म्यांमार: तख्तापलट करने वाले नेता ने कहा- लोकतंत्र के लिए सेना का देना होगा साथ

कॉन्सेप्ट इमेज.

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म्यांमार में तख्तापलट (Myanmar Coup) में शामिल सीनियर जनरल मिन आंग लाइंग ने लोगों से कहा कि अगर वे लोकतंत्र (Democracy) चाहते हैं तो उन्हें सेना के साथ मिलकर काम करना होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 12, 2021, 2:26 PM IST
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यंगून. म्यांमार में तख्तापलट (Myanmar Coup) में शामिल एक नेता ने देश में ‘एकता दिवस’ के मौके पर शुक्रवार को लोगों से कहा कि अगर वे लोकतंत्र चाहते हैं तो उन्हें सेना के साथ मिलकर काम करना होगा. वहीं, देश के निर्वाचित नेताओं की रिहाई के लिए लोगों का प्रदर्शन (Protest) भी जारी है. सीनियर जनरल मिन आंग लाइंग ने कहा, ‘‘मैं समूचे राष्ट्र से पूरी गंभीरता से अपील करता हूं कि लोकतंत्र को वास्तव में बहाल करने के लिए लोगों को सेना के साथ हाथ मिलाना चाहिए.’’

उन्होंने कहा, ‘‘अतीत की घटनाओं ने हमें सिखाया है कि सिर्फ राष्ट्रीय एकता ही देश को विघटन से रोकने और अखंडता एवं संप्रभुता बनाए रखने में कारगर है.’’ सेना के कमांडर का यह संदेश शुक्रवार को ‘ग्लोबल न्यू लाइट ऑफ म्यांमा’ अखबार में प्रकाशित हुआ है. नए सैन्य शासन ने यह भी घोषणा की कि वह ‘एकता दिवस’ के मौके पर हजारों कैदियों को रिहा करेगी और अन्य कैदियों की सजा कम करेगी.p

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1 फरवरी को हुआ था तख्तापलट
मिन आंग लाइंग म्यांमार में एक फरवरी को हुए तख्तापलट में शामिल थे. सेना ने कहा कि उसे यह कदम इसलिए उठाना पड़ा क्योंकि सू ची की सरकार नवंबर में हुए चुनाव में धोखाधड़ी के आरोपों की उचित तरीके से जांच करने में नाकाम रही. हालांकि चुनाव आयोग ने कहा कि इन दावों की पुष्टि के लिए कोई सबूत नहीं हैं.

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