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ब्रिटेन चुनाव: लेबर पार्टी को भारतीय समुदाय का करारा जवाब- हमसे पंगा मत लेना

News18Hindi
Updated: December 14, 2019, 3:25 PM IST
ब्रिटेन चुनाव: लेबर पार्टी को भारतीय समुदाय का करारा जवाब- हमसे पंगा मत लेना
कॉर्बिन के भारत विरोधी रुख के चलते पाकिस्तान ने अधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा था कि वो चाहते है कि लेबर पार्टी को ही चुनाव में जीत मिले

लेबर पार्टी ( Labour Party) के नेता जेरमी कॉर्बिन (Jeremy Corbyn) भारत विरोधी कदमों के लिए जाने जाते थे. पार्टी के मैनिफेस्टो में कश्मीर का ज़िक्र था और वो इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करना चाहते थे.

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  • Last Updated: December 14, 2019, 3:25 PM IST
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लंदन. ब्रिटेन के आम चुनाव (British election) में सत्ताधारी कंज़र्वेटिव पार्टी को बड़ी जीत मिली है. 650 सीटों वाली संसद में पार्टी ने बहुमत के लिए ज़रूरी 326 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया है. लेबर पार्टी के नेता जेरमी कॉर्बिन (Jeremy Corbyn) को करारी हार का सामना करना पड़ा.

कश्मीर का मुद्दा उठाना पड़ा महंगा
लेबर पार्टी के नेता कॉर्बिन भारत विरोधी कदमों के लिए जाने जाते थे. पार्टी के मैनिफेस्टो में कश्मीर का ज़िक्र था और वो इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करना चाहते थे. उनकी पार्टी ने जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाये जाने का भारी विरोध किया था. उन्होंने इस मुद्दे पर आपात प्रस्ताव का समर्थन किया था. कॉर्बिन ने ट्वीट कर बताया था कि उन्होंने ब्रिटेन में भारत के प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर कश्मीर में मानवाधिकारों की स्थिति पर चर्चा की. कॉर्बिन के इस ट्वीट पर कांग्रेस को सफाई देनी पड़ी थी. अब उनकी हार से भारत के साथ लंबे समय से चली आ रही कूटनीतिक लड़ाई खत्म हो गई है.

पाकिस्तान को झटका

कॉर्बिन के भारत विरोधी रुख के चलते पाकिस्तान ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा था कि वो चाहते हैं कि लेबर पार्टी को ही चुनाव में जीत मिले, लेकिन अब कॉर्बिन की हार से पाकिस्तान को झटका लगा है.

कश्मीर पर राजनीति क्यों?
कॉर्बिन ने अगर कश्मीर के खिलाफ बयान न दिया होता तो वो भारतीय समुदाय का दिल जीत सकते थे. लेकिन ब्रिटेन में भारतीय समुदाय से जुड़े 130 संगठनों ने कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के खिलाफ जारी प्रस्ताव को लेकर लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन को चिट्ठी लिखकर विरोध दर्ज कराया. संगठन ने कहा कि उनकी पार्टी ने कश्मीर पर ब्रिटिश राजनीतिक पार्टियों के स्टैंड का उल्लंघन किया है जो इस मुद्दे को भारत-पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा मानता है.कॉर्बिन का विरोध
इसके बाद कंज़र्वेटिव पार्टी को भारतीय समुदाय के लोगों ने समर्थन करना शुरू कर दिया. उस वक्त कंज़र्वेटिव पार्टी की लॉर्ड रामी रैंजर ने CNN-News18 से कहा था कि उन्होंने चुनाव में इस तरह भारतीय समुदाय को राजनीतिक ताकत के तौर पर उभरते हुए नहीं देखा था. अब इस ताकत की जीत आपके सामने हैं.

भारतीय समुदाय का दबदबा
चुनाव से दो हफ्ते पहले एक सर्वे में कहा गया था कि लेबर पार्टी को 12 फीसदी भारतीय समुदाय के वोट शेयर का झटका लगेगा. नतीजे भी कुछ इसी दर्ज पर आए. कंज़र्वेटिव पार्टी के सांसद वॉब ब्लैकमैन ने कहा, 'कंज़र्वेटिव पार्टी को भारतीय समुदाय के बदौलत कम से कम 10 सीटों पर जीत मिली'.

भारतीय समुदाय के पास लाखों वोट है. अगर वो चाहेंगे तो उनकी वोटों की कीमत बढ़ जाएगी. जैसा इस बार हुआ है. पहले के चुनाव में भारतीयों के वोट बिखर गए थे. लेकिन इस बार इन सबने एक साथ कंज़र्वेटिव पार्टी को वोट दिया. इतना ही नहीं इस बार ज्यादा से ज्यादा संख्या में भारतीय वोटरों ने अपना वोट दिया.

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First published: December 14, 2019, 1:39 PM IST
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