉन कैली 

थाईलैंड में राजतंत्र में सुधार और प्रधानमंत्री प्रयुत चान ओचा के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र पिछले तीन महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं. राजधाीन बैंकाक की सड़कों पर हजारों लोग राजा महा वजिरलांगकोर्न की सत्ता को खुले तौर पर चुनौती दे रहे हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज